मिर्जापुर में लापता मजदूर की पुल के नीचे मिली लाश, टूटी रेलिंग पर भड़के ग्रामीण

मिर्जापुर के अदलहाट थाना क्षेत्र में लापता श्रमिक सुभाष गिरी का शव पुल के नीचे मिला। ग्रामीणों ने वर्षों से टूटी पड़ी रेलिंग को हादसे की वजह बताते हुए प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: रोजी-रोटी की तलाश में घर से निकला एक मजदूर वापस नहीं लौटा। परिवार पूरी रात उसकी तलाश करता रहा, लेकिन अगली सुबह जो खबर मिली उसने पूरे परिवार और गांव को गमगीन कर दिया। मिर्जापुर जिले के अदलहाट थाना क्षेत्र स्थित जगन्नाथपुर गांव निवासी 55 वर्षीय श्रमिक सुभाष गिरी का शव पुल के नीचे मिलने से इलाके में शोक की लहर फैल गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि हादसे की एक बड़ी वजह पुल की वर्षों से टूटी पड़ी रेलिंग हो सकती है, जिसकी शिकायतें पहले भी की जा चुकी हैं। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने पुल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

भट्ठे पर मजदूरी कर चलाते थे परिवार

जानकारी के अनुसार, सुभाष गिरी अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए एक ईंट भट्ठे पर मजदूरी का कार्य करते थे। वह प्रतिदिन साइकिल से काम पर आते-जाते थे और अपने परिवार की जिम्मेदारियों को निभा रहे थे। परिजनों के मुताबिक, वह बीते दिन घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बावजूद उनका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिवार और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई।

पुल के नीचे मिला शव

रविवार को ग्रामीणों द्वारा सूचना मिलने पर आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू की गई। इसी दौरान सुभाष गिरी का शव पुल के नीचे मिला। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और गांव में शोक का माहौल फैल गया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि वह पुल से नीचे गिर गए होंगे, हालांकि घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।

टूटी रेलिंग को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पुल की बदहाल स्थिति को लेकर नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि जिस पुल के नीचे शव मिला, उसकी रेलिंग पिछले कई वर्षों से टूटी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल का निर्माण वर्ष 1999 के आसपास हुआ था और तब से इसकी समुचित मरम्मत नहीं कराई गई। करीब पांच वर्षों से रेलिंग क्षतिग्रस्त है, लेकिन संबंधित विभाग द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

हर दिन गुजरते हैं सैकड़ों लोग

ग्रामीणों ने बताया कि पुल के आसपास एक विद्यालय और शराब की दुकान भी स्थित है, जिसके कारण यहां दिनभर लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में टूटी हुई रेलिंग लगातार दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत कर दी जाती, तो संभव है कि ऐसी दुखद घटना से बचा जा सकता था।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सुभाष गिरी अपने पीछे तीन बेटियां और एक बेटा छोड़ गए हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी मुख्य रूप से उन्हीं के कंधों पर थी। अचानक हुई इस घटना से परिवार गहरे सदमे में है। गांव के लोगों ने भी इस हादसे पर दुख जताया है और प्रशासन से पीड़ित परिवार की सहायता करने की मांग की है।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। वहीं ग्रामीणों ने प्रशासन से पुल की तत्काल मरम्मत कराने और सुरक्षा उपाय मजबूत करने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

रिपोर्ट : संतोष देव गिरी

यह भी पढ़ें: टेंडर का खेल या रंगदारी? सीतापुर में ठेकेदार ने लगाए अपहरण और लाखों की वसूली के आरोप

Related Articles

Back to top button