मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच फंसे भारतीय! कांग्रेस की सरकार से अपील, तुरंत बचाओ!  

मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच कई भारतीय नागरिकों के फंसे होने की खबर सामने आ रही है... ईरान पर अमेरिका... 

4पीएम न्यूज नेटवर्कः कांग्रेस ने अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों की कड़ी निंदा की है.. पार्टी ने भारत सरकार से अपील की है कि इस युद्ध को तुरंत खत्म करने में मदद करें.. और पश्चिम एशिया में फंसे सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें.. बता दें कि यह हमला 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था.. जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप.. और इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की मिली-जुली सेनाओं ने ईरान पर हमले किए.. इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्लाह अली खामेनेई समेत कई बड़े नेता मारे गए.. कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने साफ कहा कि ट्रंप हफ्तों तक ईरान के साथ बातचीत का दिखावा करते रहे.. लेकिन फिर अचानक शासन बदलने के मकसद से हमला शुरू कर दिया..

यह घटना पश्चिम एशिया में बड़े पैमाने पर तनाव बढ़ा रही है.. ईरान ने बदले में इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं.. लेबनान में हिजबुल्लाह जैसे संगठन भी शामिल हो गए हैं.. युद्ध फैलता जा रहा है और इससे हजारों लोग प्रभावित हो रहे हैं.. भारत में विपक्षी दल कांग्रेस ने इस पूरे मामले को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं.. और उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजराइल यात्रा गलत समय पर हुई.. और इससे युद्ध को राजनीतिक समर्थन मिलने का संदेश गया.. इस बीच मध्य पूर्व में कई भारतीय फंसे हुए हैं.. इनमें कामगार, छात्र और पर्यटक शामिल हैं.. सरकार ने निकासी की तैयारी शुरू कर दी है.. लेकिन हवाई क्षेत्र बंद होने से चुनौतियां बढ़ गई हैं..

जयराम रमेश ने अपनी स्टेटमेंट में विस्तार से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कई हफ्तों तक ईरान के साथ कूटनीति.. और बातचीत का नाटक किया.. इजराइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू.. और अमेरिका के कुछ कट्टरपंथी नेताओं के उकसावे पर उन्होंने शासन बदलने का सैन्य अभियान शुरू कर दिया.. रमेश ने कहा कि कांग्रेस इस हमले की निंदा करती है.. और सरकार से अपील करती है कि युद्धविराम तुरंत हो.. और उन्होंने आगे जोड़ा कि भारत सरकार को पश्चिम एशिया में रहने वाले.. सभी भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए.. यह बयान कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया का हिस्सा है.. पार्टी का कहना है कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है.. और इससे पूरे क्षेत्र में अशांति फैल रही है.. रमेश ने जोर देकर कहा कि भारत को इस संकट में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए ताकि बातचीत से मामला सुलझे..

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर अपनी चिंता जताई.. और उन्होंने कहा कि  अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच तेजी से बढ़ती दुश्मनी चिंताजनक है.. पूरे मध्य पूर्व में हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए.. मैं भारत सरकार से अपील करता हूं कि तुरंत.. और सक्रिय कदम उठाए जाएं.. राहुल गांधी ने यह भी कहा कि भारतीयों की सुरक्षा सबसे ऊपर है.. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी यही बात दोहराई.. और उन्होंने कहा कि ईरान और पूरे मध्य पूर्व में भारतीयों की सुरक्षा.. और भलाई के लिए सरकार को हर संभव उपाय करने चाहिए.. खड़गे ने शांति और स्थिरता पर जोर दिया.. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि केरल से कई भारतीय वहां काम कर रहे हैं.. उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए तुरंत कदम उठाने चाहिए.. पार्टी का पूरा फोकस भारतीय नागरिकों पर है.. क्योंकि वहां लाखों लोग रहते और काम करते हैं..

