राज्यसभा चुनाव में आज वोटिंग: तीनों राज्यों में कड़े मुकाबले के आसार, क्रॉस वोटिंग पर टिकी सबकी निगाहें

राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया सुबह 9 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी. वोटों की गिनती आज शाम 5 बजे से शुरू होगी.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया सुबह 9 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी. वोटों की गिनती आज शाम 5 बजे से शुरू होगी. हर 2 साल में होने वाले राज्यसभा चुनाव में इस बार 26 प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए.

राज्यसभा चुनाव के लिए आज सोमवार को वोट डाले जाने हैं. 5 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के अगले ही दिन राज्यसभा के लिए वोटिंग कराई जा रही है. 10 राज्यों से राज्यसभा की 37 सीटें खाली हो रही हैं जिसमें 26 निर्विरोध चुन लिए गए, ऐसे में 11 सीटों पर चुनाव कराया जा रहा है. जिन 11 सीटों पर वोट डाले जाने हैं, उसमें बिहार भी शामिल है. बिहार के अलावा हिमाचल प्रदेश और ओडिशा में वोट पड़ेंगे. इन तीनों ही राज्यों में राजनीतिक हलचल बनी हुई है.

संसद के ऊपरी सदन में चुनाव के लिए वोटिंग की प्रक्रिया सुबह 9 बजे शुरू होगी और शाम 4 बजे तक चलेगी. वोटों की गिनती शाम 5 बजे से शुरू होगी. हर 2 साल में होने वाले राज्यसभा चुनाव में इस बार भी बड़ी संख्या में प्रत्याशी निर्विरोध चुन लिए गए. निर्विरोध चुने जाने वालों में पूर्व रक्षा मंत्री शरद पवार, केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले, अभिषेक मनु सिंघवी, विनोद तावड़े और बाबुल सुप्रियो जैसे बड़े नेता शामिल हैं. 7 राज्यों से प्रत्याशी निर्विरोध चुने गए जबकि बिहार, ओडिशा और हरियाणा इन राज्यों में कड़े मुकाबले के आसार हैं.

बिहार में जोरदार राजनीतिक हलचल

बिहार में सबसे अधिक 5 सीटों पर वोट डाले जाने हैं. वहां पर वोटिंग से पहले कल रविवार को जबरदस्त राजनीतिक गतिविधियां देखने को मिलीं. चुनाव में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को एकतरफा जीत मिलने की उम्मीद है, वहीं, आरजेडी की कोशिश अपने एकमात्र प्रत्याशी को जीत दिलाने की है.

चुनाव से पहले एनडीए खेमे ने अपने विधायकों की कई दौर की बैठकें कीं. राज्य के संसदीय कार्य मंत्री और जनता दल यूनाइटेड (JDU) के नेता विजय कुमार चौधरी के आवास पर ऐसी 2 बैठकें बुलाई गईं. एक बैठक में प्रत्याशी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी उपस्थित थे. नीतीश बिहार में 2 दशक से भी अधिक समय तक मुख्यमंत्री रहने के बाद अब राज्यसभा जा रहे हैं. ऐसे में बिहार में सीएम पद में बदलाव तय है. इसके अलावा एक अन्य बैठक उपमुख्यमंत्री और बीजेपी नेता सम्राट चौधरी के घर पर हुई, जहां एनडीए विधायकों ने वोट डालने का अभ्यास किया.

NDA के खाते में 4 सीट, एक के लिए संघर्ष

बिहार विधानसभा की 243 सीटें हैं. राज्यसभा की 5 सीटों पर 6 प्रत्याशी मैदान में हैं. NDA के पास 202 विधायक हैं जबकि महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. ऐसे में NDA को 4 सीटों पर आसानी से जीत मिल जाएगी. यहां एक सीट के लिए 41 वोट चाहिए होंगे. इसके बाद NDA के खाते में 38 विधायक बचेंगे और 5वीं सीट जीतने के लिए उसे 3 और विधायकों के समर्थन की दरकार होगी. वहीं, महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं. अगर ओवैसी की AIMIM के 5 और BSP का विधायक उन्हें वोट दे तो एक सीट जीत सकता है.

बिहार में राज्यसभा चुनाव इस लिहाज से बेहद खास है क्योंकि एनडीए के 3 घटक दलों के प्रमुख चुनाव लड़ रहे हैं. जेडीयू की ओर से नीतीश कुमार, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के उपेंद्र कुशवाहा चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं. एनडीए के 2 अन्य उम्मीदवार हैं जेडीयू से केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर और बीजेपी के प्रदेश महासचिव तथा पूर्व विधायक शिवेश कुमार.

