फायर ब्रिगेड से घर धुलवाना BJP विधायक के बेटे को पड़ा भारी, ₹25 हजार का जुर्माना!

BJP विधायक के बेटे को फायर ब्रिगेड से घर धुलवाना भारी पड़ गया... इस मामले में 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः गुजरात के दाहोद जिले की देवगढ़ बारिया नगरपालिका ने भाजपा विधायक बच्चूभाई खाबड़ के पुत्र बलवंतभाई खाबड़ पर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है.. वहीं यह कार्रवाई उस घटना के बाद हुई.. जिसमें विधायक के बेटे ने घर में आग लगने की झूठी सूचना देकर फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलवाई.. और फिर उससे अपने निजी आवास की सफाई करवाई.. नगरपालिका ने जुर्माना भरने के लिए तीन दिन की मोहलत दी है.. और चेतावनी दी है कि समय सीमा के अंदर राशि जमा न होने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.. जिसमें पुलिस एक्शन भी शामिल हो सकता है..

आपको बता दें कि बच्चूभाई खाबड़ गुजरात विधानसभा के भाजपा विधायक हैं.. और पूर्व मंत्री भी रह चुके हैं.. उनका आवास देवगढ़ बारिया के पास धनपुर तालुका के पिपेरो गांव में स्थित है.. चार अक्टूबर को हुई इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.. वीडियो में नगरपालिका की फायर ब्रिगेड की गाड़ी घर की बाहरी दीवारों पर पानी की बौछार करते साफ दिखाई दे रही थी.. करीब चौबीस किलोमीटर दूर से आई यह गाड़ी आपातकालीन सेवा के लिए थी.. लेकिन निजी सफाई में लगा दी गई..

विभागीय रिपोर्टों के अनुसार नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल ने फायर स्टेशन को फोन कर बताया कि विधायक के घर में आग लग गई है.. फायर अधिकारी मयूर सिंह चौहान को वरिष्ठ अधिकारी से मौखिक अनुमति मिली.. और गाड़ी भेज दी गई.. मौके पर पहुंचने के बाद कर्मचारियों से आग बुझाने के बजाय घर की दीवारें धोने का अनुरोध किया गया.. और उन्होंने काम शुरू किया.. लेकिन जल्द ही स्थिति समझ में आने पर काम रोक दिया..

फायर कर्मचारियों ने मौके पर ही दो हजार सात सौ रुपये का शुल्क वसूलकर रसीद काटी और गाड़ी वापस ले आए.. रसीद बलवंतभाई खाबड़ के नाम पर जारी की गई.. इस घटना की विस्तृत रिपोर्ट नगरपालिका को सौंपी गई.. नगरपालिका ने गुजरात फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी मेजर्स एक्ट दो हजार तेरह की धारा उनतालीस और चौवालीस के तहत नोटिस जारी कर पच्चीस हजार रुपये का जुर्माना लगाया.. वहीं इस कानून के तहत झूठी सूचना देकर फायर सेवा का दुरुपयोग करने पर सजा का प्रावधान है.. बलवंतभाई को तीन दिन के अंदर जुर्माना जमा करने को कहा गया है.. यदि वे समय पर राशि नहीं जमा करते तो प्रशासन आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू करेगा.. इसमें पुलिस में शिकायत दर्ज कराना.. और अन्य दंडात्मक कार्रवाई शामिल हो सकती है..

घटना के वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने तीखा विरोध जताया है.. कांग्रेस समेत अन्य दलों ने विधायक पर सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाया है.. और उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संसाधनों का निजी कामों में इस्तेमाल लोकतंत्र के मूल्यों के खिलाफ है.. विपक्ष ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.. नगरपालिका अध्यक्ष धर्मेश कलाल ने स्पष्ट किया कि.. उन्हें विधायक की ओर से कॉल आया था.. और उन्होंने आपात स्थिति समझकर गाड़ी भेज दी.. जब फायर कर्मचारियों ने बताया कि घर धुलवाने के लिए कहा जा रहा है.. तो उन्होंने तुरंत काम रोकने और शुल्क वसूलने के निर्देश दिए.. फायर अधिकारी ने भी पुष्टि की कि यह झूठी कॉल साबित हुई.. और उन्होंने तुरंत कार्रवाई की..

आपको बता दें कि यह घटना इसलिए भी चर्चित हुई क्योंकि फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवा आम लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है.. जब कोई असली आग या हादसा होता है तो मिनटों का फैसला जीवन बचाता है.. ऐसी झूठी कॉल से न केवल संसाधन बर्बाद होते हैं.. बल्कि अन्य जगहों पर जरूरत पड़ने पर सेवा में देरी भी हो सकती है.. प्रशासन ने इसी गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जुर्माना बढ़ाया है.. बच्चूभाई खाबड़ के परिवार पर पहले भी विवाद रहा है.. इससे पहले उनके बेटों पर मनरेगा घोटाले से जुड़े आरोप लगे थे.. जिसमें गिरफ्तारियां भी हुई थीं.. हालांकि उस मामले को परिवार ने राजनीतिक साजिश बताया था.. वर्तमान घटना ने फिर से परिवार की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं.. स्थानीय स्तर पर लोग चर्चा कर रहे हैं.. कि सत्ता में रहने वाले लोग आम नागरिकों के संसाधनों का कैसे उपयोग करते हैं..

 

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