छात्रों से डरी दिल्ली पुलिस, पहरा और किया कड़ा
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन आज भी जारी

देश अन्य शहरों में छात्र सडक़ पर उतरे
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। मंगलवार को छात्रों के आंदोलन से असहज हुई दिल्ली पुलिस बुधवार को सुरक्षा और चाकचौबंद कर दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बडिय़ों को लेकर जारी भारी विरोध-प्रदर्शनों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर पर बढ़ा दिया गया है। इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर पर धरना बुधवार को भी जारी रहा।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने बुधवार को एहतियातन कदम उठाते हुए राजीव चौक समेत 16 महत्वपूर्ण मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक यात्रियों के लिए बंद कर दिया है। हालांकि, यात्रियों की सुविधा के लिए प्रभावित स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा चालू रहेगी। यह फैसला सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा कड़ी किए जाने के बीच लिया गया है। अधिकारियों ने चल रहे विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए संसद और अन्य अहम जगहों के आसपास पाबंदियां बढ़ा दी हैं। सोमवार को भी कई मेट्रो स्टेशन बंद किए गए थे, क्योंकि परीक्षा में कथित गड़बडिय़ों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद तक मार्च करने के आह्वान पर हजारों लोग सेंट्रल दिल्ली में जमा हुए थे।

सुबह जंतर-मंतर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी मौजूद
इस बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शनकारियों का जंतर-मंतर पर धरना बुधवार को भी जारी रहा। रात भर प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जमा हुए और स्वयंसेवकों को सहानुभूति रखने वालों की ओर से भोजन और अन्य सामान मिला। प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बडिय़ों को लेकर यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है। बुधवार सुबह एक्स पर एक पोस्ट में, सीजेपी ने दावा किया कि आज सुबह जंतर-मंतर पर हज़ारों प्रदर्शनकारी मौजूद हैं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की अपनी मांग दोहराई। पोस्ट में लिखा था, प्रधानमंत्री को भारत के युवाओं से ज़्यादा मंत्री प्रधान (मंत्री प्रधान) से प्यार क्यों है?
मेट्रो स्टेशनों पर सीआरपीएफ तैनात
राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद, अहम मेट्रो स्टेशनों और संसद तक जाने वाले रास्तों पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) को भी तैनात ्िरकया गया है। सीआरपीएफ के जवानों को सेंट्रल दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों और संसद परिसर की ओर जाने वाली सडक़ों पर तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस की मदद की जा सके।
बंगाल से सीआरपीएफ की 2० अतिरिक्त कंपनियों को किया एयरलिफ्ट
राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा बढ़ाए जाने के बाद, अहम मेट्रो स्टेशनों और संसद तक जाने वाले रास्तों पर सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) को भी तैनात ्िरकया गया है। सीआरपीएफ के जवानों को सेंट्रल दिल्ली के मेट्रो स्टेशनों और संसद परिसर की ओर जाने वाली सडक़ों पर तैनात किया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में दिल्ली पुलिस की मदद की जा सके।
पटना में पेपर लीक के विरोध में उग्र प्रदर्शन, छात्रों ने किया पथराव, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले
पटना में पेपर लीक, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण के विरोध में बुधवार को वाम दल के छात्र संगठन आइसा के बैनर तले हजारों छात्र-युवा और कार्यकर्ताओं ने गांधी मैदान गेट नंबर-10 से राजभवन मार्च निकाला। प्रदर्शनकारी राजभवन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो देखते ही देखते झड़प में बदल गई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और बिहार के शिक्षा मंत्री मिथलेश तिवारी के इस्तीफे की मांग की। साथ ही पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई, शिक्षा में भ्रष्टाचार और निजीकरण पर रोक, जंतर-मंतर छात्र आंदोलन के समर्थन, फीस वृद्धि वापस लेने, नॉन-नेट फेलोशिप लागू करने तथा पटना विश्वविद्यालय की स्वायत्तता बरकरार रखने की मांग उठाई।
सरकार को बात करना है तो वो जंतर-मंतर आएं या फिर कॉमन प्लेस पर : सौरव दास
कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता सौरव दास ने सरकार से बातचीत को लेकर कहा कि पहले सरकार ने झूठ बोला था कि सीजेपी बातचीत करना चाह रही है लेकिन अब सरकार ने खुद बोल दिया है कि सरकार बातचीत के लिए तैयार है। सीजेपी किसी भी नेता के दफ्तर या घर पर मीटिंग नहीं करेगी, या तो नेता जंतर-मंतर आएं या फिर किसी कॉमन प्लेस पर मीटिंग हो सकती है, जैसे कि कांस्टीट्यूशन क्लब आज सुबह भी दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने हमसे कहा कि सरकार बातचीत करना चाहती है लेकिन हम उनसे बातचीत करने के लिए उनके घर नहीं जाएंगे। केंद्र सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी के बीच सोमवार को पहली बार बातचीत हुई थी, जब केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उनके डेलीगेशन से बातचीत की और आश्वासन दिया कि सरकार का नेतृत्व उनकी मांगों पर आंतरिक चर्चा करेगा।
