उन्नाव में अपराधियों पर डीएम का बड़ा एक्शन, तीन और बदमाश हुए जिला बदर
उन्नाव में जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने तीन और शातिर अपराधियों को जिला बदर कर दिया है। उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई कार्रवाई में पहले ही पांच अपराधियों को तड़ीपार किया जा चुका है।

4पीएम न्यूज नेटवर्कः उन्नाव जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ प्रशासन लगातार सख्त रुख अपनाए हुए है। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने तीन और शातिर अपराधियों को जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं।
प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे पहले भी पिछले सप्ताह पांच अपराधियों को जनपद की सीमाओं से बाहर रहने के निर्देश दिए गए थे।
तीन अपराधियों पर जिला बदर की कार्रवाई
जिला प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार गंगाघाट थाना क्षेत्र के विकास उर्फ शेरू, अचलगंज थाना क्षेत्र के अनुज उर्फ अरुण तथा सोहरामऊ थाना क्षेत्र के प्रदीप मौर्य के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई की गई है। अधिकारियों के अनुसार इन व्यक्तियों के खिलाफ विभिन्न गंभीर आपराधिक मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन का मानना है कि इनकी गतिविधियां कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन सकती हैं, इसलिए इनके विरुद्ध कठोर कदम उठाया गया है।
गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत की गई है। इस कानून का उद्देश्य ऐसे व्यक्तियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है, जिनकी गतिविधियां समाज में भय, असुरक्षा या शांति व्यवस्था के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। प्रशासन का कहना है कि अपराधियों के खिलाफ कानून के दायरे में रहकर कठोर कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम नागरिक सुरक्षित वातावरण में जीवन यापन कर सकें।
गंभीर मामलों में दर्ज हैं मुकदमे
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार जिला बदर किए गए आरोपियों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। इनमें पॉक्सो एक्ट सहित अन्य संगीन अपराधों से जुड़े मामले भी शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि प्रत्येक मामले में अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होता है, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर यह कार्रवाई की गई है।
एक सप्ताह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने इससे पहले भी एक सप्ताह पूर्व पांच अपराधियों को जिला बदर किया था। लगातार हो रही ऐसी कार्रवाइयों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि जिला प्रशासन अपराधियों के खिलाफ किसी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन की सक्रियता का असर जिले में महसूस किया जा रहा है और अपराधियों पर लगातार दबाव बढ़ रहा है।
अपराध नियंत्रण प्रशासन की प्राथमिकता
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने स्पष्ट किया है कि जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे तत्व जो समाज में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा करने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकतानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
आम लोगों में बढ़ा भरोसा
जिले में लगातार हो रही प्रशासनिक कार्रवाई से आम नागरिकों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने से कानून का डर बढ़ेगा और समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। फिलहाल जिला प्रशासन की इस कार्रवाई की पूरे जिले में चर्चा है और इसे अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रिपोर्ट -रंजन बाजपाई
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