पुलिस भर्ती परीक्षा के बीच बड़ा हादसा! छात्रा के सिर पर गिरा छत का सीमेंट
बदायूं में पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ा हादसा हो गया। पीलीभीत से परीक्षा देने आई छात्रा के सिर पर परीक्षा कक्ष की छत से सीमेंट का हिस्सा गिर गया, जिससे वह बेहोश हो गई और उसका पेपर अधूरा रह गया। घटना के बाद परीक्षा केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः सरकारी नौकरी का सपना लेकर सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर परीक्षा केंद्र पहुंची एक छात्रा के लिए पुलिस भर्ती परीक्षा का दिन दर्दनाक अनुभव में बदल गया। बदायूं में आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा के दौरान परीक्षा कक्ष की छत से अचानक सीमेंट का हिस्सा टूटकर एक छात्रा के सिर पर गिर गया। हादसे में छात्रा गंभीर रूप से घायल हो गई और बेहोश होने के कारण वह अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सकी।
घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं इस हादसे ने परीक्षा केंद्रों की भवन सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
परीक्षा के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, पीलीभीत निवासी छात्रा पुलिस भर्ती परीक्षा देने के लिए बदायूं आई थी। उसका परीक्षा केंद्र शहर स्थित गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में बनाया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से चल रही थी। इसी दौरान परीक्षा कक्ष की छत के लिंटर से अचानक सीमेंट का एक हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जो सीधे छात्रा के सिर पर लगा। तेज चोट लगने के कारण छात्रा की तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई।
तत्काल कराया गया उपचार
हादसे के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य अभ्यर्थियों ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराई। छात्रा को प्राथमिक उपचार दिया गया और बाद में चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया। हालांकि दुर्घटना के कारण वह परीक्षा जारी नहीं रख सकी। इसके चलते उसका प्रश्नपत्र अधूरा रह गया, जिससे उसके भविष्य और भर्ती प्रक्रिया में अवसर को लेकर चिंता बढ़ गई है।
अभ्यर्थियों में चिंता का माहौल
घटना के बाद परीक्षा केंद्र पर मौजूद अन्य अभ्यर्थियों में भी चिंता का माहौल देखने को मिला। कई अभ्यर्थियों ने परीक्षा केंद्र की भवन स्थिति और सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना संबंधित संस्थानों और प्रशासन की जिम्मेदारी है। ऐसी घटनाएं अभ्यर्थियों के मनोबल पर भी असर डालती हैं।
भवन सुरक्षा पर उठे सवाल
इस हादसे ने परीक्षा केंद्रों के चयन और भवनों की गुणवत्ता को लेकर नई बहस छेड़ दी है। स्थानीय लोगों और अभ्यर्थियों के परिजनों का कहना है कि परीक्षा केंद्र घोषित करने से पहले भवनों की तकनीकी जांच और सुरक्षा ऑडिट होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि समय रहते भवन की स्थिति का निरीक्षण किया गया होता, तो इस तरह की घटना को टाला जा सकता था।
जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। साथ ही घायल छात्रा को उचित सहायता और न्याय दिलाने की भी मांग उठाई जा रही है। फिलहाल इस घटना ने भर्ती परीक्षाओं में सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को एक बार फिर सामने ला दिया है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
रिपोर्ट – संतुलित पाठक
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