दुबई संकट में भी मिसाल, कारोबार ठंडा, फिर भी 6000+ कर्मचारियों के साथ खड़ी कंपनी
दुबई में आर्थिक सुस्ती के बीच एक कंपनी ने अपने 6000+ कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ा... कारोबार में गिरावट के बावजूद कर्मचारियों...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः दुबई इन दिनों भारी संकट से गुजर रहा है.. अमेरिका के नेतृत्व में इजराइल-ईरान युद्ध 28 फरवरी 2026 से जारी है.. अब यह युद्ध पांचवें सप्ताह में पहुंच गया है.. जिससे पूरे पश्चिम एशिया में तबाही का माहौल है.. तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं.. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की आशंका से शिपिंग रुक गई है.. पर्यटन, होटल, रेस्टोरेंट और रियल एस्टेट जैसे कई कारोबार ठंडे पड़ गए हैं.. कई कंपनियां कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं या वेतन रोक रही हैं.. लेकिन इस अंधेरे में एक चमकती मिसाल है.. दुबई की डैन्यूब ग्रुप.. इस कंपनी के फाउंडर और चेयरमैन रिजवान साजन ने इंस्टाग्राम पर बड़ा ऐलान किया है.. और उन्होंने कहा कि 6000 से ज्यादा कर्मचारियों को कोई नौकरी नहीं छोड़नी पड़ेगी.. और सारे वेतन समय पर दिए जाएंगे..
आपको बता दे कि रिजवान साजन ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अच्छे समय में सब विकास की बात करते हैं.. लेकिन मुश्किल समय में आपकी सच्ची वैल्यूज की परीक्षा होती है.. हमारे 6000+ कर्मचारी सिर्फ वर्कफोर्स नहीं, बल्कि हमारा परिवार हैं.. और उन्होंने हम पर भरोसा किया.. हमारे साथ खड़े रहे और डैन्यूब ग्रुप को आज जो बना है वह बनाया.. आज मेरी जिम्मेदारी है कि मैं उनके साथ खड़ा रहूं.. मैं गर्व से कहता हूं कि डैन्यूब ग्रुप में कोई छंटनी नहीं होगी.. और सारे वेतन समय पर दिए जाएंगे.. यह पोस्ट हजारों लोगों ने शेयर की और सराहना की.. कई लोगों ने कहा कि मालिक हो तो ऐसा..
यह फैसला आसान नहीं था.. युद्ध शुरू होने के बाद दुबई की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ा है.. पर्यटन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ है.. होटल की ऑक्यूपेंसी 0 से 5 प्रतिशत तक गिर गई है.. रेस्टोरेंट में ग्राहक 50-80 प्रतिशत कम हो गए हैं.. कई जगहों पर स्टाफ को बिना वेतन छुट्टी पर भेज दिया गया है.. शेयर मार्केट में भी भारी गिरावट आई.. दुबई और अबू धाबी के स्टॉक मार्केट से 120 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है.. कई कंपनियां लागत बचाने के लिए छंटनी कर रही हैं.. लेकिन डैन्यूब ग्रुप ने उल्टा रास्ता चुना.. साजन ने कहा कि हम मुश्किल समय में भी कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ेंगे..
रिजवान साजन ने अपनी पोस्ट में पुरानी चुनौतियों का जिक्र भी किया.. और उन्होंने लिखा कि मैंने अतीत में कई मुश्किल स्थितियों का सामना किया है.. चाहे 1990 का कुवैत पर इराकी आक्रमण हो.. 2008 का वित्तीय संकट हो या COVID-19 महामारी.. इन सबके बावजूद हम हमेशा मजबूत होकर उभरे.. महामारी के समय मैंने वादा किया था कि कोई कर्मचारी नहीं निकालूंगा.. और मैं उस वादे पर कायम रहा.. इसी तरह इस बार भी कोई छंटनी नहीं होगी.. यह बात दिखाती है कि साजन का यह फैसला नया नहीं है.. वे हमेशा कर्मचारियों को परिवार मानते हैं..
डैन्यूब ग्रुप की कहानी बहुत प्रेरणादायक है.. रिजवान साजन भारतीय मूल के हैं.. उन्होंने 1993 में दुबई में एक छोटी ट्रेडिंग कंपनी शुरू की थी.. आज यह कंपनी 2.5 बिलियन डॉलर का बड़ा समूह बन चुकी है.. 10 देशों में 75 लोकेशन्स हैं.. मुख्य बिजनेस बिल्डिंग मटेरियल है.. डैन्यूब बिल्डिंग मटेरियल्स दुनिया के 25,000 से ज्यादा प्रीमियम प्रोडक्ट्स बेचता है.. इसके अलावा रियल एस्टेट (डैन्यूब प्रॉपर्टीज) और होम फर्निशिंग (डैन्यूब होम) भी हैं.. कंपनी कंस्ट्रक्शन, रिटेल और डोमेस्टिक सॉल्यूशंस में भी सक्रिय है.. दुबई, ओमान, बहरीन, सऊदी, कतर और भारत में ब्रांचेस हैं.. चीन और कनाडा में प्रोक्योरमेंट ऑफिस हैं..
