समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे: डीके शिवकुमार
मुख्यमंत्री की शपथ से पहले इमोशनल हुए उपमुख्यमंत्री

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
बेंगलुरु। कर्नाटक के सीएम पद का शपथ लेने से पहले भावुक कांग्रेस नेता डी. के. शिवकुमार ने कहा कि उनका मुख्यमंत्री पद तक पहुंचना कोई सपना नहीं, बल्कि सालों की मेहनत, समर्पण और संघर्ष का नतीजा है। उन्होंने कहा कि यह सफर आसान नहीं था और कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा।
हालांकि इसमें समय लगा, लेकिन उनकी मेहनत और धैर्य रंग लाए। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ शिवकुमार की जीत नहीं है, बल्कि एक कांग्रेस कार्यकर्ता की जीत है, जिसने पार्टी के इतिहास और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखा। शिवकुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि कर्नाटक के लोग उन पर भरोसा बनाए रखेंगे। उनका लक्ष्य पूरी ईमानदारी और लगन के साथ काम करना है.,उन्होंने कहा कि वह राज्य को नई दिशा देना चाहते हैं, क्योंकि दुनिया भारत को बेंगलुरु और कर्नाटक के माध्यम से देखती है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ेंगे. किसानों, महिलाओं, युवाओं और सभी समुदायों के विकास पर ध्यान दिया जाएगा. उनके अनुसार कर्नाटक में एक नए युवा युग की शुरुआत करने का प्रयास किया जाएगा।
शिवकुमार ने गांधी परिवार के प्रति अपनी निष्ठा का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने थिएटर का नाम इंदिरा गांधी की मृत्यु वाले दिन उनके नाम पर रखा था. उन्होंने कहा कि गांधी परिवार के साथ उनका रिश्ता विश्वास और प्रतिबद्धता का रहा है. परिवार ने उन पर भरोसा किया और उन्हें कई अवसर दिए, इसलिए उनके प्रति वफादार रहना वह अपना कर्तव्य मानते हैं। शिवकुमार ने कहा कि सोनिया गांधी प्रधानमंत्री बन सकती थीं, लेकिन उन्होंने पद स्वीकार नहीं किया। इसी तरह राहुल गांधी भी प्रधानमंत्री बन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया।

सिद्धारमैया कांग्रेस की वर्किंग कमेटी के सदस्य बने
कर्नाटक में डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री पद की शपथ से पहले राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने बड़ा फैसला लिया है। पूर्व सीएम सिद्धारमैया को कांग्रेस की वर्किंग कमेटी का सदस्य बनाया गया है. सीडब्ल्यूसी पार्टी के सबसे बड़े फैसले लेने वाली बॉडी है। बता दें कि बुधवार यानी आज शाम करीब चार बजे डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। कांग्रेस की ओर से जारी एक बयान में कहा गया कि पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सिद्धारमैया को तुरंत प्रभाव से सीडब्ल्सूसी का सदस्य नियुक्त किया है।
महायुति में फिर सियासी बवाल
शिवसेना (शिंदे गुट) का भाजपा पर तीखा प्रहार
अब्दुल सत्तार बोले- हमारी पार्टी को सुनियोजित तरीके से खत्म करना चाहती है बीजेपी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को लेकर सियासी बवाल थम नहीं रहा है। शिवसेना (शिंदे गुट) के अब्दुल सत्तार ने भाजपा पर अपनी पार्टी को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाया और शिवसेना के दोनों गुटों के पुनर्मिलन का आह्वान किया। हालांकि, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इन अटकलों को खारिज करते हुए दावा किया कि केवल उनकी पार्टी ही बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रही है और उसे जनता का जनादेश प्राप्त है।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के वरिष्ठ नेता अब्दुल सत्तार ने गठबंधन सहयोगी भाजपा पर अपनी पार्टी को सुनियोजित तरीके से खत्म करने का आरोप लगाया।
