ड्रग्स मुक्त कैंपस अभियान, NSUI गुजरात की बड़ी पहल, छात्रों को नशे के खिलाफ किया जागरूक
गुजरात के विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में NSUI गुजरात ने ड्रग्स मुक्त कैंपस अभियान चलाया... इस अभियान के जरिए छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया...
4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के युवाओं को नशे की लत से दूर रखने.. और कॉलेज कैंपस को सुरक्षित बनाने के लिए नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया गुजरात ने एक बड़ा अभियान शुरू किया है.. इस अभियान का नाम ‘ड्रग्स मुक्त कैंपस’ है.. यह अभियान 2 जनवरी 2026 से शुरू हुआ और 20 जनवरी तक चलेगा.. इसमें NSUI के कार्यकर्ता गुजरात के 1000 से ज्यादा स्कूलों और कॉलेजों में जाकर छात्रों को नशे के नुकसान के बारे में बताएंगे.. वे छात्रों से शपथ भी दिलाएंगे कि वे कभी नशा नहीं करेंगे और स्वस्थ जीवन जिएंगे..
जानकारी के मुताबिक यह अभियान NSUI गुजरात के अध्यक्ष नरेंद्र सोलंकी के नेतृत्व में चल रहा है.. और उन्होंने कहा कि नशे की समस्या राजनीतिक नहीं है.. बल्कि सभी को मिलकर इसे रोकना चाहिए.. गुजरात में नशे का कारोबार तेजी से फैल रहा है.. लेकिन सरकार इस पर ध्यान नहीं दे रही.. NSUI इस समस्या से लड़ने के लिए आगे आई है.. अभियान के माध्यम से छात्रों को बताया जा रहा है कि.. नशा कैसे उनके स्वास्थ्य, पढ़ाई और भविष्य को बर्बाद कर सकता है..
गुजरात को पहले ‘ड्राई स्टेट’ कहा जाता था.. जहां शराब पर पाबंदी है.. लेकिन पिछले कुछ सालों में यहां ड्रग्स और शराब का अवैध कारोबार बहुत बढ़ गया है.. पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में 1700 से ज्यादा ड्रग्स से जुड़े मामले दर्ज हो चुके हैं.. लेकिन दोषियों को सजा बहुत कम मिलती है.. कई कॉलेज कैंपस में ड्रग्स आसानी से मिल जाते हैं.. जो छात्रों के लिए खतरा है.. NSUI का कहना है कि भाजपा सरकार इस पर आंखें बंद कर बैठी है.. वे ड्रग्स माफियाओं के साथ सांठ-गांठ का आरोप लगाते हैं..
पिछले सालों में भी गुजरात में नशे के खिलाफ अभियान चलाए गए हैं.. 2022 में बोटाद में जहरीली शराब से कई लोगों की मौत हो गई थी.. तब NSUI ने हस्ताक्षर अभियान चलाया था.. इसी तरह, 2023 में लाखों छात्रों ने नशे के खिलाफ शपथ ली थी.. लेकिन समस्या अभी भी बनी हुई है.. NSUI का नया अभियान इसी समस्या को जड़ से खत्म करने का प्रयास है..
आपको बता दें कि अभियान की शुरुआत 2 जनवरी 2026 को अहमदाबाद के ठाकोरभाई देसाई हॉल में हुई.. यहां हजारों छात्र और NSUI कार्यकर्ता जमा हुए.. गुजरात कांग्रेस के अध्यक्ष अमित चावड़ा, वडगाम विधायक जिग्नेश मेवानी और अन्य नेता मौजूद थे.. अमित चावड़ा ने कहा, “पुस्तक थामने वाले हाथों में अब ज़हर के लिए कोई जगह नहीं.. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वे नशे के खिलाफ कुछ नहीं कर रहे.. जिग्नेश मेवानी ने कहा कि गुजरात को ‘उड़ता गुजरात’ नहीं बनने देना है.. और उन्होंने पूछा कि ड्रग्स का कारोबार किसकी शह पर चल रहा है..
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष वरुण चौधरी ने भी अभियान की सराहना की.. उन्होंने कहा, गुजरात में नशे का कारोबार फैल रहा है और सरकार आंखें बंद किए बैठी है.. युवाओं ने साफ़ कहा कि उन्हें नशा नहीं, सुरक्षित भविष्य चाहिए.. लॉन्च इवेंट में छात्रों ने नशा न करने की शपथ ली.. वहां पोस्टर्स, बैनर्स और जागरूकता वीडियो दिखाए गए..
वहीं अभियान के तहत NSUI कार्यकर्ता गुजरात के कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में गए.. उन्होंने छात्रों से बात की, नशे के दुष्प्रभाव बताए.. और स्वस्थ कैंपस की जरूरत पर जोर दिया.. गुजरात यूनिवर्सिटी में NSUI ने छात्रों को ड्रग्स के खतरे के बारे में जागरूक किया.. वहां शॉर्ट फिल्में दिखाई गईं, जिनमें तंबाकू, गुटखा और ड्रग्स के नुकसान दिखाए गए..
अहमदाबाद के अलावा, राजकोट में एक बड़ी बाइक रैली निकाली गई.. हजारों युवा सड़कों पर उतरे और नशे के खिलाफ नारे लगाए.. रैली में कहा गया कि शिक्षा के धाम में किताबों की खुशबू होनी चाहिए, मौत का सामान नहीं.. यह रैली NSUI की ओर से आयोजित की गई.. जिसमें छात्रों ने ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई..
सूरत, वडोदरा और अन्य शहरों के कॉलेजों में भी कार्यक्रम हुए.. वहां छात्रों को बताया गया कि नशा कैसे मस्तिष्क को प्रभावित करता है.. परिवार को बर्बाद करता है और पढ़ाई में बाधा डालता है.. NSUI ने छात्रों से हस्ताक्षर करवाए और उन्हें जागरूकता सामग्री दी.. अभियान में 200 से ज्यादा कैंपस कवर किए गए..
एक कार्यक्रम में छात्रों ने अपनी कहानियां साझा कीं.. एक छात्र ने बताया कि उसके दोस्त ने ड्रग्स की वजह से पढ़ाई छोड़ दी.. ऐसे अनुभवों से अन्य छात्र प्रभावित हुए और शपथ ली.. NSUI ने कहा कि यह अभियान छात्रों के भविष्य को बचाने.. और शिक्षा को केंद्र में रखने की प्रतिबद्धता दिखाता है..
अभियान में भाग लेने वाले छात्र बहुत उत्साहित हैं.. अहमदाबाद के एक कॉलेज छात्र ने कहा कि यह अभियान हमें सिखाता है कि नशा से दूर रहकर हम मजबूत बन सकते हैं.. राजकोट रैली में एक छात्रा ने बताया कि हमारे कैंपस में ड्रग्स की समस्या बढ़ रही है.. NSUI की यह मुहिम हमें जागरूक कर रही है..
NSUI का दावा है कि अभियान से हजारों छात्र जुड़ चुके हैं.. वे नशे के खिलाफ सोशल मीडिया पर भी अभियान चला रहे हैं.. वहीं अभियान का प्रभाव यह है कि छात्र अब खुद नशे के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं.. कई कॉलेजों में छात्र यूनियनों ने NSUI के साथ मिलकर क्लब बनाए हैं.. जो नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाएंगे.. यह अभियान सिर्फ गुजरात तक सीमित नहीं.. बल्कि पूरे देश में फैल सकता है..



