बरेली मे भाजपा के 2 मंत्री, 7 विधायक 1 मेयर होने के बाबजूद कान्हा उपवन में 11 गोवंश की भूख प्यास से तड़प-तड़प के मौत

बरेली के कान्हा उपवन में एक सप्ताह में 11 गोवंश की मौत से चारा-पानी और इलाज की व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। नगर निगम ने पशु कल्याण अधिकारी को नोटिस देकर जवाब मांगा है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: गोवंश संरक्षण को लेकर किए जा रहे दावों के बीच बरेली के कान्हा उपवन में 11 गोवंश की मौत का मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। आरोप है कि गोवंश भूख-प्यास से तड़पते रहे और उन्हें पर्याप्त चारा-पानी व इलाज नहीं मिल सका। मामला सामने आने के बाद गौरक्षकों में आक्रोश है और पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, गोवंश की मौत की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

11 गोवंश की मौत, नगर निगम ने भी शुरू की कार्रवाई

बताया गया है कि करीब एक सप्ताह के भीतर कान्हा उपवन में 11 गोवंश की मौत हुई। आरोपों में चारा-पानी की कमी और इलाज में लापरवाही की बात कही गई है। नगर निगम ने मामले में पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

भूसा सप्लायर और गौशाला प्रबंधन पर FIR

गौरक्षकों के आक्रोश के बाद सीबीगंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। एफआईआर में रचित अग्रवाल (आर.के. एंटरप्राइजेज), विशाल मल्होत्रा, गौशाला सुपरवाइजर विजय उर्फ बनवारी तथा अज्ञात केयरटेकर और संचालक को नामजद किया गया है। इन पर पशु क्रूरता, लापरवाही और गोवंश की मौत से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में नामजद होना आरोप है, दोष सिद्ध होना नहीं।

वन मंत्री और पशुधन मंत्री के गृह जनपद में भूख प्यास से तड़प तड़प कर मर रही गाय

बरेली में सत्ता पक्ष के पास जनप्रतिनिधियों की कमी नहीं है। शहर में भाजपा के सात विधायक, 2 मंत्री एक सांसद है, 1 मेयर है . डॉ. अरुण कुमार विधायक वन मंत्री बरेली शहर (124), संजीव अग्रवाल: बरेली कैंटोनमेंट (125).धर्मपाल सिंह: विधायक मंत्री आंवला (126),डॉ. डी.सी. वर्मा: मीरगंज (119), डॉ. राघवेंद्र शर्मा: बिथरी चैनपुर (123), डॉ. एम.पी. आर्या: नवाबगंज (121), भाजपा मेयर उमेश गौतम, छत्रपाल सिंह सांसद होने के बावजूद गौशाला की यह तस्वीर राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सवाल खड़े करती है।

कान्हा उपवन में क्षमता से अधिक गोवंश होने की समस्या को देखते हुए सुंदरासी में 500 से अधिक क्षमता वाली नई गौशाला का निर्माण तेज किया जा रहा है। नगर आयुक्त ने अधिकारियों को गोवंश की देखरेख के लिए प्रतिदिन अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने के निर्देश भी दिए हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि 11 गोवंश की मौत के लिए वास्तविक रूप से कौन जिम्मेदार है।

रिपोर्ट – सुनील सक्सेना, बरेली

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