बीजेपी राजनीतिक प्रतिशोध ले रही, हम झुकेंगे नहीं: अभिषेक बनर्जी

  • सीआईडी पूछताछ की जानकारी लीक होने से भडक़े टीएमसी सांसद

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी ने एजेंसियों के समन और सीआईडी जांच के बीच केंद्र सरकार को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वे झुकेंगे नहीं और एजेंसियों से डरते नहीं हैं। उन्होंने अपनी सीआईडी पूछताछ की जानकारी लीक होने पर हाईकोर्ट जाने की बात कही, साथ ही बीजेपी पर राजनीतिक प्रतिशोध का आरोप भी लगाया। अभिषेक बनर्जी ने आज कहा कि आप जानते हैं कि सीआईडी ने मुझे बुलाया था। मैं वहां 5.30 घंटे तक रहा। मुझे 14 जून को फिर से बुलाया गया है। मैं वहां जाऊंगा। मैं हमेशा इस तरह की जांच में सहयोग करता हूं।
मुझे किसी और मामले में भी समन भेजा जा सकता है। मैंने उनसे कहा है कि वे किसी और को नोटिस दे दें क्योंकि मैं वहां नहीं था। लेकिन मैंने सुना है कि वे इंतज़ार कर रहे थे। अगर वे तब नोटिस देना चाहते हैं जब मैं वहां नहीं हूं और किसी और को नोटिस लेने की इजाज़त नहीं है, तो उन्हें मेरे घर लौटने तक इंतज़ार करना होगा। मैं हमेशा एजेंसियों के साथ सहयोग करता हूं। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि हम इस लड़ाई में जऱा भी पीछे नहीं हटेंगे। आप हमें झुका नहीं सकते, हम एजेंसियों से नहीं डरते। एमपी और एमएलए को तोडक़र टीएमसी को झुकाया नहीं जा सकता। आपने कहा था कि आप अन्नपूर्णा भंडार देंगे, लेकिन अब हालात अलग हैं।

मैं हाईकोर्ट जाऊंगा

अभिषेक बनर्जी ने कहा कि मेरे पेश होने के मामले में कई लोग सीआईडी से मिली जानकारी के आधार पर खबरें चला रहे हैं। जब मैं इस विचाराधीन मामले के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं कर रहा हूँ, तब भी जानकारी लीक होने के कारण हम इस मामले को लेकर हाई कोर्ट का रुख करेंगे। उन्होंने पार्टी सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों पर भी बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि कल्याण बनर्जी मुझसे उम्र में बड़े हैं। उन्हें अपनी राय रखने का हक है। उन्होंने मुझे बचपन से देखा है। मैं उनके खिलाफ कुछ नहीं कहूंगा।

शाह पर भी होना चाहिए एफआईआर

उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने मेरे डीजे को लेकर कोई शिकायत नहीं की थी। लेकिन अब सरकार बदल गई है और वे बार-बार मेरे खिलाफ मामले दर्ज कर रहे हैं। अमित शाह के भडक़ाऊ बयानों के लिए उनके खिलाफ़ एफआईआर क्यों नहीं होनी चाहिए? कई लोग सीआईडी से मिली जानकारी के आधार पर मेरे पेश होने से जुड़ी खबरें चला रहे हैं। जब मैं इस कोर्ट में चल रहे मामले के बारे में कोई जानकारी साझा नहीं कर रहा हूं, तब भी जानकारी लीक होने के मामले को लेकर हम हाई कोर्ट जाएंगे।

ममता बनर्जी पर एफआईआर

मार्च 26 में दिए गए एक राजनीतिक भाषण के बाद टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ़ एक नई एफआईआर दर्ज की गई। ममता ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई खास समुदाय एकजुट हो जाए, तो इसके दूसरों के लिए गंभीर नतीजे हो सकते हैं। उनके सार्वजनिक भाषणों का हवाला देते हुए, कोलकाता के एक निवासी ने हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसे अब कोलकाता पुलिस ने एफआईआर के तौर पर दर्ज कर लिया है। कोलकाता के एक निवासी ने एफआईआर में आरोप लगाया कि रैली में दिए गए उनके भाषण से सांप्रदायिक अशांति और सार्वजनिक अशांति फैल सकती है। शिकायत में ममता बनर्जी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। यह मामला कोलकाता में 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव अभियान से ठीक पहले एक राजनीतिक कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित भडक़ाऊ और सांप्रदायिक बयानों से जुड़ा है। दक्षिण कोलकाता के नेताजी नगर पुलिस स्टेशन में 20 मई को दी गई शिकायत के अनुसार, स्थानीय निवासी तुषार कांति दास ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी ने एक जनसभा के दौरान जो बयान दिया, उससे पश्चिम बंगाल राज्य में अलग-अलग समुदायों के बीच डर, गलतफहमी और तनाव पैदा हो सकता है।

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