पेन किलर का ज्यादा इस्तेमाल: किडनी और लिवर को खतरा

आजकल सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द या हल्की चोट में पेन किलर लेना आम हो गया है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें लंबे समय तक लेते रहते हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: आजकल सिरदर्द, कमर दर्द, जोड़ों के दर्द या हल्की चोट में पेन किलर लेना आम हो गया है। कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें लंबे समय तक लेते रहते हैं।

शुरुआत में ये दवाएं राहत देती हैं, लेकिन लगातार सेवन से शरीर के अंदरूनी अंगों पर असर पड़ सकता है। खासतौर पर किडनी और लिवर पर दबाव बढ़ जाता है, क्योंकि यही अंग दवाओं को शरीर से बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि पेन किलर का लंबे समय तक या जरूरत से
ज्यादा सेवन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए हमेशा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इनका इस्तेमाल करना चाहिए।

अक्सर लोग दर्द कम होने पर पेन किलर को सुरक्षित मान लेते हैं और इसके साइड इफेक्ट्स पर ध्यान नहीं देते. यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर समस्या बन सकती है. इसलिए यह समझना जरूरी है कि पेन किलर शरीर के अंदर कैसे काम करती है. साथ ही, जानते हैं कि पेन किलर कैसे किडनी और लिवर को प्रभावित करती है और इसके लक्षण क्या हैं.

पेन किलर से किडनी और लिवर पर कैसे पड़ता है असर?
पेन किलर शरीर में सूजन और दर्द को कम करने का काम करती हैं, लेकिन लंबे समय तक लेने पर ये किडनी की ब्लड वेसल्स पर असर डाल सकती हैं. इससे किडनी तक खून का फ्लो कम हो सकता है और उसकी काम करने की क्षमता घटने लगती है.

वहीं, लिवर का काम दवाओं को तोड़कर शरीर से बाहर निकालना होता है. लगातार पेन किलर लेने से लिवर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे लिवर सेल्स को नुकसान पहुंच सकता है. कुछ मामलों में सूजन, फैटी लिवर या लिवर एंजाइम बढ़ने की समस्या भी हो सकती है. खासकर पहले से किडनी या लिवर से जुड़ी परेशानी वाले लोगों में इसका खतरा ज्यादा रहता है.

किडनी और लिवर डैमेज के क्या हैं लक्षण?
अगर शरीर में किडनी या लिवर पर असर पड़ रहा हो, तो कुछ संकेत दिखाई देने लगते हैं. बार-बार थकान महसूस होना, पैरों या चेहरे पर सूजन, पेशाब में कमी या रंग बदलना किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है. वहीं, लिवर खराब होने पर भूख न लगना, मतली, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द, आंखों या त्वचा का पीला पड़ना जैसे लक्षण
दिख सकते हैं. कई बार बिना किसी तेज दर्द के भी अंदरूनी नुकसान हो रहा होता है, इसलिए हल्के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.

कैसे करें बचाव?
बिना डॉक्टर की सलाह के पेन किलर न लें. लंबे समय तक लगातार सेवन से बचें. पर्याप्त पानी पिएं. पहले से बीमारी हो तो डॉक्टर को जरूर बताएं. नियमित हेल्थ चेकअप कराते रहें.

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