आगामी विधानसभा चुनावों के लिए सीट बंटवारे को लेकर बढ़ते तनाव के मद्देनजर, सत्तार ने महाराष्ट्र में शिवसेना के दोनों प्रतिद्वंद्वी गुटों के पुनर्मिलन पर विचार करने की आवश्यकता पर बल दिया। सत्तार ने छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों से कहा कि हमारी अपनी सहयोगी (भाजपा) शिवसेना का ‘सिर कलम’ करने की कोशिश कर रही है।
भाजपा ने पहले ही हमारे हाथ-पैर तोड़ दिए हैं और अब हमारा सिर काटने की कोशिश कर रही है। उनके बेटे समीर सत्तार इसी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे, लेकिन भाजपा ने उनकी जगह अपना उम्मीदवार सुहास शिरसात मैदान में उतारा। इसके बाद समीर सत्तार ने बागी उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया।
शिंदे ने शिवसेना गुटों के बीच सुलह की अटकलों को किया खारिज
वहीं, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाले शिवसेना गुटों के बीच संभावित सुलह की अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि केवल उनकी पार्टी ही शिवसेना संस्थापक बाल ठाकरे की विचारधारा को आगे बढ़ा रही है और उसे जनता का जनादेश प्राप्त है। शिवसेना मंत्री अब्दुल सत्तार द्वारा दोनों गुटों के एक साथ आने की संभावना पर की गई टिप्पणियों पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए शिंदे ने सीधे तौर पर कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हम हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे के विचारों को आगे बढ़ा रहे हैं। हमने एक ऐसी सरकार बनाई है जो महाराष्ट्र के आम लोगों की आकांक्षाओं को दर्शाती है। शिंदे ने कहा कि मतदाताओं ने उनके नेतृत्व वाली शिवसेना, उसके धनुष-बाण चिन्ह और बाल ठाकरे तथा दिवंगत शिवसेना नेता आनंद दिघे की विरासत का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि लोगों ने शिवसेना, धनुष-बाण के चिन्ह, बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा और धर्मवीर आनंद दिघे के विचारों को आशीर्वाद दिया है। हमारी विजय यात्रा भविष्य में भी जारी रहेगी। उपमुख्यमंत्री महायुति पार्टी के उम्मीदवार रविंद्र फाटक द्वारा ठाणे-पालघर स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के बाद बोल रहे थे।
शिवसेना का कब्जे वालीं सीटों पर बीजेपी की नजर
भाजपा उन सीटों पर अपना दावा जता रही है जिन पर ऐतिहासिक रूप से शिवसेना का कब्जा रहा है। सत्तार ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार बनाने के लिए किए गए राजनीतिक समझौतों को जल्दी भूल गई है। उन्होंने कहा कि गुवाहाटी में विराजमान देवी कामाख्या हमारे बलिदानों को जानती हैं, लेकिन भाजपा उन्हें भूल चुकी है। इसके बजाय, वे सक्रिय रूप से हमारी पार्टी के भीतर फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। सत्तार, जो पिछली शिंदे-भाजपा सरकार में एकमात्र मुस्लिम चेहरा थे, ने अफसोस जताया कि भाजपा नेताओं की ताकत बढ़ती जा रही है, जबकि शिवसेना की संरचनात्मक कमजोरी बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि शिवसेना जिला परिषद और नगर निगम में सत्ता में थी। अब हम वहां पूरी तरह से बेबस हैं।
कुवैत के हवाई अड्डे पर ईरानी ड्रोन हमला
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कुवैत सिटी। ईरान ने बुधवार को कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई मिसाइलें और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में कुवैत के हवाई अड्डे को भी भारी नुकसान पहुंचा है। कुवैत ने इस बारे में जानकारी देते हुए कहा है कि देश के हवाई अड्डे पर एक ईरानी ड्रोन हमले के बाद वाणिज्यिक उड़ानों को निलंबित कर दिया है। इस हमले में कई लोग घायल हुए हैं।
