सेंट एंड्रयूज कॉलेज में बड़ा विवाद, फर्जी दस्तावेज के आरोप में कई लोगों पर FIR
गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज में कथित फर्जी दस्तावेज से कार्यवाहक प्राचार्य बनाने के आरोप में एफआईआर दर्ज हुई है। कैंट पुलिस मामले की जांच कर रही है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: सेंट एंड्रयूज डिग्री कॉलेज में प्रबंध समिति को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस जांच तक पहुंच गया है। कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. रैना निवेदिता सैमुअल समेत कई लोगों के खिलाफ कथित फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने व उनका इस्तेमाल करने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने न्यायालय के आदेश के बाद मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
नियुक्ति पत्र और सर्कुलर को लेकर विवाद
प्रो. एस. डोमिनिक राजकुमार की शिकायत के मुताबिक कॉलेज का संचालन सेंट एंड्रयूज कॉलेज एसोसिएशन सोसायटी के माध्यम से होता है और प्रबंध समिति को प्राचार्य की नियुक्ति संबंधी अधिकार प्राप्त हैं। समिति का विवाद हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि सात मार्च 2026 को सहायक रजिस्ट्रार ने हाईकोर्ट के निर्णय के बिना प्रबंध समिति में बदलाव नहीं करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कथित तौर पर फर्जी नियुक्ति पत्र और सर्कुलर तैयार कर रैना सैमुअल को कार्यवाहक प्राचार्य बनाने का प्रयास किया गया।
कई लोगों पर लगाए गए गंभीर आरोप
शिकायत में सीएनआई की लखनऊ डायसिस के बिशप मॉरिस एडगर दान, रेव. रोशन लाल समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। आरोप है कि प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों पर दबाव बनाकर कथित सर्कुलर पर हस्ताक्षर कराए गए।
शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रयागराज के एक कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अरुण सालिक मोजेस और डायसिस ऑफ लखनऊ के सचिव रेवरेंट प्रवीण मेसी ने कथित दस्तावेजों की जानकारी मिलने के बाद अपने हस्ताक्षर वापस लेने और नियुक्ति पत्र निरस्त करने की मांग की थी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
साइबर कैफे से दस्तावेज तैयार कराने का भी आरोप
शिकायत में प्रयागराज के अशोक नगर स्थित एक साइबर कैफे से कंप्यूटर और इंटरनेट के जरिए कथित दस्तावेज तैयार कराने का आरोप भी लगाया गया है। शिकायतकर्ता ने डिजिटल साक्ष्यों की जांच और संबंधित लोगों से पूछताछ की मांग की है।
कैंट थाना प्रभारी अमरनाथ राय के मुताबिक फर्जीवाड़े और जाली दस्तावेजों के इस्तेमाल समेत लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट – अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर
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