महाराष्ट्र MLC चुनाव में कांग्रेस की सख्ती, दो उम्मीदवार हुए निष्कासित

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नामांकन वापस लेने पर कांग्रेस ने यवतमाल और चंद्रपुर के दो उम्मीदवारों को निष्कासित किया. शैलेश अग्रवाल की वापसी से महायुति के अरुण लखानी निर्विरोध जीते.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नामांकन वापस लेने पर कांग्रेस ने यवतमाल और चंद्रपुर के दो उम्मीदवारों को निष्कासित किया. शैलेश अग्रवाल की वापसी से महायुति के अरुण लखानी निर्विरोध जीते. इस बीच संजय राउत ने 6 सीटों पर विपक्ष की वापसी और 150 करोड़ के सौदे का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है.

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में नामांकन वापस लेने वाले यवतमाल से कांग्रेस उम्मीदवार साहेबराव कांबले और चंद्रपुर-वर्धा-गड़चिरोली क्षेत्र से कांग्रेस उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है. दोनों नेताओं ने अंतिम समय में अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने इसे पार्टी अनुशासन का उल्लंघन मानते हुए कड़ी कार्रवाई की.

चंद्रपुर-वर्धा-गडचिरोली विधान परिषद चुनाव में एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया था. कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार शैलेश अग्रवाल ने अपना नामांकन वापस ले लिया था. नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि पर, वे जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और अपना आवेदन वापस ले लिया.

इसके बाद, निर्दलीय उम्मीदवार सुधीर कोठारी ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया, जिससे महायुति पार्टी के उम्मीदवार अरुण लखानी के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया. सूत्रों के अनुसार, जिला कलेक्टर ने दोनों उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने की सूचना चुनाव विभाग को दे दी है और यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लखानी निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं.

नाम वापसी से कांग्रेस में हड़कंप
कांग्रेस द्वारा अपनी उम्मीदवारी की घोषणा के बाद, शैलेश अग्रवाल ने चुनाव लड़ने की तैयारी शुरू कर दी थी. हालांकि, उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र की जनसंख्या घनत्व को देखते हुए जीत की संभावना कम होने का एहसास होने पर उन्होंने अंततः अपना नाम वापस लेने का फैसला किया.

दिलचस्प बात यह है कि यह बात सामने आई है कि उन्होंने यह फैसला लेते समय स्थानीय कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को कोई पूर्व सूचना नहीं दी थी. इससे पार्टी में भारी हलचल मच गई है और कार्यकर्ताओं में असंतोष का माहौल बन गया है. आवेदन वापस लेने के बाद मीडिया से बातचीत में अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि वह अपर्याप्त संख्या के कारण चुनाव से हट रहे हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व को इस फैसले की जानकारी दे दी है.

इस बार उन्होंने कुछ कांग्रेस नेताओं पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है. शैलेश अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस के कुछ लोग भाजपा के कुछ नेताओं के साथ मिलीभगत करके मतदाताओं में पैसे बांट रहे हैं.इसके बाद कांग्रेस ने कार्रवाई की और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया.

संजय राउत ने लगाए ये आरोप
दूसरी ओर, संजय राउत ने एक्स पर पोस्ट कर दावा किया कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव के नामांकन वापस लेने के आखरी दिन 17 में से 6 जगह विपक्ष द्वारा नामांकन वापस लेने के कारण 6 सीट निर्विरोध हो गई. शिवसेना के नेता संजय राउत ने कोकण के सीट का नामांकन वापसी का एक वीडियो शेयर किया.

इस वीडियो में बीजेपी मंत्री नितेश राणे एनसीपी अजित गुट उम्मीदवार अनिकेत तटकरे और शिवसेना UBT से नाम वापस लेने वाले उम्मीदवार बाल माने वीडियो में विक्ट्री की साइन दिखाकर खुशी जाहिर कर रहे हैं.

संजय राउत का आरोप है कि महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में कोकण,छत्रपति संभाजी नगर और पुणे सीट पर नाम वापसी के नाटक के लिए 150 करोड़ रुपये खर्च किए गए है. कोंकण, छत्रपति संभाजीनगर और पुणे में हुए सौदे लोकतंत्र के लिए घातक है.

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