गुजरात BJP को बड़ा झटका, मोरबी में 500+ कार्यकर्ताओं ने थामा कांग्रेस का हाथ

गुजरात की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है... मोरबी में भारतीय जनता पार्टी को बड़ा झटका देते हुए 500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है.. भारतीय जनता पार्टी को मोरबी जिले से बड़ा झटका लगा है.. यहां के वरिष्ठ नेताओं, सहकारी क्षेत्र से जुड़े पदाधिकारियों.. और 500 से अधिक कार्यकर्ताओं ने औपचारिक रूप से कांग्रेस का दामन थाम लिया है.. यह घटना BJP के लिए चिंता का विषय मानी जा रही है.. क्योंकि मोरबी गुजरात का एक महत्वपूर्ण राजनीतिक.. और औद्योगिक जिला है.. अहमदाबाद स्थित राजीव गांधी भवन में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन सभी नेताओं.. और कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की.. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने सभी का गर्मजोशी से स्वागत किया.. इस घटनाक्रम के बाद गुजरात की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है..

आपको बता दें कि मोरबी जिले से BJP छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने वाले प्रमुख नेताओं में नाथूभाई कड़ीवार का नाम सबसे आगे है.. वे टंकारा तालुका पंचायत के पूर्व अध्यक्ष, भाजपा टंकारा के पूर्व तालुका अध्यक्ष, जिला पंचायत शिक्षा समिति के पूर्व अध्यक्ष, मयूर जिला दुग्ध संघ के उपाध्यक्ष तथा नासिलपार सहकारी मंडल के निदेशक रह चुके हैं.. उनके साथ लालजीभाई देत्रोजा, जो टंकारा तालुका भाजपा के पूर्व उपाध्यक्ष रहे हैं.. उमेशभाई गोहिल, जो भाजपा टंकारा के पूर्व कोषाध्यक्ष रहे हैं.. और राजूभाई कोटडिया, जो टंकारा के पूर्व तालुका पंचायत सदस्य रहे है.. सहित सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की सदस्यता ली.. इन नेताओं का लंबे समय से सहकारी, सामाजिक.. और स्थानीय जनसेवा के क्षेत्र में प्रभाव रहा है.. ऐसे में माना जा रहा है कि इनके कांग्रेस में आने से पार्टी को मोरबी जिले में संगठनात्मक मजबूती मिलेगी..

अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे.. सभी ने कांग्रेस का स्कार्फ पहनकर पार्टी की सदस्यता ग्रहण की.. इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले नेता.. और कार्यकर्ता किसी पद या सत्ता के लालच में नहीं आए हैं.. उनका उद्देश्य जनता के साथ हो रहे अन्याय, अत्याचार.. और भेदभाव के खिलाफ संघर्ष करना है.. और उन्होंने कहा कि आज सत्ता में बैठे लोग अपने निजी हितों को प्राथमिकता दे रहे हैं.. जबकि आम जनता की समस्याओं की अनदेखी की जा रही है.. टिकट वितरण से लेकर संगठनात्मक फैसलों तक कई स्तरों पर भेदभाव देखने को मिल रहा है.. जिसके कारण कार्यकर्ताओं में असंतोष बढ़ता जा रहा है..

गुजरात में BJP लंबे समय से सत्ता में है.. लेकिन हाल के वर्षों में कई इलाकों से पार्टी के भीतर असंतोष की खबरें सामने आती रही हैं.. मोरबी में भी इसी तरह की स्थिति देखने को मिली.. पार्टी छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता नहीं है.. और पसंद-नापसंद के आधार पर निर्णय लिए जाते हैं.. वर्षों तक मेहनत करने वाले ईमानदार कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जाता है.. इसके अलावा सहकारी संस्थाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप बढ़ने से भी नाराजगी पैदा हुई है.. नाथूभाई कड़ीवार जैसे वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय तक BJP के साथ जुड़े रहे.. लेकिन अब उन्हें लगा कि पार्टी में जनसेवा से अधिक सत्ता की राजनीति हावी हो गई है.. इसलिए उन्होंने कांग्रेस में शामिल होकर जनता के मुद्दों के लिए संघर्ष करने का फैसला किया..

मोरबी गुजरात का एक विकसित और औद्योगिक जिला माना जाता है.. यहां का टाइल्स उद्योग पूरे देश में अपनी अलग पहचान रखता है.. इसके अलावा दुग्ध सहकारी संस्थाएं और कृषि भी यहां की अर्थव्यवस्था के प्रमुख आधार हैं.. हालांकि विकास के बावजूद जिले में पानी, बिजली, रोजगार, शिक्षा.. और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत समस्याएं अब भी मौजूद हैं.. स्थानीय लोगों का कहना है कि कई मुद्दों पर अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है.. ऐसे में कांग्रेस इन स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से उठाकर अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही है.. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि बूथ स्तर पर कांग्रेस का संगठन मजबूत होता है.. तो आगामी चुनावों में इसका प्रभाव देखने को मिल सकता है..

 

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