कांग्रेस नेताओं का भाजपा पर प्रहार जारी
मनरेगा बचाओ प्रदर्शनकारियों पर ‘बर्बर लाठी चार्ज’ से कांग्रेस भाजपा पर बरसी, उप्र सरकार की आलोचना की, मणिशंकर ने भी मोर्चा खोला

मोदी व योगी की ट्रबल सरकार कर रही अत्याचार : जयराम रेमश
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। कांग्रेस नेताओं का भाजपा प्रहार करना जारी। जयराम रमेश व मणिशंकर अय्यर के निशाने पर योगी व मोदी भी हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में योगी-मोदी की ट्रबल इंजन सरकार ने पुलिस को वाराणसी में पार्टी के राष्ट्रव्यापी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के तहत शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे एनएसयूआई प्रदर्शनकारियों पर क्रूरतापूर्वक लाठीचार्ज करने का आदेश दिया।
कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने एक वीडियो क्लिप साझा की जिसमें पुलिस को कथित तौर पर प्रदर्शनकारियों को धक्का देते और उनके खिलाफ बल प्रयोग करते हुए देखा जा सकता है। रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेरे युवा साथी वरुण चौधरी के नेतृत्व में छात्रों ने मनरेगा बचाओ संग्राम मार्च निकाला।
रमेश ने आरोप लगाया, यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण और संवैधानिक अधिकारों के तहत किया गया लोकतांत्रिक प्रदर्शन था, लेकिन योगी-मोदी की ट्रबल-इंजन सरकार को सवालों से इतनी घबराहट है कि उसने पुलिस के जरिये बेरहमी से लाठीचार्ज करा दिया। नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) कांग्रेस की छात्र शाखा है। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने भी इस घटना को लेकर भाजपा पर निशाना साधा।

मोदी सरकार करोड़ों मजदूरों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीन रही
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मनरेगा को खत्म करके करोड़ों मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीनने के खिलाफ वाराणसी में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे एनएसयूअ छात्रों पर बर्बरतापूर्ण बल प्रयोग एवं गिरफ्तारी अत्यंत निंदनीय है। हम कड़े शब्दों में इस कायरतापूर्ण कार्रवाई की निंदा करते हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘नरेन्द्र मोदी सरकार करोड़ों मजदूरों से रोजगार का कानूनी अधिकार छीन रही है और आवाज उठाने वालों पर बल प्रयोग किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी का हर एक कार्यकर्ता इस अन्याय, अत्याचार और दमन के खिलाफ डटकर खड़ा है।’’ शनिवार को कांग्रेस ने संप्रग काल के ग्रामीण रोजगार कानून को निरस्त करने के विरोध में अपना 45 दिवसीय राष्ट्रव्यापी अभियान – मनरेगा बचाओ संग्राम – शुरू किया और हर जिले में संवाददाता सम्मेलन का आयोजन किया।
हिंदुत्व हिंदू धर्म के लिए खतरा: अय्यर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को कलकाता प्रेस क्लब की ओर से आयोजित ‘द डिबेट 2026’ में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने हिंदुत्व से हिंदू धर्म को सुरक्षा की जरूरत है शीर्षक पर बोलते हुए हिंदुत्व के कॉन्सेप्ट की आलोचना की। अय्यर ने कहा, हिंदुत्व पैरानोया में हिंदू धर्म है। यह 80 फीसदी हिंदुओं को 14 फीसदी मुसलमानों के सामने डरने के लिए कहता है। हिंदुत्व एक बीजेपी नेता का अंधी, भूखी आदिवासी लडक़ी को थप्पड़ मारना है क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल होती है। हिंदुत्व शॉपिंग मॉल में जाकर क्रिसमस की सजावट तहस-नहस कर देता है। रविवार को कलकत्ता डिबेटिंग सर्कल द्वारा आयोजित इस बहस में तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा, पूर्व सांसद स्वपन दासगुप्ता, वकील जे साई दीपक, बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी, बीजेपी विधायक अग्निमित्रा पॉल, इतिहासकार रुचिका शर्मा और वरिष्ठ पत्रकार आशुतोष अन्य मौजूद थे। अय्यर ने ने आगे कहा कि सावरकर ने बौद्ध धर्म को सभी हिंदुओं के लिए एक अस्तित्वगत खतरा बताया था। उन्होंने इसे हिंदुत्व का अंतिम खंडन बताया, जिसमें सार्वभौमिकता और अहिंसा का नशा था।
