गोरखपुर में एनई रेलवे मेंस कांग्रेस का महाअधिवेशन, पुरानी पेंशन से लेकर सुरक्षा तक उठे अहम मुद्दे
पूर्वोत्तर रेलवे मेंस कांग्रेस (एनईआरएमसी) का 14वां त्रैवार्षिक अधिवेशन शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय स्थित महाप्रबंधक कार्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में भव्य रूप से शुरू हुआ।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पूर्वोत्तर रेलवे मेंस कांग्रेस (एनईआरएमसी) का 14वां त्रैवार्षिक अधिवेशन शुक्रवार को पूर्वोत्तर रेलवे मुख्यालय स्थित महाप्रबंधक कार्यालय परिसर के ऑडिटोरियम में भव्य रूप से शुरू हुआ।
दो दिवसीय इस अधिवेशन में पूर्वोत्तर रेलवे के तीनों मंडलों से आए लगभग 900 प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। अधिवेशन में कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, वेतन विसंगतियां, सुरक्षित कार्यस्थल, चिकित्सा सुविधाएं, आवास, पर्याप्त मानवबल, स्वच्छ पेयजल और विश्राम सुविधाएं प्रमुख रूप से शामिल रहीं।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्वोत्तर रेलवे के प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी (पीसीपीओ) मनोज कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन सत्र में उन्होंने कर्मचारी संगठनों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कर्मचारी संगठन प्रशासन और कर्मचारियों के बीच मजबूत सेतु का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर संवाद और सहयोग की भावना से कर्मचारियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान संभव है। रेलवे प्रशासन कर्मचारियों के कल्याण, पारदर्शी व्यवस्था और कार्यस्थलों पर बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा लोकतंत्र की मूल भावना : सुदामा प्रसाद
अधिवेशन के मुख्य अतिथि आरा के सांसद सुदामा प्रसाद ने रेलवे कर्मचारियों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि देश के विकास और रेलवे संचालन में कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के श्रम, सम्मान और अधिकारों की रक्षा करना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है। उन्होंने सामाजिक सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य वातावरण और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सरकार और प्रशासन को गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता पर बल दिया।
श्रमिक संगठनों का उद्देश्य सम्मानजनक कार्यपरिस्थितियां सुनिश्चित करना : राजीव डिमरी
ऑल इंडिया सेंट्रल काउंसिल ऑफ ट्रेड यूनियंस (एआईसीसीटीयू) के महामंत्री राजीव डिमरी ने कहा कि श्रमिक संगठनों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सम्मानजनक कार्य परिस्थितियां, सामाजिक सुरक्षा और उनके अधिकार दिलाना है। उन्होंने कहा कि संगठित प्रयासों से ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान संभव है।
वहीं इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (आईआरईएफ) के महामंत्री सर्वजीत सिंह ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन, पदोन्नति, चिकित्सा, आवास, पेंशन और सुरक्षा जैसे मुद्दे संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। इन सभी विषयों को प्रशासन के समक्ष मजबूती से उठाया जाएगा।
महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान पर विशेष जोर
अधिवेशन के दौरान महिला प्रकोष्ठ की प्रतिनिधियों अंजना, कुलवंती दूबे, आशा शर्मा, शैल पाण्डेय और शिखा भट्टाचार्य ने महिला कर्मचारियों की सुरक्षा, सम्मानजनक कार्य वातावरण और कार्यस्थलों पर बेहतर सुविधाओं की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि रेलवे में कार्यरत महिलाओं के लिए सुरक्षित और समान अवसर वाला वातावरण सुनिश्चित किया जाना समय की मांग है।
कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा : अखिलेश पाण्डेय
एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री एवं इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश पाण्डेय ने संगठन की उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि कर्मचारियों के शोषण और उत्पीड़न के खिलाफ संगठन का संघर्ष लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के सामने वेतन विसंगतियां, चिकित्सा सुविधाओं की कमी, आवास संबंधी समस्याएं, पर्याप्त मानवबल की उपलब्धता, स्वच्छ पेयजल और विश्राम सुविधाओं जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, जिन्हें संगठन प्राथमिकता के साथ उठा रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
कर्मचारी हितों के लिए पूरी प्रतिबद्धता से करेगा संगठन कार्य : सुभाष दूबे
एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के केंद्रीय अध्यक्ष सुभाष दूबे ने कहा कि संगठन ने हमेशा कर्मचारियों के हितों से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ रेलवे प्रशासन के समक्ष रखा है। भविष्य में भी कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए संगठन पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करता रहेगा।
पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग दोहराई
फ्रंट अगेंस्ट एनपीएस इन रेलवे (एफएएनपीएसआर) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमरीक सिंह ने अधिवेशन में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन जीने के लिए पुरानी पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
कई संगठनों के पदाधिकारियों ने रखा अपना पक्ष
अधिवेशन को ऑल इंडिया पोस्टल एंड मल्टीपर्पज एसोसिएशन (एआईपीएमए) के महामंत्री मनोज गोस्वामी, डीएलडब्ल्यू रेल मजदूर यूनियन के अध्यक्ष प्रदीप यादव, आईआरईएफ के अतिरिक्त राष्ट्रीय महामंत्री दुर्गेश पाण्डेय, एससी/एसटी एसोसिएशन के जोनल अध्यक्ष बच्चू लाल, अब्दुल शेख, गोपीनाथ उपाध्याय सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारियों ने भी संबोधित किया। सभी वक्ताओं ने कर्मचारी हितों की रक्षा, सामाजिक सुरक्षा, बेहतर कार्य वातावरण और संगठनात्मक एकजुटता पर जोर दिया।
तीनों मंडलों से पहुंचे करीब 900 प्रतिनिधि
अधिवेशन में पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर मंडल सहित विभिन्न इकाइयों से आए लगभग 900 प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। पूरे दिन कर्मचारी हितों से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श, प्रस्तावों पर चर्चा और भविष्य की रणनीति तैयार करने का सिलसिला जारी रहा।
संचालन और धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम का संचालन राजीव पाठक और शिवेंद्र पाण्डेय ने संयुक्त रूप से किया। अंत में विजय नाथ ठाकुर एवं प्रदीप श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए अधिवेशन के प्रथम दिवस के कार्यक्रम का समापन किया।
रिपोर्ट- अमरेंद्र पांडेय, गोरखपुर