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने बताया कि दुश्मनों के कई ड्रोनों ने कुवैत अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे की यात्री इमारत को निशाना बनाया है। इस हमले में इमारत को गंभीर नुकसान पहुंचा और कई व्यक्तियों को चोटें आई हैं। यह ड्रोन हमला ईरान और अमेरिका के बीच मंगलवार देर रात हुए मिसाइल हमलों के बाद हुआ। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने ईरान द्वारा कुवैत और बहरीन पर दागी गई मिसाइलों के जवाब में केश्म द्वीप पर एक ईरानी सैन्य सुविधा पर हमले किए थे। हालांकि, अमेरिका ने दावा किया कि उसकी सेना ने क्षेत्र के पड़ोसी देशों को निशाना बनाने वाले ईरानी मिसाइलों और ड्रोन हमलों की एक श्रृंखला को नाकाम कर दिया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि तेहरान ने क्षेत्र में हवाई हमलों की एक लहर शुरू की थी। सैन्य कमांड ने बताया कि ईरान ने क्षेत्रीय पड़ोसियों की ओर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, सभी अपने लक्ष्यों को भेदने में नाकाम रहीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप फिर देंगे भारत को आर्थिक चोट
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
वॉशिंगटन। अमेरिका एक बार फिर भारत के खिलाफ टैरिफ बम फोडऩे की तैयारी कर रहा है। दरअसल अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने एक ऐसा प्रस्ताव दिया है, जिसमें भारत समेत 6० देशों पर टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। अमेरिका एक तरफ भारत के साथ संबंध बेहतर करने की दुहाई दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ ट्रंप प्रशासन भारत के खिलाफ कार्रवाई से बाज नहीं आ रहा है। दरअसल अमेरिकी सरकार एक बार फिर भारत पर नया टैरिफ लगाने की तैयारी कर रही है।
अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि यूएसटीआर ने भारत समेत 6० देशों पर ये नया टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। टैरिफ लगाने की वजह ये बताई गई है कि भारत समेत 6० देश जबरन श्रम से उत्पादित वस्तुओं के निर्यात पर प्रभावी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि अमेरिकी व्यापार कानून 1974 की धारा 3०1 के तहत पाया गया है कि 6० देशों की नीतियां और कार्यशैली अमेरिकी व्यापार पर गैरजरूरी दबाव बढ़ाती हैं और अमेरिकी व्यापार को बाधित करती हैं। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय, अमेरिका की एक कार्यकारी संघीय एजेंसी है, जो अमेरिका की विदेश व्यापार नीति बनाने के लिए जिम्मेदार है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के अनुसार, भारत समेत 54 देश उन सामानों के निर्यात पर जरूरी प्रतिबंध लगाने में विफल रहे हैं, जिन्हें जबरन श्रम द्वारा बनाया जाता है। भारत के अलावा इन देशों में ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बांग्लादेश, चीन, जापान, सऊदी अरब, सिंगापुर, ब्रिटेन और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी शामिल हैं।
भाजपा के अन्याय से लड़ूंगी या मर जाऊंगी: ममता
टीएमसी प्रमुख का भाजपा पर हमला जारी
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
कोलकाता। टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने मंगलवार को मध्य कोलकाता में भाजपा की हालिया विधानसभा चुनावों में जीत के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं पर कथित हमलों के विरोध में एक दिवसीय धरना शुरू किया। कोलकाता पुलिस द्वारा रानी रश्मोनी रोड पर विरोध प्रदर्शन करने की टीएमसी की अपील को ठुकराए जाने के बाद वह एस्प्लेनेड के वाई-चैनल स्थित धरना स्थल पर पहुंचीं। बनर्जी ने मेगाफोन से भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि हमें मंच लगाने या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई।
