गुजरात में ABVP को बड़ा झटका | छात्रवृत्ति मुद्दे पर NSUI में शामिल हुए कई कार्यकर्ता
ABVP को गुजरात में बड़ा राजनीतिक और छात्र संगठनात्मक झटका लगा है... छात्रवृत्ति में कथित अनियमितताओं और छात्रों के मुद्दों पर...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की छात्र राजनीति में एक बड़ा उलटफेर हुआ है.. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कई प्रमुख पदाधिकारी.. और कार्यकर्ता गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष.. इंद्रविजय सिंह गोहिल की मौजूदगी में औपचारिक रूप से नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया में शामिल हो गए हैं.. इस घटना को छात्र राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है.. एलडी आर्ट्स कॉलेज के एबीवीपी उपाध्यक्ष कमलेश कुमार धुलाभाई परमार, मंत्री दर्शन तड़वी, संयुक्त मंत्री भाविन मकवाना, नवगुजरात कॉलेज के अमूल वरेचा, अंकित गरासिया, हार्दिक परमार, मेहुल सरानिया, विराम राठवा, पीयूष राठवा समेत बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एनएसयूआई का दामन थाम लिया..
छात्रवृत्ति के मुद्दे पर पिछले दो साल से छात्रों में भारी आक्रोश था.. बार-बार शिकायत करने के बावजूद एबीवीपी की चुप्पी ने इन छात्र नेताओं को मजबूर कर दिया कि वे संगठन से नाता तोड़ लें.. जानकारी के मुताबिक अब ये सभी नेता एनएसयूआई के साथ मिलकर छात्रवृत्ति मामले में आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं.. एलडी आर्ट्स कॉलेज और नवगुजरात कॉलेज जैसे प्रमुख कॉलेजों में एबीवीपी लंबे समय से सक्रिय रही है.. लेकिन छात्रवृत्ति वितरण में लगातार हो रही अनियमितताओं ने छात्रों का धैर्य तोड़ दिया.. हजारों छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति नहीं मिल पाई या देरी से मिली.. जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हुई..
कमलेश कुमार धुलाभाई परमार ने बताया कि उन्होंने संगठन के अंदर कई बार इस मुद्दे को उठाया.. लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.. आखिरकार छात्र हितों को प्राथमिकता देते हुए.. उन्होंने और उनके साथी कार्यकर्ताओं ने एबीवीपी छोड़ने का फैसला लिया.. इंद्रविजय सिंह गोहिल ने इन सभी नए सदस्यों का स्वागत किया.. और उन्होंने कहा कि एनएसयूआई छात्रों के असली मुद्दों पर लड़ाई लड़ने वाला संगठन है.. छात्रवृत्ति जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अब तेज आंदोलन होगा.. वहीं इस औपचारिक शामिल होने के कार्यक्रम में गुजरात प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह वनोल.. और एनएसयूआई के शहर अध्यक्ष चिराग दर्जी भी मौजूद रहे..
आपको बता दें कि डॉ. प्रवीण सिंह वनोल ने कहा कि एबीवीपी के कार्यकर्ताओं का एनएसयूआई में शामिल होना दिखाता है कि.. छात्र अब सच्चे मुद्दों पर काम करने वाले संगठन की तलाश में हैं.. चिराग दर्जी ने नए सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपीं.. और कहा कि आने वाले दिनों में छात्रवृत्ति मामले को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए जाएंगे.. पिछले दो वर्षों से गुजरात में छात्रवृत्ति योजना में भारी गड़बड़ियां सामने आ रही हैं.. सरकारी योजनाओं के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग.. और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति समय पर नहीं पहुंच रही..
जिससे कई छात्रों को फीस भरने में दिक्कत हो रही है.. कुछ छात्रों को तो पूरी राशि ही नहीं मिली.. एबीवीपी इन मुद्दों पर चुप रही.. जबकि छात्र रोजाना परेशान हो रहे थे.. कमलेश परमार और उनके साथियों ने कहा कि जब अपनी ही संगठन के छात्र परेशान हैं.. तो हम चुप नहीं रह सकते.. यही वजह रही कि उन्होंने एनएसयूआई का रास्ता चुना.. नए शामिल हुए कार्यकर्ताओं के साथ अब एनएसयूआई और मजबूत हो गई है.. संगठन के नेताओं ने कहा कि जल्द ही मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा जाएगा.. अगर मांगें नहीं मानी गईं, तो पूरे गुजरात में आंदोलन किया जाएगा..
जानकारी के मुताबिक छात्रवृत्ति की राशि समय पर जारी करने.. ऑनलाइन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और पिछले बकाए को तुरंत क्लियर करने जैसी मांगें प्रमुख हैं.. यह घटना एबीवीपी के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है.. एलडी आर्ट्स कॉलेज और नवगुजरात कॉलेज जैसे प्रमुख संस्थानों से बड़े पदाधिकारियों का जाना संगठन की छवि को प्रभावित करेगा.. एबीवीपी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.. लेकिन सूत्र बताते हैं कि संगठन के अंदर चर्चा चल रही है.. कुछ लोग इसे छात्रों की नाराजगी का नतीजा बता रहे हैं..



