दलित युवक केस ने पकड़ा तूल, 6 पुलिसकर्मी सलाखों के पीछे

बिहार के भोजपुर जिले में दलित युवक सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार के भोजपुर जिले में दलित युवक सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जगदीशपुर उत्पाद थाना के दो एएसआई, तीन होमगार्ड जवान और एक निजी चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है.

बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के गंज गांव निवासी दलित युवक सनोज कुमार के रहस्यमय ढंग से लापता होने के मामले में पटना हाईकोर्ट की सख्ती के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. जगदीशपुर उत्पाद थाना में तैनात दो एएसआई, तीन होमगार्ड जवान और एक निजी चालक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है. भोजपुर के पुलिस अधीक्षक राज ने इसकी पुष्टि की है.

गिरफ्तार आरोपितों में एएसआई धीरज कुमार सिंह, एएसआई राज कुमार, होमगार्ड जवान राजू सिंह, उमेश यादव, धर्मेंद्र पासवान तथा निजी चालक विकास सिंह शामिल हैं. सभी पर सनोज कुमार को हिरासत में लेने के बाद उसके लापता होने के मामले में संलिप्तता की जांच चल रही है. एक अन्य संदिग्ध पुलिसकर्मी से भी पूछताछ की जा रही है.

11 महीने पहले मिली थी लाश
यह मामला 13 अगस्त 2025 का है. परिजनों के अनुसार, उस दिन शाम सनोज कुमार ने अपने पिता गौरी शंकर राम को फोन कर बताया था कि धरहरा महादलित टोला के पास उत्पाद विभाग की टीम ने उसे पकड़ लिया है. इसके कुछ ही देर बाद उसका मोबाइल बंद हो गया और वह फिर कभी घर नहीं लौटा.

काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं मिला. अगले दिन पिता ने बिहिया थाने में गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराते हुए उत्पाद विभाग पर बेटे को गायब करने का आरोप लगाया. जांच के दौरान सनोज की बाइक घटनास्थल के पास लावारिस हालत में मिली थी.

उत्पाद विभाग कर्मी के पास मिला मोबाइल
बाद में स्थानीय पुलिस की जांच में उसका एक मोबाइल उत्पाद विभाग के कर्मियों के पास से बरामद किया गया, जबकि दूसरा मोबाइल अब तक नहीं मिला है. इसी तथ्य ने पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बना दिया. स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं होने के बाद परिजनों ने पटना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया. हालिया सुनवाई में हाईकोर्ट ने भोजपुर के डीएम और एसपी को व्यक्तिगत रूप से तलब कर मामले में प्रगति रिपोर्ट मांगी थी.

कोर्ट की सख्ती पर हुई कार्रवाई
कोर्ट के निर्देश के बाद पुलिस ने जांच तेज करते हुए संदिग्ध पुलिसकर्मियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सभी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया. कोर्ट के आदेश पर सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

उत्पाद विभाग की दलील भी सवालों के घेरे में
इस मामले में उत्पाद विभाग की दलील भी सवालों के घेरे में है. विभाग का कहना है कि सनोज हिरासत से भाग गया था, लेकिन यदि ऐसा था तो उसके खिलाफ कस्टडी से फरार होने की प्राथमिकी क्यों दर्ज नहीं कराई गई? साथ ही, यदि वह भाग गया था तो उसका मोबाइल उत्पाद विभाग के पास कैसे मिला? इन सवालों का जवाब अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है.

भोजपुर पुलिस अब तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सनोज कुमार की तलाश में जुटी है. मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है. वहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर सनोज के परिजनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है. पुलिस का कहना है कि जांच में जिस किसी की भी संलिप्तता सामने आएगी, उसके विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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