कंपनी ने हाल ही में एक बड़ा प्रोजेक्ट लॉन्च किया है.. जिसका ग्रीनज बाय डैन्यूब नाम है.. यह डैन्यूब प्रॉपर्टीज का पहला बड़ा इंटीग्रेटेड कम्युनिटी प्रोजेक्ट है.. दुबई इंटरनेशनल एकेडमिक सिटी में बन रहा है.. इसमें प्रीमियम टाउनहाउस और विला हैं.. कीमत AED 3.5 मिलियन से शुरू होती है.. इसमें 50 से ज्यादा लग्जरी एमेनिटी हैं.. फुली फर्निश्ड इंटीरियर्स डोल्से विटा द्वारा डिजाइन किए गए हैं.. कंपनी की मशहूर 1 प्रतिशत मासिक भुगतान प्लान भी है.. साजन ने कहा कि यह प्रोजेक्ट दुबई में नया बेंचमार्क सेट करेगा.. लो-डेंसिटी प्लानिंग, ग्रीन स्पेस.. और हाई अप्रीशिएशन की गारंटी है.. हैंडओवर 2029 के आखिर में होगा..
आपको बता दें कि युद्ध के बावजूद कंपनी आगे बढ़ रही है.. साजन का मानना है कि मुश्किल समय में भी कर्मचारी ही सबसे बड़ी ताकत हैं.. और उन्होंने कहा कि कर्मचारियों ने हमें बनाया है.. हम उनका साथ छोड़ नहीं सकते.. यह फैसला पूरे दुबई में चर्चा का विषय बन गया है.. कई मीडिया ने इसे सराहा.. और कहा गया कि सच्ची लीडरशिप मुश्किल समय में दिखती है.. सोशल मीडिया पर हजारों लोग साजन को बधाई दे रहे हैं.. एक पोस्ट में लिखा गया कि यह सिर्फ बिजनेस नहीं, लोगों के परिवार की सुरक्षा है..
डैन्यूब ग्रुप में कर्मचारियों की लॉयल्टी बहुत ज्यादा है.. एक रिपोर्ट के मुताबिक 752 से ज्यादा कर्मचारी 10 साल से ज्यादा समय से कंपनी में हैं.. यह कंस्ट्रक्शन और रियल एस्टेट जैसे सेक्टर में बहुत कम होता है.. साजन ने कई बार कहा है कि हमारे लोग हमारी सबसे मूल्यवान संपत्ति हैं.. COVID के समय भी उन्होंने वादा निभाया.. कोई छंटनी नहीं हुई.. वेतन समय पर दिए गए.. इसी तरह 2008 के संकट में भी कंपनी ने संघर्ष किया लेकिन कर्मचारियों का साथ नहीं छोड़ा..
वहीं अब बात करते हैं पूरे संकट की.. युद्ध शुरू होने के बाद दुबई में पर्यटन बुरी तरह प्रभावित हुआ.. पिछले साल 19.59 मिलियन टूरिस्ट आए थे.. अब कई होटल खाली पड़े हैं.. रेस्टोरेंट में 70-80 प्रतिशत कम ग्राहक आ रहे हैं.. कुछ चेन ने स्टाफ को अनपेड लीव पर भेज दिया.. शॉपिंग और लग्जरी सामान की बिक्री भी घटी है.. लोग जरूरी चीजें ही खरीद रहे हैं.. बचत बढ़ा रहे हैं.. दुबई सरकार ने 270 मिलियन डॉलर का सपोर्ट पैकेज घोषित किया है.. ताकि बिजनेस और परिवार सहन कर सकें.. लेकिन डैन्यूब ग्रुप ने खुद ही फैसला लिया कि वे सरकारी मदद का इंतजार नहीं करेंगे.. वे अपने कर्मचारियों को सीधा सपोर्ट देंगे..
रिजवान साजन की कहानी भी कम प्रेरणादायक नहीं है.. वे मूल रूप से भारत से हैं.. 1990 में इराक ने कुवैत पर हमला किया तो उन्हें सब कुछ छोड़कर मुंबई लौटना पड़ा.. फिर वे दुबई आए और छोटे से बिजनेस से शुरू किया.. आज उनका साम्राज्य 10 देशों में फैला है.. उन्होंने हमेशा ईमानदारी और कर्मचारियों का सम्मान रखा.. 2008 के संकट में बैंकर रोज फोन करते थे.. लेकिन साजन ने हार नहीं मानी.. COVID में भी उन्होंने कर्मचारियों को सपोर्ट दिया.. वहीं अब इस युद्ध में भी वही रणनीति.. उन्होंने कहा कि समस्याएं दुनिया में कहीं भी आ सकती हैं.. असली फर्क पड़ता है कि हम उन्हें कैसे हैंडल करते हैं..
कंपनी का बिजनेस मॉडल भी मजबूत है.. बिल्डिंग मटेरियल्स का कारोबार स्थिर रहता है.. क्योंकि निर्माण कार्य रुकते नहीं.. रियल एस्टेट में ग्रीनज जैसे प्रोजेक्ट निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं.. 1 प्रतिशत मासिक प्लान आसान किस्तों में घर दिलाता है.. लोग अभी भी दुबई में लंबी अवधि का निवेश देख रहे हैं.. साजन का मानना है कि युद्ध कितना भी लंबा चले.. दुबई की रिसिलिएंस हमेशा काम आएगी.. वे कहते हैं कि हम पहले भी कई संकटों से निकले हैं..