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया इजराइल यात्रा को शर्मनाक.. और गलत समय पर बताया है.. जयराम रमेश ने कहा कि मोदी 25-26 फरवरी 2026 को इजराइल गए थे.. वहां उन्होंने नेशनल असेंबली यानी नेसेट को संबोधित किया.. और कहा कि भारत इजराइल के साथ पूरी तरह खड़ा है.. और उन्होंने एक पुरस्कार भी लिया.. ठीक दो दिन बाद ही अमेरिका.. और इजराइल ने ईरान पर हमला शुरू कर दिया.. रमेश ने इसे उच्चतम नैतिक कायरता का प्रदर्शन बताया.. और उन्होंने लिखा कि मोदी ने इजराइल जाकर कहा कि भारत इजराइल के साथ है.. यह यात्रा शर्मनाक थी और अब युद्ध शुरू होने के बाद.. और भी ज्यादा शर्मनाक लग रही है.. क्योंकि यह उनके दो अच्छे दोस्तों.. नेतन्याहू और ट्रंप.. द्वारा शुरू किया गया है.. कांग्रेस का कहना है कि इस यात्रा से लगता है कि.. भारत ने सैन्य बढ़ोतरी को राजनीतिक समर्थन दिया.. इससे भारत की पारंपरिक तटस्थ नीति पर सवाल उठ रहे हैं..

प्रधानमंत्री मोदी की इजराइल यात्रा के दौरान कई समझौते हुए.. इनमें एआई, साइबर सुरक्षा, कृषि और रक्षा क्षेत्र के 10 अरब डॉलर के सौदे शामिल थे.. मोदी ने 7 अक्टूबर 2023 के हमास हमले की निंदा की.. और कहा कि कोई भी कारण नागरिकों की हत्या को जायज नहीं ठहरा सकता है.. लेकिन कांग्रेस ने कहा कि यात्रा का समय गलत था.. क्योंकि दुनिया को पता था कि ईरान पर हमला होने वाला है.. पार्टी ने आरोप लगाया कि इससे भारत की मध्य पूर्व नीति एकतरफा लग रही है.. सचिन पायलट जैसे नेता भी बोले कि यात्रा का समय सही नहीं था.. और मोदी के भाषण से भारत की निष्पक्षता पर शक होता है.. कांग्रेस का मानना है कि भारत को इजराइल के साथ दोस्ती रखते हुए ईरान, फिलिस्तीन.. और अरब देशों के साथ भी संतुलन बनाए रखना चाहिए..

वहीं अब बात करते हैं इस युद्ध के बीच फंसे भारतीयों की.. पश्चिम एशिया में करीब 90 लाख भारतीय रहते हैं.. ज्यादातर खाड़ी देशों में कामगार हैं.. ईरान में अकेले 10 हजार से ज्यादा भारतीय हैं.. जिनमें 2000 से अधिक कश्मीरी छात्र मेडिकल की पढ़ाई कर रहे हैं.. दुबई और अबू धाबी में पर्यटक और एमबीए छात्र फंसे हैं.. एक दुबई में काम करने वाले भारतीय ने सोशल मीडिया पर अपील की.. मैं काम की तलाश में आया था.. लेकिन अब बंकर की तलाश कर रहा हूं.. मोदी जी और सरकार से गुजारिश है कि हमें निकाल लें.. तेहरान में एक छात्र ने कहा कि मिसाइलें गिर रही हैं.. स्थिति बहुत खराब है.. सरकार से जल्द निकासी की अपील है.. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर कहा कि 1100-1200 छात्र अभी भी खतरे में हैं.. पंजाब के नेता भी पंजाबी नागरिकों की निकासी की मांग कर रहे हैं..

भारत सरकार ने इस संकट पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है.. विदेश मंत्रालय ने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल की घटनाओं से हम गंभीर रूप से चिंतित हैं.. हम सभी पक्षों से संयम बरतने.. बढ़ोतरी न करने और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील करते हैं.. MEA ने संवाद और कूटनीति से तनाव कम करने की बात कही.. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी और इजराइली समकक्षों से बात की.. भारतीय दूतावासों ने सभी नागरिकों को सतर्क रहने.. और स्थानीय निर्देशों का पालन करने की सलाह दी.. हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण उड़ानें रद्द हो गई हैं.. एयर इंडिया और इंडिगो जैसी कंपनियां स्थिति पर नजर रख रही हैं..

जानकारी के मुताबिक सरकार ने निकासी की पूरी तैयारी कर ली है.. MEA ने कई देशों के लिए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर +989128109115, +989128109109, +96565501946 जारी किए हैं.. वहीं ये नंबर मेडिकल इमरजेंसी, सुरक्षा और निकासी के लिए हैं.. विदेश मंत्रालय के मिशन नागरिकों से संपर्क में हैं.. नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरपोर्ट्स को अलर्ट किया है.. मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि सभी भारतीयों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है.. और निकासी के लिए चर्चा चल रही है.. हालांकि हवाई क्षेत्र बंद है, इसलिए रास्ते खुलने पर विशेष उड़ानें चलाई जा सकती हैं..

