फिल्म को लेकर बड़ा विवाद खत्म? SC ने दिया फैसला
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हे भगवान! तुमने अपनी गर्लफ्रेंड को मार डाला.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: यह मामला जून 2020 में मेरठ में, मारी गई महिला के भाई की ओर से दर्ज कराई गई एक FIR से जुड़ा है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी का कथित तौर पर उस महिला के प्रति एकतरफा प्यार था और उसका लगातार पीछा कर रहा था.
सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को एक ऐसे शख्स की जमानत याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, जिस पर एकतरफा प्यार के कथित मामले में एक महिला और उसके पिता की हत्या का आरोप है. बेंच ने सुनवाई के दौरान इस हत्या की तुलना अजय देवगन की एक फिल्म से की. जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई वाली बेंच में सुप्रीम कोर्ट के नव नियुक्त जस्टिस शील नागू और जस्टिस वीएस मोहना भी शामिल थे.
जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच, सागर की याचिका पर सुनवाई कर रही थी. सागर, उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में करीब 6 साल पहले 2020 में हुई एक गोलीबारी की घटना का मुख्य आरोपी है. इस घटना में, शादी से कुछ ही दिन पहले, होने वाली दुल्हन और उसके पिता की हत्या कर दी गई थी.
तुम तो अपनी ही गर्लफ्रेंड के हत्यारे होः SC
सुनवाई के दौरान जस्टिस विक्रम नाथ ने टिप्पणी करते हुए कहा, “हे भगवान! तुमने अपनी गर्लफ्रेंड को मार डाला. तुमने ससुर, साले, सभी को मार डाला. तुम तो बड़े बेखौफ हो. क्या तुमने वह फिल्म नहीं देखी, बिहार वाली, जिसमें अजय देवगन हैं?” उन्होंने आगे कहा, “तुम तो अपनी ही गर्लफ्रेंड के हत्यारे हो. यह तो बिल्कुल किसी फिल्म जैसा है.”
माना जा रहा है कि जस्टिस नाथ इस दौरान साल 2006 की थ्रिलर फिल्म ‘ओमकारा’ का जिक्र कर रहे थे. इस फिल्म में, अजय देवगन का किरदार ‘ओमी’ अपनी पत्नी ‘डॉली’ (करीना कपूर खान ने निभाया था) की हत्या कर देता है, क्योंकि उसे इस बात का शक होता है कि डॉली का उसके सबसे भरोसेमंद साथी के साथ प्रेम-संबंध है. यह फिल्म विलियम शेक्सपियर के नाटक ‘ओथेलो’ पर आधारित थी.
याचिका पर SC का सुनवाई से इनकार
देश की सबसे बड़ी अदालत की ओर से यह कमेंट्स तब सामने आईं जब सुप्रीम कोर्ट, इलाहाबाद हाई कोर्ट द्वारा जमानत न दिए जाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई कर रहा था. हालांकि, यह संकेत देने के बाद कि वह आरोपी को किसी तरह की राहत देने के पक्ष में नहीं है, सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया.
इसके बाद, अभियुक्त की ओर से कोर्ट में पेश वकील ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी, ताकि वे उचित चरण पर फिर से हाई कोर्ट का रुख कर सकें. सुप्रीम कोर्ट की ओर से उसे इसके लिए इजाजत मिल गई.
2020 में दोस्तों के साथ किया था मर्डर
यह मामला जून 2020 में मेरठ में, मारी गई महिला के भाई की ओर से दर्ज कराई गई एक FIR से जुड़ा है. अभियोजन पक्ष के अनुसार, आरोपी का कथित तौर पर उस महिला के प्रति एकतरफा प्यार था और उसका लगातार पीछा कर रहा था.
जांचकर्ताओं ने भी इसे “एकतरफा प्यार” का मामला करार दिया. पुलिस के अनुसार, महिला की किसी अन्य व्यक्ति के साथ तय शादी से 2 दिन पहले, सागर और उसके कई साथी उसके घर पहुंचे और परिवार के सदस्यों पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं.