प्रदर्शनकारियों की याचिका पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने किया इंकार
शीर्ष अदालत बोली- हमारा वक्त खराब न करें
सीजेआई ने कहा, हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) ने बुधवार को जंतर-मंतर पर सीजेपी प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी और याचिकाकर्ता से अपना समय बर्बाद न करने को कहा। विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि हमारा समय बर्बाद न करें।
जब वकील ने बताया कि पुलिस की ज्यादती दिखाने वाले वीडियो मौजूद हैं, तो सीजेआई ने कहा, हमें वीडियो में कोई दिलचस्पी नहीं है। हमारे पास वीडियो देखने का समय नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली में सीजेपी के विरोध-प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई को चुनौती देने वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई करने से भी इनकार कर दिया। वकील ने कहा कि छात्र नीट परीक्षा के सही तरीके से आयोजन और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी में सुधार जैसे अहम मुद्दे उठा रहे हैं। वकील की बात का जवाब देते हुए सीजेआई ने कहा कि आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को इसी तरह के एक मामले पर तुरंत सुनवाई करने से इनकार करते हुए कहा, कोर्ट को इसमें न घसीटें। कोर्ट बुधवार को उस पीआईएल पर सुनवाई करेगा जिसमें जंतर-मंतर पर क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल के दौरान पुलिस की कार्रवाई की स्वतंत्र जांच और शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के नागरिकों के संवैधानिक अधिकार की सुरक्षा के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट में भी याचिका
दिल्ली हाई कोर्ट में दायर याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ पुलिस की कार्रवाई ज़रूरत से ज़्यादा थी और इसमें न्यायिक दखल की मांग की गई है। उम्मीद है कि आज को जब इस मामले की सुनवाई होगी, तो पीआईएल में लगाए गए आरोपों और मांगी गई राहतों पर विचार किया जाएगा। यह घटनाक्रम जंतर-मंतर पर हो रहे प्रदर्शनों से जुड़े चल रहे कानूनी मामलों के बीच सामने आया है। सीपीआईएम नेता आइशी घोष की ओर से दायर एक अलग जनहित याचिका में दिल्ली हाई कोर्ट उन आरोपों की जांच कर रहा है कि दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन स्थल पर वीडियोग्राफी के ज़रिए प्रदर्शनकारियों की निगरानी की थी। उस मामले की सुनवाई के दौरान, केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इस कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर वीडियोग्राफी सिर्फ़ कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई थी, न कि प्रदर्शनकारियों की निगरानी के लिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिले शरद पवार और सुप्रिया सुले
पवार ने केंद्र से छात्रों की मांग पर उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
नई दिल्ली। एनसीपी (एसपी) के प्रमुख शरद पवार ने बुधवार को संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान एनसीपी (एसपी) नेता और बारामती की सांसद सुप्रिया सुले भी मौजूद थीं। मंगलवार को पवार और सुले, दोनों ने जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जहाँ पेपर लीक के खिलाफ अपना प्रदर्शन जारी रखे हुए है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया है।
पवार ने केंद्र से मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने और उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान ने देश के प्रत्येक नागरिक के अधिकारों और हकों की रक्षा की है, और सरकार एवं प्रशासन जनता के प्रति जवाबदेह हैं। इसलिए, शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नागरिकों को दबाने के बजाय, सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करना चाहिए और उन्हें ध्यान में रखते हुए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। पिछले सप्ताह, एनसीपी (एससीपी) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने एनडीए में शामिल होने या एनसीपी में विलय की अटकलों का खंडन करते हुए कहा कि किसी भी अन्य पार्टी से उनके साथ गठबंधन का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। मुंबई में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पवार साहब, मैं, जयंत पाटिल, अनिल देशमुख और राजेश टोपे या किसी भी वरिष्ठ नेता को किसी भी पार्टी से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है न ही भाजपा, कांग्रेस या एनडीए के किसी सहयोगी ने हमें कोई प्रस्ताव दिया है।



