मोदी के गढ़ में आप की एंट्री से बीजेपी परेशान, गुजरात से यूपी तक आप ने घेरा!
दिल्ली में चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी इन दिनों और भी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: दिल्ली में चुनाव हारने के बाद आम आदमी पार्टी इन दिनों और भी ज्यादा आक्रामक नजर आ रही है। मानो आम मुखिया अरविन्द केजरीवाल से लेकर अन्य नेताओं ने बीजेपी को घेरने का पूरा प्लान तैयार कर लिया है।
फिर चाहे वो पीएम मोदी का राजनीतिक गढ़ गुजरात हो या फिर उनका संसदीय क्षेत्र वाराणसी। आम आदमी पार्टी मोदी को घेरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है। न सिर्फ मोदी को बल्कि पूरी बीजेपी और आरएसएस की विचारधारा को एक्सपोज कर रही है।
पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में AAP ने दिल्ली और पंजाब में सरकार बनाई है, लेकिन अब इसका फोकस उत्तर भारत के प्रमुख राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और गुजरात में भाजपा को चुनौती देने पर है। 2026 की शुरुआत में, जहां गुजरात में AAP को मुख्य विपक्षी दल के रूप में देखा जा रहा है, वहीं UP में पार्टी स्थानीय चुनावों और सामाजिक मुद्दों के माध्यम से अपनी पैठ बढ़ा रही है। यह रणनीति BJP की लंबे समय से चली आ रही सत्ता को घेरने की कोशिश है, जहां AAP भ्रष्टाचार, किसानों की समस्याओं, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं जैसे मुद्दों पर हमला बोल रही है। केजरीवाल की हालिया यात्राएं और बयान इस बात की गवाही देते हैं कि AAP अब क्षेत्रीय स्तर पर BJP को सीधे टक्कर देने की तैयारी में है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए महत्वपूर्ण है।
गुजरात में AAP की गतिविधियां BJP को सबसे ज्यादा परेशान कर रही हैं, क्योंकि यह राज्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह का गृह राज्य है। केजरीवाल ने हाल ही में गुजरात की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान BJP की 30 साल की सत्ता को “डर और भ्रष्टाचार का राज” करार दिया। उन्होंने कहा कि BJP ने गुजरात को “गड्ढे में धकेल दिया है,” जहां हर जगह भ्रष्टाचार व्याप्त है और विरोध करने वालों को जेल में डाला जा रहा है। केजरीवाल ने कांग्रेस को भी निशाने पर लिया, कहा कि वह लोगों का विश्वास खो चुकी है और अब AAP ही एकमात्र विकल्प है। गुजरात में AAP की रैलियां और बैठकें पिछले छह-सात महीनों से भारी भीड़ जुटा रही हैं, जो पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।
केजरीवाल ने अपनी यात्रा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलकर भविष्य की रणनीति तैयार करने की बात की, जिसमें बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक नए स्वयंसेवकों को जोड़ना शामिल है। एक हालिया सर्वे में AAP को गुजरात में 25% वोट शेयर के साथ मुख्य चुनौतीकर्ता के रूप में दिखाया गया है, जबकि कांग्रेस तीसरे स्थान पर है। यह सर्वे सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात में AAP की मजबूत पकड़ को दर्शाता है, जहां शहरी केंद्रों में पार्टी की स्वीकृति बढ़ रही है। BJP की ओर से मंत्रिमंडल में फेरबदल और मोदी की लगातार यात्राएं इस बात का प्रमाण हैं कि AAP की चुनौती को हल्के में नहीं लिया जा रहा है।
हाल ही में केजरीवल ने गुजरात में शक्ति प्रदर्शन किया। किसानों के मुद्दे पर AAP ने गुजरात में BJP को घेरा। केजरीवाल ने राजकोट में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि किसान शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन सरकार ने लाठीचार्ज, आंसू गैस और गिरफ्तारियां कीं। उन्होंने 88 किसानों की गिरफ्तारी का जिक्र किया, जिसमें से 46 अभी भी हिरासत में हैं। AAP ने इसे BJP की अहंकारपूर्ण राजनीति बताया और कहा कि दो साल बाद होने वाले चुनावों में BJP सरकार चली जाएगी, और सभी फर्जी FIR वापस ली जाएंगी।
केजरीवाल ने ब्रिटिश शासन से तुलना की, कहा कि जैसे ब्रिटिश सोचते थे कि वे भारत से कभी नहीं हटेंगे, वैसे ही BJP गुजरात से “खाली” हो जाएगी। AAP गुजरात में स्थानीय आदिवासी दलों के साथ गठबंधन कर BJP के गढ़ में सेंध लगा रही है, जो “मिशन 2026” का हिस्सा है। यह अभियान स्थानीय निकाय चुनावों पर केंद्रित है, जहां AAP भ्रष्टाचार और किसान विरोधी नीतियों को उजागर कर रही है। गुजरात जोड़ो अभियान के तहत AAP की पदयात्राएं और रोडशो में भारी भीड़ देखी जा रही है, जो बदलाव की लहर का संकेत है। BJP के लिए यह चुनौती इसलिए बड़ी है क्योंकि गुजरात में 30 साल की सत्ता के बावजूद भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दे बने हुए हैं।
इसके साथ ही हाल ही की राजनीतिक गतिविधि की बात करें तो अरविंद केजरीवाल ने अहमदाबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं के शपथ समारोह को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि गुजरात की जनता बदलाव के लिए पूरी तरह तैयार है. भाजपा इतनी डरी हुई है कि “आप” की सभा रोकने की कोशिश की गई, लेकिन हमारे कार्यकर्ताओं के जज्बे से सभा हुई.
