छुट्टी लेकर गायब हुए पुलिसकर्मियों पर कानपुर पुलिस का बड़ा एक्शन, 14 सस्पेंड, 118 को नोटिस
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट ने लंबे समय से ड्यूटी से गायब चल रहे पुलिसकर्मियों पर बड़ा एक्शन लिया है। 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है, जबकि 118 को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर पुलिस कमिश्नरेट में इन दिनों अनुशासन को लेकर सख्त संदेश दिया जा रहा है। छुट्टी लेने के बाद महीनों तक ड्यूटी पर वापस न लौटने वाले पुलिसकर्मियों पर अब विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे 14 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि 118 अन्य कर्मियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप की स्थिति है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था संभालने वाली फोर्स में अनुशासनहीनता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जाएगी।
छुट्टी लेकर लौटे ही नहीं कई पुलिसकर्मी
जानकारी के मुताबिक कई पुलिसकर्मी दो से पांच दिन की छुट्टी लेकर गए थे, लेकिन तय समय पूरा होने के बाद भी उन्होंने ड्यूटी जॉइन नहीं की। हैरानी की बात यह रही कि कई कर्मियों ने अपनी अनुपस्थिति की कोई जानकारी विभाग को नहीं दी। जब लगातार गैरहाजिरी की शिकायतें बढ़ीं तो अधिकारियों ने सभी मामलों की रिपोर्ट तैयार कर जांच शुरू की। जांच में कई पुलिसकर्मी लंबे समय से बिना अनुमति ड्यूटी से गायब पाए गए, जिसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाया।
37 दिन से लेकर 168 दिन तक रहे गैरहाजिर
सस्पेंड किए गए पुलिसकर्मियों में पुलिस लाइन में तैनात दो दरोगा भी शामिल हैं। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक कुछ पुलिसकर्मी 37 दिनों से लेकर 152 दिनों तक ड्यूटी से गैरहाजिर रहे। सबसे ज्यादा चर्चा सिपाही दुष्यंत को लेकर हो रही है, जो करीब 168 दिनों से ड्यूटी पर नहीं लौटे हैं। वहीं सब इंस्पेक्टर मोनू सिंह भी पिछले 54 दिनों से अनुपस्थित बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार कई बार संपर्क करने और नोटिस भेजने के बावजूद संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद निलंबन और विभागीय कार्रवाई का फैसला लिया गया।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
पुलिस विभाग में यह पहली बार नहीं है जब गैरहाजिर कर्मियों के खिलाफ सख्त कदम उठाया गया हो। इससे पहले जुलाई 2025 में भी 161 पुलिसकर्मियों की जांच कराई गई थी। उस दौरान भी कई कर्मचारी लंबे समय तक ड्यूटी से गायब पाए गए थे। अधिकारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती अनुशासनहीनता को देखते हुए अब “जीरो टॉलरेंस” नीति के तहत कार्रवाई की जा रही है।
जॉइंट कमिश्नर ने दी चेतावनी
जॉइंट कमिश्नर मुख्यालय संकल्प शर्मा ने बताया कि सभी गैरहाजिर पुलिसकर्मियों को पहले पत्र भेजकर ड्यूटी पर लौटने और अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। हालांकि अधिकांश कर्मियों की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि अब दोबारा नोटिस जारी किए गए हैं और यदि संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो आगे और भी सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
अनुशासन बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस विभाग पर होती है। ऐसे में अगर पुलिसकर्मी ही लंबे समय तक बिना सूचना ड्यूटी से गायब रहेंगे, तो इसका असर पूरे सिस्टम पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से विभाग के भीतर अनुशासन मजबूत करने का संदेश जाएगा। वहीं पुलिस महकमे में लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे कर्मियों के बीच इस कार्रवाई के बाद खलबली मची हुई है।
रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा
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