पूर्व मुख्यमंत्री के भाषण के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं द्वारा नारे लगाने से विरोध प्रदर्शन में अफरा-तफरी मच गई। ममता ने कोलकाता में कहा कि भाजपा ने बंगाल विधानसभा चुनाव जीतने के लिए 294 में से 177 सीटों पर मतगणना में धांधली की। उन्होंने दावा किया कि पुलिस टीएमसी कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनों में भाग न लेने की धमकी दे रही है, मैं विरोध प्रदर्शन जारी रखूंगा। ममता ने कोलकाता में कहा कि पुनर्वास के बिना फेरीवालों को बेदखल करना टीएमसी सरकार की नीति नहीं थी, हमने मानवीय दृष्टिकोण अपनाया। उन्होंने कहा कि मैं इन कठिन समय में टीएमसी कार्यकर्ताओं का साथ नहीं छोड़ूंगी। टीएमसी टिकट पर विधानसभा सीटें जीतने वाले अधिकांश नए चेहरे अनुपस्थित थे, वहीं बनर्जी के साथ पार्टी के पुराने नेता फिरहाद हकीम, मदन मित्रा, डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन नजर आए। हालांकि, पार्टी प्रमुख ने जोर देकर कहा कि उनके भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को हुए हमले, चुनाव के बाद कथित हिंसा और फेरीवालों को बेदखल करने के विरोध में धरना निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तक जारी रहेगा।
जिन्हें मैंने सहारा दिया वे अब गद्दार के साथ मिल रहे हैं
ममता ने शुभेंदु अधिकारी की ओर इशारा करते हुए कहा कि मुझे इस बात का अफसोस है कि जिन लोगों को मैंने जीवन में सहारा दिया, वे अब गद्दार के साथ मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा विरोधी दल देशव्यापी कार्ययोजना पर निर्णय लेने के लिए दिल्ली में बैठक करेंगे। धरने वाली जगह पर उसने नारे लगाए,मैं लड़ूंगी या मर जाऊंगी। हालांकि, पूर्व मुख्यमंत्री ने दावा किया कि निजी स्वार्थों के लिए पार्टी से नेताओं के अलग होने से संगठन के पुनर्निर्माण में मदद मिलेगी और टीएमसी इस संकट से और भी मजबूत होकर उभरेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग क्यों डरे हुए हैं? लोग क्यों चिंतित हैं? पूरा माहौल ही बदल गया है। कोलकाता और बंगाल को गुंडों के हवाले कर दिया गया है।
बागी ऋतब्रत और संदीपन विस पहुंचे, 59 विधायकों के समर्थन का दावा
ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पर फूट का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि निष्कासित टीएमसी विधायक ऋतब्रता बनर्जी और संदीपान साहा पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंच गए हैं और कम से कम 59 साथी पार्टी विधायकों के समर्थन का दावा कर रहे हैं। सूत्रों ने एक निजी मीडिया से बात करते हुए बताया कि बागी गुट ऋतब्रता बनर्जी को विपक्ष के नए नेता (एलओपी) के रूप में पेश कर रहा है। हाल ही में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के पास कुल 8० विधायक रह गए थे। 59 विधायकों के समर्थन से ऋतब्रता बनर्जी और संदीपान साहा दलबदल विरोधी कानून से बच जाएंगे, जिससे संभवत: वे टीएमसी का नाम और चिन्ह बरकरार रख सकेंगे। सूत्रों के अनुसार, बागी गुट अध्यक्ष को पत्र सौंपने वाला है जिसमें दावा किया जाएगा कि उसे पार्टी के दो-तिहाई से अधिक विधायकों का समर्थन प्राप्त है। विधानसभा में पार्टी के 80 विधायक हैं, इसलिए दो-तिहाई का आंकड़ा 54 विधायकों का है। सूत्रों ने आगे बताया कि नई पार्टी बनाने की कोई योजना नहीं है। विधानसभा के अंदर बागी विधायकों की बैठक चल रही है और अध्यक्ष भी वहां पहुंच चुके हैं। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रितब्रता का नाम उजागर करने और यह कहने के ठीक 15 मिनट बाद कि अध्यक्ष को बागी नेता से औपचारिक शिकायत मिली है, पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए पार्टी द्वारा निष्कासित किए गए दो विधायकों में रितब्रता भी शामिल हैं।



