गैस सिलेंडर फिर हुआ महंगा, महंगाई से बेहाल जनता, AAP का BJP पर तीखा हमला
रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी के बाद आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः देशभर में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमत एक बार फिर बढ़ गई है.. 7 जून से 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.. दिल्ली में अब यह सिलेंडर 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये का हो गया है.. अन्य शहरों में भी इसी हिसाब से दाम बढ़े हैं.. यह बढ़ोतरी पिछले कुछ महीनों में दूसरी बार हुई है.. आम परिवारों के लिए रसोई का खर्च बढ़ना बड़ी समस्या बन गया है.. गरीब और मध्यम वर्ग के लोग इस महंगाई से परेशान हैं.. वहीं विपक्षी पार्टियां जैसे आम आदमी पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.. वे कह रहे हैं कि सरकार जनता की जेब काट रही है..
वहीं तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कह रही हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतें बढ़ गई हैं.. पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और संघर्ष के कारण कच्चे तेल.. और एलपीजी की कीमतें ऊपर चढ़ी हैं.. कंपनियां हर सिलेंडर पर सैकड़ों रुपये का नुकसान उठा रही थीं.. इसलिए कीमतों में आंशिक बढ़ोतरी की गई.. सरकार का कहना है कि इसके बावजूद भारत में घरेलू एलपीजी दुनिया के कई देशों की तुलना में सस्ती है.. लेकिन आम लोग महसूस कर रहे हैं कि हर महीने का बजट बिगड़ रहा है..
आपको बता दें कि एक साधारण परिवार में रसोई गैस बहुत जरूरी चीज है.. चाय, रोटी, दाल-सब्जी सब इसी पर बनती है.. अगर सिलेंडर 29 रुपये महंगा हो जाए तो साल भर में कितना अतिरिक्त खर्च होगा.. कई परिवार महीने में 2-3 सिलेंडर इस्तेमाल करते हैं.. यानी 60-90 रुपये महीना और साल में 700-1000 रुपये अतिरिक्त.. मध्यम वर्ग के लिए यह बोझ है.. गरीब परिवारों के लिए तो और भी मुश्किल.. प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब महिलाओं को कनेक्शन दिए गए हैं.. उन्हें सब्सिडी मिलती है, लेकिन फिर भी पूरी राहत नहीं मिलती.. उज्ज्वला लाभार्थियों को पहले 12 रिफिल पर सब्सिडी मिलती थी.. अब कुछ राज्यों या योजनाओं में यह घटकर 4-9 रह गई है..
घरेलू बजट में गैस के अलावा तेल, दूध, सब्जी और अनाज सब महंगे हो रहे हैं.. आमदनी नहीं बढ़ रही, लेकिन खर्च बढ़ रहा है.. कई महिलाएं कह रही हैं कि अब पुरानी लकड़ी या गोबर के चूल्हे की तरफ लौटना पड़ सकता है.. जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.. शहरों में मिडिल क्लास परिवार कहते हैं कि हर महीने EMI, किराया, स्कूल फीस.. और अब गैस का खर्च मिलाकर बजट टाइट हो गया है..
आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर भाजपा सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है.. AAP नेताओं का कहना है कि रसोई से लेकर पूरे घर का बजट बिगड़ गया है.. और उन्होंने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा सरकार जनता को लूट रही है.. और महंगाई पर काबू नहीं पा रही.. AAP के अनुसार, केंद्र सरकार को गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए कोई ठोस राहत पैकेज लाना चाहिए.. दिल्ली और पंजाब जैसे AAP शासित राज्यों में उन्होंने पहले भी गैस सब्सिडी या मदद की योजनाएं चलाई हैं.. अब वे कह रहे हैं कि भाजपा की नीतियां आम आदमी के खिलाफ हैं.. विपक्षी दलों ने कहा कि जब UPA सरकार थी तब भाजपा सड़कों पर सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करती थी.. अब खुद सत्ता में हैं तो चुप हैं.. कांग्रेस ने भी पीएम मोदी को महंगाई मैन कहकर हमला बोला.. जिससे राजनीतिक बवाल तेज हो गया है.. AAP ने इसे चुनावी मुद्दा बनाने की तैयारी शुरू कर दी है..
सरकार और पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि.. यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव में मजबूरी है.. OMCs हर सिलेंडर पर अभी भी 700 रुपये के आसपास नुकसान उठा रही हैं.. भारत में घरेलू एलपीजी की कीमत पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल और श्रीलंका से कम है.. अमेरिका और कनाडा जैसे विकसित देशों की तुलना में तो बहुत सस्ती है.. सरकार ने उज्ज्वला योजना के तहत करोड़ों गरीब परिवारों को मुफ्त कनेक्शन दिए हैं.. 10 करोड़ से ज्यादा कनेक्शन जारी हो चुके हैं.. सब्सिडी सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर होती है.. ताकि बीच में कोई गड़बड़ी न हो..
सरकार का कहना है कि 2014 से पहले की तुलना में एलपीजी कनेक्शन की पहुंच बहुत बढ़ी है.. पहले कई गांवों में गैस नहीं पहुंचती थी.. अब ज्यादातर घरों तक पहुंच गई है.. महंगाई पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं.. लेकिन विपक्ष इन्हें नाकाफी बता रहा है.. 2014 में भाजपा सरकार आई थी.. तब तेल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार में कम थीं.. लेकिन समय के साथ वैश्विक घटनाओं.. जैसे कोविड, रूस-यूक्रेन युद्ध और अब पश्चिम एशिया में तनाव ने कीमतें बढ़ाईं.. सरकार का दावा है कि घरेलू उत्पादन बढ़ाने और आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की गई.. लेकिन पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका..



