JPSC-JSSC परीक्षाओं पर हाई कोर्ट का बड़ा हस्तक्षेप, झारखंड सरकार को झटका

झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के JPSC भर्ती परीक्षाएं रद्द करने संबंधी फैसले पर रोक लगा दी है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को बड़ा झटका दिया है. हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के JPSC भर्ती परीक्षाएं रद्द करने संबंधी फैसले पर रोक लगा दी है.

झारखंड सरकार ने बीते दिनों झारखंंड पब्लिक सर्विस कमीशन (JPSC) की तरफ से आयोजित 36 परीक्षाओं को रद् और 6 को स्थगित कर दिया था, जिसके बाद इन भर्तियों से नियुक्ति पाएं कैंडिडेट्स की नौकरियां पर संकट आ गया है.

इस मामले में गुरुवार काे झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अलग-अलग याचिका पर सुनवाई करते हुए झारखंड आयोग ने भर्ती परीक्षाएं रद्द करने संबंधी फैसले पर रोक लगा दी है, जिससे नौकरी संकट का सामना कर रहे अफसरों को राहत मिली है.

अलग-अलग याचिका पर हाईकोर्ट का फैसला

झारखंड हाईकोर्ट ने JPSC की प्रतियोगी परीक्षाएं रद्द किए जाने के सरकार के आदेश के खिलाफ दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है, जिससे बड़ी संख्या में कैंडिडेट्स को राहत मिली है.

इस मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस दीपक रौशन की कोर्ट में हुई. याचिककर्ताओं की ओर से अधिवक्ता इंद्रजीत सिन्हा, अमृतांश वत्स ने बहस की. हाईकोर्ट ने सौरभ सिंह, अवधेश कुमार, दीप माला और सोनम कुमारी की याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ये फैसला सुनाया है.

छात्र आंदोलन के बाद झारखंड सरकार ने रद्द की थी भर्ती

JPSC और JSSC परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन शुरू हो गया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने 22 परीक्षाएं रद्द करने, 23 की CID जांच कराने की घोषणा की थी.

इसके साथ ही IAS अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार कमेटी का गठन करने के आश्वासन दिया था. इसके बाद 26 दिनों तक चला छात्र आंदोलन खत्म हुआ था. हालांकि राज्य सरकार के भर्ती एग्जाम रद्द करने संबंधी फैसले से 2300 से अधिक कैंडिडेट्स की नौकरियों पर असर पड़ा था.

2 महीने में कमेटी को सौंपनी है रिपोर्ट

जेपीएससी-जेएसएससी में सुधार के लिएIAS अमिताभ कौशल की अगुवाई मेंबनाई गई समिति को 2 महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपनी है.सोरेन सरकार ने सोमवार को अपनी कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदर्शनकारी छात्रों की मुख्य मांगों में से एक, जेएसएससी-संयुक्त स्नातक स्तर (सीजीएल) परीक्षा को रद्द करने की घोषणा की. साथ ही, आउटसोर्स एजेंसी टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं और उसके द्वारा जारी नतीजों को भी रद्द कर दिया था.

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