रोहतास अपार्टमेंट केफ्लैट में लगी आग महिला की मौत, पति जख्मी
इंद्रानगर केरवीन्द्र पल्ली में हुआ हादसा
हीटर से लगी आग, पुलिस और दमकल की पांच गाडियां मौके पर
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। गाजीपुर थाना क्षेत्र के नीलगिरी चौराहे के पास रवीन्द्र पल्ली स्थित रोहतास अपार्टमेंट के फ्लैट नंबर 73-74 में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। फ्लैट में गहरी नींद में सो रहीं 45 वर्षीय निदा रिज़वी आग की लपट देख छत से छलांग लगा ली, जिससे उनकी मौत हो गई, जबकि उनके 50 वर्षीय पति सैयद अम्मार रिजवी गंभीर रूप से झुलस गए।
मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने फ्लैट में फंसी उनकी 20 वर्षीय बेटी जारा रिजवी सकुशल बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची दमकल की पांच गाडिय़ों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन इससे पहले सबकुछ जलकर राख हो गया। आग इतनी भयंकर थी कि देखते ही देखते पूरे फ्लैट को अपनी आगोश में ले लिया। आग लगने और फ्लैट से निकल रही आग की लपटों को देख आसपास में हडक़ंप मच गया। पुलिस आनन-फानन में घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने निदा रिज़वी को मृत घोषित कर दिया, जबकि उनके पति की हालत गंभीर बताई जा रही। पुलिस मामले की छानबीन कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। निजी स्कूल संचालक 50 वर्षीय सैयद मोहम्मद अम्मार रिजवी अपनी 45 वर्षीय पत्नी निदा रिज़वी व 20 वर्षीय बेटी जारा रिजवी के साथ गाजीपुर थाना क्षेत्र के नीलगिरी चौराहे के पास रवीन्द्र पल्ली स्थित रोहतास अपार्टमेंट में फ्लैट नंबर 74 में किराए पर रहते हैं।
परिवार गहरी नींद में सो रहा था
बताया जा रहा है कि परिवार गहरी नींद में सो रहा था कि सोमवार सुबह करीब सात बजे फ्लैट नंबर 74 में आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि देखते ही देखते बगल के 73 नंबर फ्लैट को भी अपने कब्जे में ले लिया। कमरे में आग की लपट देख गहरी नींद में सो रहीं निदा रिज़वी डर के चलते बिल्डिंग की छत से छलांग लगा दी। सिर में चोट लगते ही निदा की दर्दनाक मौत हो गई। जबकि उनके पति सैयद मोहम्मद अम्मार रिजवी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस और दमकल कर्मियों ने फ्लैट में फंसी जारा रिजवी को काफी मशक्कत के बाद सकुशल बाहर निकाल उसकी जान बचा ली।
घंटेभर की मशक्कत के बाद घर में फंसे लोग निकाले जा सके
रवीन्द्र पल्ली स्थित रोहतास अपार्टमेंट के मालिक हसीन हैं, जिसमें सैयद मोहम्मद अम्मार रिजवी परिवार के साथ रहते हैं। सोमवार सुबह करीब सात बजे हुए हादसे में स्कूल संचालक सैयद मोहम्मद अम्मार रिजवी की पत्नी निदा रिज़वी की मौत का मंजर देखने वालों की रूह कांप गई। फ्लैट पूरी तरह से राख में तब्दील हो गया था। चारों ओर चीख-पुकार मची हुई थी। पुलिस और दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हादसा लगभग सात बजे सुबह हुआ। सूचना के चंद मिनटों बाद ही पुलिस दमकल कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गई और आनन-फानन में बचाव कार्य शुरू कर दिया।
पीएसएलवी-सी 62 रॉकेट तय रास्ते से भटका