वोट के लिए तेजस्वी ने AIMIM से मांगा सपोर्ट

दूसरी ओर, राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पास 25 विधायक हैं. महागठबंधन के अन्य सहयोगियों के अलावा, 10 अतिरिक्त वोट भी हैं. आरजेडी को अपने प्रत्याशी अमरेंद्र धारी सिंह की जीत के लिए कम से कम 6 और विधायकों के समर्थन की जरूरत है. ऐसे में इस पांचवीं सीट पर होने वाले मुकाबले पर सभी की नजर रहेगी.

तेजस्वी यादव की पार्टी को असदुद्दीन ओवैसी की ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (AIMIM) के समर्थन का भरोसा है क्योंकि उसके पास 5 विधायक हैं. चुनाव से पहले आरजेडी के कार्यकारी अध्यक्ष तेजस्वी ने दोनों दलों के बीच संबंधों को सुधारने और वोट बिखरने से रोकने के लिए पिछले दिनों कोशिश की और कल रविवार को एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान से उनके घर जाकर मुलाकात की थी.

ओडिशा में भी वोटिंग से पहले सियासत

बिहार के अलावा ओडिशा में भी राज्यसभा के लिए वोट डाले जाने हैं. यहां भी वोटिंग से पहले सियासत तेज हो चुकी है. मुख्य विपक्ष दल बीजू जनता दल (BJD) ने कल रविवार शाम अपने 2 निलंबित विधायकों को राज्यसभा चुनाव में पार्टी के पक्ष में वोट डालने का निर्देश दिया. साथ ही यह भी चेताया कि ऐसा नहीं किए जाने उन्हें अयोग्यता की कार्यवाही का सामना करना पड़ सकता है. चंपुआ से विधायक सनातन महाकुड और पटकुरा से विधायक अरविंद महापात्र को 2 दिन पहले 15 जनवरी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में बीजेडी से निलंबित कर दिया गया था.

ओडिशा में 4 सीटों पर वोट डाले जाने हैं, लेकिन 5 प्रत्याशी दावेदारी ठोक रहे हैं. ओडिशा विधानसभा की 147 सीटें हैं और एक सीट पर जीत के लिए 30 विधायकों के वोट चाहिए. बीजेपी के 2 प्रत्याशी सुजीत कुमार और मनमोहन सामल की जीत तय मानी जा रही है. सत्तारुढ़ BJP के पास विधानसभा में 79 सीटें हैं और उसे 3 अन्य निर्दलीय विधायकों भी का समर्थन मिला हुआ है, ऐसे में उसके पक्ष की कुल संख्या 82 हो जाती है.

इसी तरह विपक्षी दल BJD के पास 48 वोट हैं और उसने 2 प्रत्याशी संत्रुप्त मिश्रा और दत्तेश्वर होता को उतारा है. संत्रुप्त की जीत तय मानी जा रही है जबकि चौथी सीट पर मामला अटका हुआ है. बीजेपी ने दिलीप राय को अपना समर्थन दिया है जबकि कांग्रेस के 14 और सीपीआई का एक विधायक दत्तेश्वर होता के साथ हैं. BJP के पास 22 वोट बच रहे हैं और अपने तीसरे प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए 8 और वोटों का इंतजाम करना होगा. अगर क्रॉस वोटिंग हुई तो नतीजे पलट सकते हैं.

क्या हरियाणा में फिर होगी क्रॉस वोटिंग

तीसरा राज्य हरियाणा. यहां पर 2 सीटों के लिए चुनाव होने हैं. विधानसभा में कुल 90 सीटें हैं. 2 सीटों पर चुनाव के लिए 3 प्रत्याशी मैदान में हैं. हर प्रत्याशी को जीत के लिए 31 वोट चाहिए होगा. BJP के पास 48 विधायक हैं. उसके एक प्रत्याशी संजय भाटिया का जीतना तय माना जा रहा है.

इसके बाद भी बीजेपी के पास 17 वोट बचेंगे, जिसके पार्टी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के पक्ष में जाने की उम्मीद है. 3 निर्दलीय के अलावा इंडियन नेशनल लोकदल के 2 विधायकों समर्थन मिल जाए तो यह संख्या 22 हो जाएगी. ऐसे में जीत से अभी भी 9 वोट कम होगी. इसी तरह कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं और पार्टी के प्रत्याशी कर्मवीर बौद्ध को जीत मिल सकती है. हालांकि यहां पर पहले भी क्रॉस वोटिंग हो चुकी है और कांग्रेस के पास संख्याबल होने के बावजूद उसे हार का सामना करना पड़ा था.

Related Articles

Back to top button