सीतापुर: व्हाट्सएप कॉल से चल रहा था खेल, 5 लाख की शराब के साथ दो गिरफ्तार

सीतापुर की महोली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बलेनो कार से 745 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद की। हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही करीब 5 लाख रुपये की शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क:  उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में पुलिस ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लाखों रुपये की अंग्रेजी शराब बरामद की है। महोली पुलिस ने हाईवे पर घेराबंदी कर एक बलेनो कार से 745 बोतल अंग्रेजी शराब जब्त की और दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप हरियाणा से बिहार ले जाई जा रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई ने उन संगठित नेटवर्कों की कार्यप्रणाली को भी उजागर किया है, जो बिहार में लागू शराबबंदी का फायदा उठाकर अवैध कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं।

हाईवे पर घेराबंदी कर पकड़ी गई शराब की खेप

पुलिस को मुखबिर के माध्यम से सूचना मिली थी कि एक कार में बड़ी मात्रा में शराब लेकर तस्कर गुजरने वाले हैं। सूचना के आधार पर महोली पुलिस ने हाईवे पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया और संदिग्ध वाहन को रोकने का प्रयास किया। तलाशी के दौरान बलेनो कार से 745 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई जा रही है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

फर्जी नंबर प्लेट लगाकर करते थे तस्करी

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस की निगरानी से बचने के लिए वाहन पर फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल कर रहे थे। इससे उनकी पहचान और वाहन की ट्रैकिंग मुश्किल हो जाती थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह नेटवर्क काफी समय से सक्रिय हो सकता है और विभिन्न राज्यों के बीच शराब की अवैध सप्लाई में शामिल रहा है।

व्हाट्सएप कॉल के जरिए संचालित हो रहा था नेटवर्क

पूछताछ के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी सामान्य फोन कॉल के बजाय व्हाट्सएप कॉल का इस्तेमाल करते थे, ताकि उनकी बातचीत आसानी से ट्रैक न की जा सके। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं तथा शराब की सप्लाई किन स्थानों तक की जा रही थी।

बिहार शराबबंदी का उठा रहे थे फायदा

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि तस्कर बिहार में लागू शराबबंदी कानून का फायदा उठाकर अवैध कारोबार कर रहे थे। हरियाणा से शराब खरीदकर उसे बिहार तक पहुंचाने का काम किया जाता था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों को एक खेप पहुंचाने के बदले करीब 15 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था। इस तरह वे नियमित रूप से शराब की तस्करी कर रहे थे।

ढाबों को बनाया था पिकअप प्वाइंट

जांच में यह भी सामने आया कि राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे स्थित कुछ ढाबों और ठहराव स्थलों का इस्तेमाल पिकअप और डिलीवरी प्वाइंट के रूप में किया जा रहा था। तस्कर यहां रुककर नेटवर्क से जुड़े लोगों के संपर्क में रहते थे और आगे की रणनीति तय करते थे। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं अन्य लोग या स्थान इस नेटवर्क से जुड़े तो नहीं हैं।

नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने की कोशिश

महोली पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही बरामद मोबाइल फोन, वाहन और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। जांच के जरिए पूरे नेटवर्क की पहचान कर अवैध शराब कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। सीतापुर पुलिस की इस कार्रवाई को हाल के दिनों में शराब तस्करी के खिलाफ की गई महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है, जिसने अंतरराज्यीय नेटवर्क की कार्यशैली को उजागर कर दिया है।

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