तिरुवनंतपुरम सीट से चौथे राउंड की गिनती पूरी, 2142 वोटों से LDF के CP John आगे

केरलम की तिरुवनंतपुरम सीट पर त्रिकोणिय मुकाबला होने की उम्मीद है. यहां UDF की ओर से सीपी जॉन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं,

4पीएम न्यूज नेटवर्क: केरलम की तिरुवनंतपुरम सीट पर त्रिकोणिय मुकाबला होने की उम्मीद है. यहां UDF की ओर से सीपी जॉन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं,

वहीं सुधीर करमना LDF समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं. थोड़ी देर में शुरुआती रुझान मिलने लगेंगे.

 आज सोमवार को केरल विधानसभा चुनाव का चुनाव परिणाम आने वाला है. मतगणना चल रही है और शुरुआती रुझान आने शुरू हो गए हैं. राज्य में इस बार का चुनाव तीन प्रमुख गठबंधनों के बीच है. एक ओर मुख्यमंत्री पिनरई विजयन की अगुवाई में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) है तो दूसरी ओर कांग्रेस गठबंधन वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) है.

तीसरा बीजेपी के सहयोगी दलों वाला एनडीए गठबंधन है. तिरुवनंतपुरम विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो इस सीट पर संघर्षपूर्ण मुकाबले के आसार लग रहे हैं. यहां त्रिकोणिय मुकाबला होने की उम्मीद है. थोड़ी देर में शुरुआती रुझान मिलने लगेंगे. तिरुवनंतपुरम सीट पर सुधीर करमना (इंडिपेंडेंट) 8857 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर हैं.
LDF के CP John 2142 वोटों से आगे चल रहे हैं.

इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट के मुताबिक, चौथे राउंड की गिनती के बाद तिरुवनंतपुरम सीट से Communist Marxist Party Kerala State Committee के सीपी जॉन 10999 वोटों के साथ आगे चल रहे हैं.

SUDHIR KARAMANA (Independent) 4098 वोटों के साथ दूसरे नंबर पर चल रहे हैं.

LDF के CP John 1360 वोटों से आगे हैं.

इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट के अनुसार, दूसरे राउंड की गिनती के बाद तिरुवनंतपुरम सीट से Communist Marxist Party Kerala State Committee के C P JOHN आगे हैं.

इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट के मुताबिक, पहले राउंड की गिनती के बाद तिरुवनंतपुरम सीट से CMPKSC के C P John 385 वोटों से SUDHIR KARAMANA (Independent) से आगे चल रहे हैं.

इस सीट पर पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू होने के लगभग 51 मिनट बाद CMPKSC के C P John आगे चल रहे हैं.

इस सीट पर पोस्टल बैलेट की गिनती शुरू हो गई है.

तिरुवनंतपुरम के इस सीट के लिए 2026 का विधानसभा चुनाव काफी रोचक माना जा रहा है. इस सीट पर यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की तरफ सीपी जॉन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, वहीं सुधीर करमना लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं, तो वहीं NDA की ओर से भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने करमना जयन उम्मीदवार के तौर पर मैदान में हैं.

इसके अलावा आम आदमी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने भी यहां से अपना उम्मीद उतारा. AAP ने समिन सत्यदास को टिकट दिया. वहीं BSP की तरफ से एडवोकेट सेन मैदान में हैं. हालांकि मुकाबला UDF, LDF और NDA के बीचस ही माना जा रहा है.

कौन हैं सीपी जॉन

68 साल के सीपी जॉन कम्युनिस्ट मार्क्सिस्ट पार्टी केरल स्टेट कमेटी (CMPKSC) के महासचिव हैं. क्षेत्र में उनकी साफ सुधरी छवि है. उन्होंने कालीकट विश्वविद्यालय से भौतिकी में बी. एससी (1977) और एलएलबी (1980) की डिग्री हासिल की है. उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामले दर्ज नहीं हैं. जॉन को केरल की वामपंथी-समाजवादी राजनीति का अनुभवी चेहरा माना जाता है. तिरुवनंतपुरम सीट पर उनका प्रदर्शन कितना प्रभावी रहता है, इस पर सभी की नजर टिकी हुई हुई है.

2021 विधानसभा चुनाव में कौन जीता?

2021 विधानसभा चुनाव में इस सीट एंटनी राजू (जनाधिपतिया केरल कांग्रेस) जीते थे. उन्हें करीब 48,748 वोट मिले थे. उन्होंने कांग्रेस के वीएस शिवकुमार को करीब 7 हजार वोटों से हराया था.

2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई

तिरुवनंतपुरम (सामान्य) विधानसभा क्षेत्र केरल के 140 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है, जो तिरुवनंतपुरम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है. यह सीट 2008 के परिसीमन के बाद अस्तित्व में आई और इससे पहले त्रिवेंद्रम पश्चिम (1977-2008) के रूप में जानी जाती थी. 2021 में चुने गए एंटनी राजू को 3 जनवरी 2026 को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद से यह सीट खाली है.

यह सीट केरल की राजधानी का हिस्सा होने की वजह से राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है और यहां यूडीएफ (कांग्रेस) और एलडीएफ (सीपीएम) के बीच पारंपरिक मुकाबले के साथ-साथ बीजेपी की सक्रिय उपस्थिति ने लड़ाई को दिलचस्प बना दिया है.

केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम को ऐतिहासिक रूप से त्रावणकोर या त्रिवेंद्रम के नाम से जाना जाता था. आज भी कई स्थानीय लोग रोजमर्रा की बातचीत में इसे त्रिवेंद्रम ही कहते हैं. यह जिला अपने प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर के लिए जाना जाता है और राज्य की राजनीतिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण केंद्र है.

मेयर के सफल चुनाव के बाद से यहां बीजेपी को काफी मजबूती मिली है, जिससे पहले से ही संघर्षरत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है. वाम मोर्चा भी एक मजबूत दावेदार है, ऐसे में कांग्रेस के लिए इस प्रतिस्पर्धी जिले में अपनी सीटों की संख्या बढ़ाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है.

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