वडोदरा में ‘श्रीवास्तव ब्रदर्स’ का जलवा, चंद्रकांत 10वीं बार पार्षद, बेटी दीपा भी जीती
वडोदरा में स्थानीय चुनावों के नतीजों ने एक बार फिर ‘श्रीवास्तव ब्रदर्स’ की मजबूत पकड़ को साबित कर दिया... चंद्रकांत ने 10वीं बार...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा एक बार फिर धुरंधर बनकर उभरी है.. पूरे राज्य में सभी 15 नगर निगमों पर भाजपा ने कब्जा कर लिया.. बड़े शहरों में जहां एंटी-इंकंबेंसी यानी सत्ता विरोधी लहर.. और पुराने पार्षदों के खिलाफ नाराजगी देखी जा रही थी.. वहां भी भाजपा ने जोरदार प्रदर्शन किया.. और अपनी पकड़ बनाए रखी.. विशेष रूप से वडोदरा नगर निगम के नतीजे काफी दिलचस्प रहे.. यहां भाजपा ने 76 सीटों में से 69 सीटें जीतकर अपना पुराना रिकॉर्ड बरकरार रखा..
कांग्रेस को सिर्फ 6 सीटें मिलीं, जबकि आम आदमी पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली.. एक निर्दलीय उम्मीदवार हरिश पटेल ने भी जीत हासिल की.. पिछले 2021 के चुनाव में भी भाजपा को ठीक 69 सीटें मिली थी.. इस बार एंटी-इंकंबेंसी के बावजूद भाजपा की यह जीत पार्टी की मजबूत संगठनात्मक ताकत.. और स्थानीय स्तर पर किए गए काम को दिखाती है.. अहमदाबाद नगर निगम में कांग्रेस को कुछ अतिरिक्त सीटें जरूर मिली.. लेकिन भाजपा ने यहां भी बहुमत बनाए रखा.. कांग्रेस की बढ़ोतरी बहुत सीमित रही..
सूरत नगर निगम में तो विपक्ष लगभग गायब हो गया.. भाजपा ने यहां भारी बहुमत हासिल किया.. और कांग्रेस तथा अन्य पार्टियों को बहुत कम सीटें मिलीं.. सूरत में भाजपा की जीत इतनी एकतरफा रही कि निगम को लगभग विपक्ष-विहीन कहा जा सकता है.. ये नतीजे दिखाते हैं कि.. गुजरात के बड़े शहरी केंद्रों में भाजपा की जड़ें अभी भी बहुत मजबूत हैं.. लोगों ने विकास कार्यों, सड़कों, पानी, सफाई.. और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता दी..
वडोदरा गुजरात के मध्य क्षेत्र का महत्वपूर्ण शहर माना जाता है.. यहां डिप्टी सीएम हर्ष संघवी प्रभारी मंत्री के रूप में सक्रिय थे.. और उन्होंने भाजपा की रणनीति बनाई और पार्टी को मजबूत करने की कोशिश की.. फिर भी कुछ अप्रत्याशित नतीजे सामने आए.. वडोदरा में सबसे ज्यादा चर्चा श्रीवास्तव ब्रदर्स, चंद्रकांत श्रीवास्तव और मधु श्रीवास्तव की रही.. दोनों भाई उत्तर भारतीय समुदाय में काफी लोकप्रिय हैं.. चंद्रकांत श्रीवास्तव ने कांग्रेस के टिकट पर वार्ड 16 से 10वीं बार जीत हासिल की.. यह उनकी लगातार सफलता है..
मधु श्रीवास्तव 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा द्वारा साइडलाइन किए जाने के बाद कांग्रेस में शामिल हो गए.. उन्होंने अपनी एक बेटी दीपा श्रीवास्तव को कांग्रेस के टिकट पर वार्ड 14 से चुनाव लड़ाया.. दीपा श्रीवास्तव जीत गईं और नगर निगम पहुंच गईं.. वार्ड 14 में पिछले चुनाव में भाजपा ने सभी चार सीटों पर कब्जा किया था.. इस बार दीपा श्रीवास्तव और कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार तीर्थ ब्रह्मभट्ट की जीत ने भाजपा को झटका दिया.. हालांकि, वार्ड 14 की दो सीटें भाजपा के खाते में भी आईं..
मधु श्रीवास्तव की दूसरी बेटी नीलम श्रीवास्तव वार्ड 15 से मैदान में थीं.. लेकिन वे हार गईं.. दोनों भाइयों ने वार्ड 15 में भी काफी जोर लगाया था.. यहां सबसे बड़ा उलटफेर हुआ.. भाजपा से बगावत करके कांग्रेस के टिकट पर लड़े आशीष जोशी ने जीत हासिल की.. आशीष जोशी पिछले कार्यकाल के लोकप्रिय पार्षद थे.. उन्हें भाजपा ने सस्पेंड कर दिया था.. जिसके बाद वे कांग्रेस में चले गए.. उनकी जीत ने भाजपा को बड़ा झटका दिया..