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि पिछले 30 साल से भाजपा गुजरात में भ्रष्टाचार में डूबी है. 2027 में यहां की सत्ता बदलने वाली है, फिर भाजपा वाले जेल जाएंगे. ‘‘आप” की सरकार बनी तो करदा प्रथा खत्म करेंगे, युवाओं को रोजगार और किसानों को बीज, खाद, पानी देंगे.अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 30 साल के बाद भाजपा की सत्ता अब हिलने लगी है और उनके जाने का समय आ गया है. भगवान ने उनकी बुद्धि खत्म करनी शुरू कर दी है. भाजपा ने ‘‘आप” कार्यकर्ताओं के शपथ ग्रहण कार्यक्रम को रोकने की पूरी कोशिश की. लेकिन इसके बाद भी ‘‘आप” पदाधिकारियों की मेहनत से यह सभा हुई और भारी तादात में कार्यकर्ता शामिल हुए.
उत्तर प्रदेश में AAP की रणनीति थोड़ी अलग है, लेकिन यहां भी BJP को घेरने का प्रयास साफ दिखता है। UP में AAP “मिशन 2026” के तहत स्थानीय निकाय चुनावों पर फोकस कर रही है, जहां पार्टी ग्रामीण इलाकों में अपनी पहुंच बढ़ा रही है। केजरीवाल ने UP के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर बिजली कटौती को लेकर तंज कसा, कहा कि BJP दिल्ली में मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं बंद करना चाहती है। AAP, UP में किसानों, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों पर BJP को चुनौती दे रही है। पार्टी ने पंजाब और दिल्ली के मॉडल को UP में पेश किया है, जैसे मोहल्ला क्लीनिक और युवाओं के लिए रोजगार गारंटी स्कीम। हालांकि UP में AAP की पैठ अभी कम है, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनावों में पार्टी ने कुछ सीटों पर अच्छा प्रदर्शन किया था, और अब स्थानीय स्तर पर संगठन मजबूत कर रही है।AAP की UP में गतिविधियां BJP की सत्ता को सीधे प्रभावित कर सकती हैं, क्योंकि यहां BJP की डबल इंजन सरकार है।
केजरीवाल ने UP में बिजली संकट की तुलना दिल्ली से की, जहां AAP सरकार ने मुफ्त बिजली दी है। पार्टी UP में दलित और अल्पसंख्यक वोटरों को लक्ष्य कर रही है, जहां BJP की नीतियां विवादास्पद रही हैं। “मिशन 2026” के तहत AAP छत्तीसगढ़ और राजस्थान के साथ UP में भी स्थानीय चुनाव लड़ रही है, जो 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी है। AAP के कार्यकर्ता ग्रामीण इलाकों में पदयात्राएं कर रहे हैं, जहां BJP की किसान विरोधी नीतियों को उजागर किया जा रहा है। संजय सिंह ने UP में वोटर लिस्ट घोटाले को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, कहा कि योगी सरकार के कर्मचारी ही इस धांधली में शामिल हैं।
वहीँ अभी हाल ही की घटना की अगर बात करें तो यूपी में मोदी के गढ़ वाराणसी में आप ने पूरी तरह से घेर लिया है। दरअसल यूपी में वाराणसी के विश्वप्रसिद्ध मणिकर्णिका घाट के रेनोवेशन कार्य को लेकर खड़े हुए विवाद ने अब सियासी तूल पकड़ लिया है। आलम ये है की सरकार आलोचनाओं से इस कदर डर गई की नेताओ पर FIR करवा दे रही है। वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह पर FIR दर्ज होने के बाद उन्होंने तीखा पलटवार किया है। संजय सिंह ने साफ शब्दों में कहा है कि उन्हें मुकदमों से डराने की कोशिश न की जाए।
FIR दर्ज होने के बाद संजय सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर प्रतिक्रिया देते हुए लिखा, BJP वालों, मेरे ऊपर मुकदमा लिखकर मुझे डराने-धमकाने की कोशिश मत करो। तुम्हारे आकाओं ने पहले भी मुझ पर बहुत FIR की हैं। उन्होंने आगे कहा, तुमने मंदिरों को तोड़ने का पाप किया है, जिसका सबूत सामने है। आंख खोलकर देखो। FIR उन पापियों पर करो जिन्होंने मंदिर तोड़ा है। संजय सिंह ने FIR को राजनीतिक साजिश करार दिया और कहा कि वे इससे डरने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे कोर्ट में लड़ेंगे और सच्चाई सामने आएगी।
AAP की समग्र रणनीति BJP को घेरने की है, जहां पार्टी क्षेत्रीय गठबंधनों और जन-मुद्दों पर फोकस कर रही है। गुजरात में आदिवासी दलों के साथ गठबंधन और UP में स्थानीय चुनावों पर ध्यान इस बात का प्रमाण है। “मिशन 2026” पूरे उत्तर भारत में AAP की विस्तार योजना है, AAP की ताकत उसकी ग्रासरूट कैंपेनिंग में है, जहां केजरीवाल व्यक्तिगत रूप से यात्राएं कर रहे हैं। हालांकि चुनौतियां हैं, जैसे UP में मजबूत सपा-कांग्रेस गठबंधन और गुजरात में BJP की मजबूत पकड़। लेकिन सर्वे और भीड़ AAP की बढ़ती ताकत दिखाते हैं।
भविष्य में AAP BJP के लिए बड़ा खतरा बन सकती है, खासकर अगर वह स्थानीय मुद्दों पर फोकस जारी रखे। 2027 के चुनावों में UP और गुजरात AAP के लिए परीक्षा होंगे, जहां पार्टी की रणनीति BJP की सत्ता को हिला सकती है। सियासी पंडितों का यह भी कहना है कि आप दिल्ली का बदला मोदी और बीजेपी से गुजरात और यूपी जैसी जगहों से ले सकती हैं।