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। 12 जनवरी 2026 को इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गनाइजेशन (इसरो) ने इस साल का पहला मिशन लॉन्च किया। इसके तहत श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से सुबह 10:17 बजे 16 सैटेलाइट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया। लेकिन इसी बीच अंतरिक्ष में एक पीएसएलवी- सी 6262 रॉकेट तय रास्ते से भटक गया।
इसरो ने कर इसकी जानकारी दी है। इसरोचीफ डॉ. वी. नारायणन ने कहा, पीएसएलवी रॉकेट का प्रदर्शन पहले और दूसरे चरण के अंत तक सामान्य रहा। लेकिन तीसरे चरण के आखिर में रॉकेट के घूमने की गति में थोड़ी ज्यादा गड़बड़ी दिखी, इसके बाद वह रास्ता भटक गया। हम डेटा का विश्लेषण कर रहे हैं।
उत्तर भारत में हाड़ कपाने वाली ठंड
कई शहरों में पारा 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। दिल्ली-एनसीआर और लगभग पूरा उत्तर भारत इस वक्त कड़ाके की सर्दी की कैद में हैं। देश की राजधानी दिल्ली में सोमवार की सुबह न्यूनतम तापमान 3-4 डिग्री सेंटीग्रेट के आसपास रहा और कई स्टेशनों पर तापमान 5डिग्री सेंटीग्रेट या उससे कम दर्ज हुआ। भले ही सुबह ही धूप निकल गई लेकिन सर्दी का प्रकोप इतना है कि लोगों को ज्यादा राहत महसूस नहीं हुई।
इस मौसम में शीतलहर और सुबह के कोहरे ने सिहरन और बढ़ा दी है। नतीजतन लोग मोटी-मोटी जैकेट्स और ऊनी कपड़ों में पैक नजर आ रहे हैं.। सडक़ों पर सुबह के वक्त कोहरे में जरूर रफ्तार थामी लेकिन सूरज ने जल्द ही कोहरे की परत को हटा दिया। उत्तर भारत के कई शहरों में भी पारा 5 डिग्री सेल्सियस या उससे कम तक जा पहुंचा।अमृतसर में आज 1.1डिग्री सेल्सियस तापमान रहा, जबकि राजस्थान में चुरू 1.3डिग्री सेल्सियस और गंगानगर 1.4डिग्री सेल्सियस पर दर्ज हुआ। यूपी के मेरठ 4.5डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। यानी दिल्ली से सटे हरियाणा-पंजाब-उत्तर प्रदेश के शहर भी कड़ाके की गिरफ्त में हैं।
केंद्र सरकार-चुनाव आयुक्त सुप्रीम नोटिस
कोर्ट ने इलेक्शन कमिश्नर्स की नियुक्ति पर मांगा जवाब
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। सर्वोच्च न्यायालय ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और अन्य चुनाव आयुक्त विधेयक, 2023 के एक महत्वपूर्ण प्रावधान को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस जारी करते हुए गंभीर संवैधानिक चिंता व्यक्त की।
याचिका में तर्क दिया गया है कि नया कानून मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) और चुनाव आयुक्तों (ईसी) को उनके आधिकारिक कर्तव्यों के दौरान किए गए कार्यों के लिए किसी भी दीवानी या आपराधिक कार्यवाही से अभूतपूर्व, आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान करता है। याचिकाकर्ता के अनुसार, विधेयक में निहित प्रतिरक्षा प्रावधान संवैधानिक सीमाओं का उल्लंघन करता है और जवाबदेही के सिद्धांत को कमजोर करता है। याचिकाकर्ता के वकील ने तर्क दिया, विधेयक मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयोग को ऐसी अभूतपूर्व प्रतिरक्षा प्रदान नहीं कर सकता जो संविधान निर्माताओं ने न्यायाधीशों को भी नहीं दी। संसद ऐसी उच्च प्रतिरक्षा प्रदान नहीं कर सकती जो संविधान निर्माताओं ने अन्य गणमान्य व्यक्तियों को नहीं दी। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने उठाई गई चिंताओं पर ध्यान दिया और संकेत दिया कि इस मुद्दे पर गहन न्यायिक जांच की आवश्यकता है। मुख्य न्यायाधीश ने कहा, हम इसकी जांच करना चाहेंगे। हम नोटिस जारी कर रहे हैं। पीठ ने केंद्र और चुनाव आयोग दोनों से जवाब मांगा है।



