ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी नहीं रुका पाकिस्तान, जैश–लश्कर की नई साजिश
खुफिया एजेंसियों की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने बहावलपुर और फोर्ट अब्बास के बीच, राजस्थान सीमा के सामने स्थित दो आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को दोबारा सक्रिय कर दिया है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: खुफिया एजेंसियों की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान ने बहावलपुर और फोर्ट अब्बास के बीच, राजस्थान सीमा के सामने स्थित दो आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को दोबारा सक्रिय कर दिया है।
इस खुलासे के बाद भारत की सीमा सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बावजूद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा भारत विरोधी साजिशें रचने से बाज नहीं आए हैं। बहावलपुर क्षेत्र में इन संगठनों से जुड़ी कई अहम बैठकें आयोजित होने की भी जानकारी सामने आई है।
ये आतंकी शिविर बीकानेर और श्रीगंगानगर सेक्टर के सामने पाकिस्तान की सीमा में स्थित हैं, जहां आतंकियों
को प्रशिक्षण दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं
और सीमा पर सतर्कता बढ़ा दी गई है। भारत के खिलाफ साजिशों से बाज न आने वाला पाकिस्तान एक बार फिर बेनकाब हुआ है. खुफिया एजेंसियों से मिले ताजा इनपुट ने सीमा सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. रिपोर्ट के मुताबिक बीकानेर और श्रीगंगानगर सेक्टर के सामने पाकिस्तान की सीमा में दो आतंकी प्रशिक्षण शिविरों को दोबारा सक्रिय किया गया है.
ये शिविर बहावलपुर और फोर्ट अब्बास के बीच संचालित किए जा रहे हैं. जानकारी सामने आने के बाद सेना, बीएसएफ और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं. सूत्रों के मुताबिक, बीते साल मई में भारत द्वारा चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के पंजाब प्रांत और पीओके में स्थित कई आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था. इस सैन्य कार्रवाई में जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचा था. हालांकि, इसके बावजूद आतंकी संगठन पाकिस्तानी सेना और वहां की सत्ता के संरक्षण में एक बार फिर अपने नेटवर्क को खड़ा करने में जुट गए हैं.
बहावलपुर में जैश और लश्कर से जुड़े कई बड़े चेहरों की बैठक
सूत्रों के मुताबिक खुफिया रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 12 जनवरी 2026 में बहावलपुर स्थित जैश के मुख्यालय क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियां देखी गईं. यहां एक मदरसे में जैश और लश्कर से जुड़े कई बड़े चेहरों की बैठक होने की जानकारी मिली है. आशंका जताई जा रही है कि इस दौरान भारत के खिलाफ नई रणनीति और साजिशों पर चर्चा की गई. हालांकि आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन एजेंसियां इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती मान रही हैं.
इसी तरह, लश्कर-ए-तैयबा ने पंजाब के मुरीदके स्थित अपने पुराने मरकज में भी गतिविधियां तेज कर दी हैं. ऑपरेशन सिंदूर में क्षतिग्रस्त हुए ढांचों की मरम्मत कर उन्हें फिर से सक्रिय किया गया है. हाल ही में यहां लड़ाकों से जुड़ा एक आयोजन भी हुआ, जिसमें संगठन से जुड़े कई करीबी लोग मौजूद बताए जा रहे हैं.
पंजाब के गैंगस्टरों का भी भारत के खिलाफ इस्तेमाल
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक आतंक फैलाने की रणनीति में अब आपराधिक गिरोहों को भी शामिल किया जा रहा है. पंजाब के गैंगस्टरों को ‘फुट सोल्जर’ के रूप में इस्तेमाल कर हथियार तस्करी, रंगदारी और नशे के कारोबार से जुटाई गई रकम को आतंकी गतिविधियों में झोंका जा रहा है. यह नेटवर्क पंजाब से आगे बढ़कर राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश तक फैल चुका है.
सेना प्रमुख ने पहले भी किया था आगाह
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पहले भी कह चुके है और पाकिस्तान को सख्त चेतावनी भी दे चुके हैं. उन्होंने साफ कहा था कि सीमा पार अब भी आठ आतंकी कैंप मौजूद हैं, जिनमें से दो राजस्थान सीमा के सामने दोबारा तैयार किए गए हैं. आर्मी चीफ ने दो टूक शब्दों में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर पूरी ताकत के साथ जारी है और पाकिस्तान की किसी भी नापाक हरकत का जवाब सीधा और विनाशकारी होगा.



