पश्चिम बंगाल में बदली सत्ता, शुभेंदु अधिकारी के साथ 5 मंत्रियों ने भी ली शपथ

पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया, जब बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

कोलकाता में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही पश्चिम बंगाल में पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार आधिकारिक तौर पर सत्ता में आ गई।

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच अन्य नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें बीजेपी के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष, विधायक अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, आदिवासी चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले क्षुदिराम टुडू और केंद्रीय राजनीति में सक्रिय निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। इन नेताओं को अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारी दिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

ऐतिहासिक रहा शपथ ग्रहण समारोह

कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित इस समारोह में बीजेपी के कई बड़े नेता मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे कोलकाता में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।

बीजेपी समर्थकों ने “जय श्रीराम” और “बदल गया बंगाल” के नारों के साथ इस मौके का जश्न मनाया। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सिर्फ सरकार बदलने का नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक दिशा की शुरुआत का दिन है।

शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर

शुभेंदु अधिकारी का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी, लेकिन बाद में वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गए। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान उनका कद तेजी से बढ़ा और वे बंगाल की राजनीति का बड़ा चेहरा बनकर उभरे।

साल 2020 में उन्होंने टीएमसी छोड़कर बीजेपी का दामन थाम लिया था। इसके बाद वे लगातार बीजेपी के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाने लगे। हालिया विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत के बाद विधायक दल ने उन्हें अपना नेता चुना और अब वे राज्य के मुख्यमंत्री बन गए हैं।

किन नेताओं को मिली जगह?

नई सरकार में शामिल किए गए नेताओं को सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन के आधार पर चुना गया माना जा रहा है।

दिलीप घोष को संगठन और हिंदुत्व की राजनीति का मजबूत चेहरा माना जाता है। अग्निमित्रा पॉल महिला नेतृत्व और युवा वर्ग में लोकप्रिय हैं। अशोक कीर्तनिया उत्तर बंगाल का प्रतिनिधित्व करते हैं। क्षुदिराम टुडू आदिवासी समुदाय का बड़ा चेहरा माने जाते हैं। निसिथ प्रमाणिक का प्रभाव सीमावर्ती इलाकों और युवा मतदाताओं के बीच देखा जाता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी ने मंत्रिमंडल गठन में सामाजिक समीकरणों और आगामी लोकसभा रणनीति दोनों का ध्यान रखा है।

ममता बनर्जी युग का अंत

इस चुनाव परिणाम के साथ ही पश्चिम बंगाल में लंबे समय से चल रहा तृणमूल कांग्रेस का शासन खत्म हो गया है। ममता बनर्जी के नेतृत्व में टीएमसी ने एक दशक से ज्यादा समय तक सत्ता संभाली थी, लेकिन इस बार बीजेपी ने चुनाव में बड़ी जीत हासिल कर राजनीतिक समीकरण बदल दिए।

नई सरकार के सामने बड़ी चुनौतियां

नई बीजेपी सरकार के सामने कई बड़ी चुनौतियां होंगी। इनमें कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, उद्योग निवेश, सीमा सुरक्षा और राजनीतिक हिंसा जैसे मुद्दे प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद कहा कि उनकी सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम करेगी और बंगाल को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार राजनीतिक भेदभाव से ऊपर उठकर काम करेगी और राज्य में निवेश बढ़ाने के लिए बड़े फैसले लिए जाएंगे।

पूरे देश की नजर बंगाल पर

पश्चिम बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद अब पूरे देश की नजर नई सरकार के कामकाज पर रहेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बंगाल की यह जीत बीजेपी के लिए राष्ट्रीय राजनीति में भी बड़ा संदेश है। वहीं विपक्ष इसे आने वाले समय में लोकतांत्रिक और राजनीतिक संघर्ष का नया दौर बता रहा है।

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