एंटीऑक्सीडेंट्स का पावरहाउस है डार्क चॉकलेट

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतर स्रोत होने के कारण डार्क चॉकलेट को काफी लाभकारी माना जाता रहा है। फिटनेस के प्रति उत्साही लोगों के बीच ये काफी पसंदीदा भी रहे हैं। अध्ययनों में भी डार्क चॉकलेट के कई संभावित स्वास्थ्य लाभ के बारे में जिक्र मिलता है। शोध बताते हैं कि इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा है। यह रक्तचाप को कम करने और हृदय में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने में भी सहायक है। डार्क चॉकलेट को ब्रेन फंक्शन के लिए भी अच्छा माना जाता है, अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि इसके सेवन से स्ट्रोक का खतरा कम होता है। इसके अलावा प्रभावी एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। स्ट्रेस को दूर करने के लिए भी डार्क चॉकलेट का सेवन करना बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि इसका अधिक सेवन आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
ये भी हैं फायदे
डार्क चॉकलेट में कोकोआ पाया जाता है जिसे अध्ययनों में कई प्रकार से हमारी सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। शरीर में रक्त प्रवाह में सुधार करता है। रक्तचाप कम करने में मददगार। बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करता है। शरीर में इंफ्लामेशन और इंसुलिन प्रतिरोध को कम करता है। न्यूरॉन्स की गतिविधि को बेहतर बनाने और मस्तिष्क की क्षमता में सुधार करने में इसके लाभ हैं। त्वचा को हेल्दी रखने के लिए डार्क चॉकलेट खाना अच्छा विकल्प है। चॉकलेट खाने से त्वचा के ब्लड सर्कुलेशन में सुधार होता है। डार्क चॉकलेट का सेवन करने से त्वचा को यूवी रेज के खिलाफ सुरक्षा भी मिलती है।
ब्लड प्रेशर में फायदेमंद
जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है, उन्हें डार्क चॉकलेट खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनोइड पाया जाता है जो नाइट्रिक ऑक्साइड के उत्पादन को बढ़ावा देने में मदद करता है। इससे धमनियों को खोलने में मदद मिलती है और रक्त का संचार बेहतर बना रहता है। अध्ययनों से पता चलता है कि कोकोआ और डार्क चॉकलेट का संयमित मात्रा में सेवन रक्तचाप को नियंत्रित रखने में मददगार हो सकता है।
ये हैं दुष्प्रभाव
डार्क चॉकलेट वैसे तो शरीर के लिए विशेष लाभप्रद है पर इसका अधिक सेवन नुकसानदायक भी हो सकता है। डार्क चॉकलेट के दुष्प्रभाव इसमें मौजूद कैफीन से संबंधित हो सकते हैं। इसके अधिक सेवन के कारण नींद न आना, घबराहट, पेशाब अधिक होने, दिल की धडक़न में अनियमितता, त्वचा की एलर्जी, मतली और पेट की समस्याएं जैसे गैस और कब्ज हो सकती है। हमेशा कम मात्रा में ही इसका सेवन किया जाना चाहिए। डार्क चॉकलेट में ऑक्सलेट की अधिक मात्रा पाई जाती है। ये ऑक्सलेट शरीर में इक_ा होकर पथरी का कारण बन सकता है यदि आप पहले भी पथरी या स्टोन के शिकार हो चुके हैं तो आपको डार्क चॉकलेट खाने से परहेज बरतना चाहिए। यह पथरी के खतरे को बढ़ा सकता है।
ब्रेन फंक्शन में सुधार
डार्क चॉकलेट आपके मस्तिष्क के कार्यों में भी सुधार करता है। यही कारण है कि तनाव-स्ट्रेस जैसी समस्याओं को कम करने के लिए डार्क चॉकलेट के सेवन की डॉक्टर अक्सर सलाह दी जाती है। अध्ययनों से भी पता चलता है कि हाई फ्लेवनॉल कोकोआ वाली चीजों के सेवन से वयस्कों के मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह में सुधार हो सकता है। कोकोआ फ़्लेवोनॉइड को दीर्घकालिक रूप से अल्जाइमर जैसे रोगों के खतरे को कम करने वाला भी पाया गया है। इसलिए डार्क चॉकलेट खाने के लिए कहा जाता है।



