BLO सुसाइड केस में पुलिस ने टीएमसी समर्थक को किया गिरफ्तार, 20 लाख के लेनदेन का खुलासा

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में एक शिक्षक और बीएलओ हमीमुल इस्लाम की मौत ने प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। पैकमरी चार कृष्णपुर बॉयज प्राइमरी स्कूल में शनिवार रात हमीमुल का शव फंदे से लटकता मिला था। अब पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि यह मामला सिर्फ चुनावी ड्यूटी के दबाव का नहीं, बल्कि लाखों रुपये की धोखाधड़ी और धमकी से भी जुड़ा है।
रानीतला पुलिस ने इस मामले में बुलेट खान नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसे स्थानीय स्तर पर टीएमसी समर्थक बताया जा रहा है। जांच में पता चला है कि आरोपी बुलेट खान ने हमीमुल इस्लाम से करीब 20 लाख रुपये उधार लिए थे। जब हमीमुल ने अपने पैसे वापस मांगे, तो बुलेट खान ने पैसे लौटाने के बजाय उन्हें जान से मारने की धमकी दी। आर्थिक नुकसान और ऊपर से मिल रही धमकियों ने हमीमुल को मानसिक रूप से तोड़ दिया था।
परिजनों ने लगाया था SIR के दबाव का आरोप
इससे पहले, हमीमुल के परिवार ने दावा किया था कि वह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) यानी मतदाता सूची सुधार के काम को लेकर भारी तनाव में थे। निर्वाचन आयोग द्वारा दिए गए काम के बोझ और समय सीमा ने उन्हें शारीरिक और मानसिक रूप से थका दिया था। शनिवार को स्कूल जाने के बाद जब वे घर नहीं लौटे, तो स्कूल के एक कमरे में उनका शव बरामद हुआ।
इस घटना और राज्य में पिछले कुछ दिनों में हुई अन्य बीएलओ की मौतों को लेकर कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। सोमवार को बीएलओ अधिकार रक्षा समिति के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEC) के कार्यालय के बाहर जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग कर्मचारियों की सेहत और उन पर बढ़ते मानसिक दबाव के प्रति उदासीन है। SIR की प्रक्रिया के दौरान काम का बोझ इतना ज्यादा है कि कर्मचारी बीमार पड़ रहे हैं या आत्मघाती कदम उठा रहे हैं।



