कानपुर: ऑफिस में फर्श पर सोता दिखा कर्मचारी, वायरल वीडियो के बाद जांच की मांग तेज

कानपुर के एक BEO कार्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें एक कर्मचारी फर्श पर सोता दिखाई दे रहा है। वीडियो को लेकर कई दावे किए जा रहे हैं, जबकि आधिकारिक पुष्टि और प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: कानपुर से एक सरकारी कार्यालय का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) कार्यालय के भीतर एक कर्मचारी फर्श पर गहरी नींद में सोता दिखाई दे रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर तरह-तरह के दावे किए जा रहे हैं, जिसके बाद मामला चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि, वायरल वीडियो में किए जा रहे दावों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। प्रशासन की ओर से भी इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

BEO कार्यालय का बताया जा रहा है वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को कानपुर के एक खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का बताया जा रहा है। वीडियो में एक व्यक्ति कार्यालय के कमरे के भीतर फर्श पर लेटा हुआ दिखाई देता है। दावा किया जा रहा है कि यह कर्मचारी कार्यालय में ड्यूटी के दौरान सो रहा था। वायरल पोस्ट में संबंधित कर्मचारी की पहचान अनिल शर्मा के रूप में किए जाने का दावा भी किया जा रहा है। हालांकि, इसकी स्वतंत्र पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है।

सोशल मीडिया पर लगाए जा रहे हैं कई तरह के दावे

वीडियो के साथ कुछ सोशल मीडिया यूजर्स यह दावा भी कर रहे हैं कि संबंधित कर्मचारी नशे की हालत में था। वहीं कुछ पोस्ट में यह भी कहा जा रहा है कि वह पहले भी कई बार निलंबित हो चुका है। इन दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित विभाग या प्रशासन द्वारा नहीं की गई है। इसलिए इन्हें पुष्टि होने तक केवल सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

लोगों ने उठाए कार्यप्रणाली पर सवाल

वीडियो वायरल होने के बाद सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्यप्रणाली को लेकर लोगों के बीच चर्चा तेज हो गई है। कई लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ हो तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि वायरल वीडियो किस तारीख का है और किन परिस्थितियों में रिकॉर्ड किया गया था। मामले में विभागीय अधिकारियों की प्रतिक्रिया और संभावित जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यदि जांच में वायरल दावों की पुष्टि होती है तो संबंधित विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।

रिपोर्ट – प्रांजुल मिश्रा

यह भी पढ़ें: कानपुर: मुहर्रम जुलूस में हुड़दंग पड़ा भारी! आयोजक समेत 11 आरोपी गिरफ्तार

Related Articles

Back to top button