BJP का नया दांव? AAP उम्मीदवार का नाम हटाने की कोशिश, विसावदर में वोटर लिस्ट विवाद

विसावदर में सियासत गरमा गई है... जहां भारतीय जनता पार्टी पर आरोप है कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार का नाम वोटर लिस्ट...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात में स्थानीय निकाय चुनाव की आग में घी डालने वाली एक नई घटना सामने आई है.. विसावदर में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के नाम को.. मोनपारी तालुका पंचायत की मतदाता सूची से हटाने के लिए भाजपा ने एक आवेदन दायर कर दिया है.. जिसको लेकर AAP का आरोप है कि झूठे मुकदमों.. और धमकियों से पार्टी के नेताओं.. और कार्यकर्ताओं को डराने में भाजपा नाकाम रही.. इसलिए अब चुनावी मैदान में सीधे दखल देने की कोशिश की जा रही है.. वहीं यह घटना स्थानीय निकाय चुनाव से ठीक पहले आई है.. और पूरे गुजरात में राजनीतिक तापमान को और बढ़ा रही है..

विसावदर जूनागढ़ जिले का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है.. यहां AAP के विधायक गोपाल इटालिया हैं.. और उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी.. अब तालुका पंचायत चुनाव में AAP ने अपने मजबूत उम्मीदवार उतारे हैं.. मोनपारी तालुका पंचायत बड़ी पंचायत है.. यहां की मतदाता सूची में नाम होना चुनाव लड़ने के लिए जरूरी है.. भाजपा ने इस सूची से AAP के एक उम्मीदवार का नाम हटाने के लिए आवेदन दिया है.. AAP ने इसे साफ तौर पर चुनावी साजिश बताया है.. पार्टी का कहना है कि भाजपा पहले झूठे मामलों में AAP नेताओं.. और कार्यकर्ताओं को फंसाने की कोशिश कर चुकी है.. लेकिन कामयाब नहीं हुई.. वहीं अब मतदाता सूची में नाम काटकर चुनावी मैदान से बाहर करने की कोशिश की जा रही है..

AAP गुजरात प्रदेश अध्यक्ष ईसुदान गढ़वी ने इस पर तीखा हमला बोला.. और उन्होंने कहा कि भाजपा अब घबरा गई है.. निकाय चुनाव में AAP की बढ़ती ताकत को देखकर पुरानी राजनीति का सहारा लिया जा रहा है.. गढ़वी ने याद दिलाया कि AAP ने सभी 12,000 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं.. सूरत, अहमदाबाद, वडोदरा जैसे बड़े नगर निगमों में पार्टी ने सूचियां जारी कर दी हैं.. मोनपारी में भी AAP का उम्मीदवार मजबूत है.. नाम हटाने का आवेदन इसी डर का नतीजा है..

आपको बता दें कि गुजरात में 26 अप्रैल 2026 को निकाय चुनाव होने हैं.. 15 नगर निगम, 84 नगर पालिका, 34 जिला पंचायत.. और 260 तालुका पंचायतों की करीब 10,000 सीटों पर वोटिंग होगी.. 4.18 करोड़ से ज्यादा मतदाता वोट डालेंगे.. OBC आरक्षण के नए नियमों के चलते कई जगहों पर वार्डों का परिसीमन हुआ है.. AAP ने इस चुनाव को आम आदमी vs पुरानी राजनीति का मुकाबला बना रखा है.. पार्टी ने वंशवाद, भ्रष्टाचार और स्थानीय मुद्दों जैसे पानी, सड़क.. और स्वास्थ्य को उठाया है.. भाजपा की तरफ से अभी उम्मीदवारों की सूचियां जारी नहीं हुई हैं.. लेकिन संगठन स्तर पर तैयारियां चल रही हैं..

वहीं AAP नेताओं का आरोप है कि भाजपा ने पहले कई झूठे मामले दर्ज कराए.. गोपाल इटालिया पर भी हाल ही में वारंट तामील करने की घटना हुई थी.. उन्होंने कहा था कि पुलिस उनके घर आई और परिवार को धमकाया.. पुलिस ने इसे कोर्ट का वारंट बताया था.. अब मतदाता सूची में नाम हटाने का आवेदन आया है.. AAP का कहना है कि यह सिलसिला जारी है.. पार्टी कार्यकर्ताओं पर FIR, गिरफ्तारियां और अब चुनावी दस्तावेजों में दखल.. ईसुदान गढ़वी ने कहा कि AAP नहीं डरेगी, जनता बदलाव चाहती है..

जानकारी के मुताबिक मोनपारी तालुका क्षेत्र जूनागढ़ का बड़ा हिस्सा है.. यहां कृषि, पशुपालन और छोटे उद्योग प्रमुख हैं.. स्थानीय लोग पानी, सड़क, सिंचाई और स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग करते रहे हैं.. AAP ने इन मुद्दों पर काम करने का वादा किया है.. पार्टी का उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय है.. नाम हटाने का आवेदन आने से कार्यकर्ताओं में आक्रोश है.. वे कह रहे हैं कि भाजपा चुनाव हारने के डर से यह कदम उठा रही है..

भाजपा की तरफ से अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.. लेकिन स्थानीय भाजपा नेता कह रहे हैं कि.. मतदाता सूची में नाम हटाने का आवेदन एक कानूनी प्रक्रिया है.. अगर किसी उम्मीदवार की योग्यता पर सवाल है.. तो अदालत या चुनाव आयोग में आवेदन दिया जा सकता है.. भाजपा का दावा है कि वे विकास के मुद्दे पर चुनाव लड़ेंगे.. AAP की बढ़ती लोकप्रियता को वे बाहरी ताकत बता रहे हैं..

वहीं यह घटना गुजरात के पूरे चुनावी माहौल को प्रभावित कर रही है.. AAP ने सूरत नगर निगम के लिए 75 उम्मीदवार घोषित किए हैं.. कांग्रेस ने 243 नामों की सूची जारी की है.. AIMIM भी कुछ सीटों पर चुनाव लड़ रही है.. मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है.. मोनपारी में नाम हटाने का आवेदन आने से AAP को पीड़ित की छवि मिल रही है.. पार्टी इसे जनता के बीच ले जा रही है.. कार्यकर्ता घर-घर जाकर बता रहे हैं कि.. भाजपा पुरानी राजनीति कर रही है..

 

 

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