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर बड़े हमले शुरू किए.. लक्ष्य था ईरान का परमाणु कार्यक्रम रोकना, मिसाइल साइटें नष्ट करना.. और शासन बदलना.. ट्रंप ने कहा कि यह अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी था.. हमलों में खामेनेई मारे गए.. ईरान ने बदला लिया और इजराइल, बहरीन, दोहा, अबू धाबी पर हमले किए.. अब युद्ध लेबनान तक फैल गया है.. हिजबुल्लाह ने भी मिसाइलें दागी हैं.. अमेरिका ने कहा कि ऑपरेशन 4-5 हफ्ते चल सकता है.. कई अमेरिकी सैनिक मारे जा चुके हैं.. ईरान में सैकड़ों लोग मारे गए.. इससे तेल की कीमतें बढ़ रही हैं.. और वैश्विक अर्थव्यवस्था प्रभावित हो रही है..

भारत इजराइल के साथ रक्षा और तकनीक में मजबूत साझेदारी रखता है.. वहीं ईरान से तेल आयात और चाबहार बंदरगाह जैसे प्रोजेक्ट चलते हैं.. खाड़ी देशों से लाखों भारतीय काम करते हैं.. और विदेशी मुद्रा भेजते हैं.. कांग्रेस का कहना है कि मोदी सरकार की नीति एकतरफा हो गई है.. जिससे ईरान जैसे पुराने दोस्त नाराज हो सकते हैं.. पार्टी ने कहा कि भारत को सभी पक्षों से संतुलित रिश्ता रखना चाहिए.. अन्य विपक्षी दल जैसे सीपीआई (एम) ने भी हमले की निंदा की.. और कहा कि अमेरिका एक उग्र गुंडा की तरह व्यवहार कर रहा है.. उन्होंने सरकार से ईरान के हमलों की भी निंदा करने की मांग की.. एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने पूछा कि नेतन्याहू ने मोदी को हमले की जानकारी दी थी या नहीं..

इस संकट में भारतीय छात्रों और कामगारों की कहानियां दिल दहला रही हैं.. पुणे से 84 एमबीए छात्र दुबई में फंसे हैं.. वे होटल में इंतजार कर रहे हैं कि कब उड़ानें शुरू होंगी.. ईरान के मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र मिसाइलों की आवाज सुन रहे हैं.. एक छात्र ने वीडियो में कहा कि हम नहीं जानते क्या होगा.. सरकार से जल्द मदद चाहिए.. जम्मू-कश्मीर के छात्रों के परिवार चिंतित हैं.. कई परिवारों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट किए और मोदी सरकार से अपील की.. MEA ने सभी को सलाह दी है कि स्थानीय सुरक्षा नियमों का पालन करें और दूतावास से संपर्क में रहें..

भारत की विदेश नीति हमेशा संतुलित रही है.. स्वतंत्रता के बाद से भारत ने फिलिस्तीन का समर्थन किया है.. लेकिन इजराइल के साथ भी रिश्ते मजबूत किए हैं.. मोदी सरकार ने इजराइल के साथ संबंधों को नई ऊंचाई दी.. लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि ईरान पर हमले के समय इजराइल यात्रा ने गलत संदेश दिया.. पार्टी ने कहा कि इससे भारत की छवि प्रभावित हुई.. रमेश ने कहा कि मोदी की विश्वगुरु वाली छवि अब बेनकाब हो गई है.. और उन्होंने एकतरफा व्यापार सौदों.. और चीन-रूस जैसे मुद्दों पर चुप्पी का भी जिक्र किया..

वर्तमान में युद्ध का असर बढ़ रहा है.. ईरान ने कहा कि बातचीत नहीं होगी जब तक हमले जारी हैं.. ट्रंप ने कहा कि ऑपरेशन सफलता से आगे बढ़ रहा है.. इजराइल ने और हमलों की घोषणा की.. खाड़ी देशों में एयरपोर्ट बंद हैं.. दुबई के जेबल अली बंदरगाह पर मलबा गिरने से आग लग गई.. बहरीन, कुवैत, ओमान में सायरन बज रहे हैं.. दुनिया भर के नेता शांति की अपील कर रहे हैं.. भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने की बात कही है..

 

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