11 हजार वोल्ट की लाइन से घरों में फैला करंट, आग लगने से लाखों की गृहस्थी जली

शहर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री नगर चमरौड़ी चौराहे पर 11 हजार वोल्ट की लाइन के सपोर्टिंग पोल से अचानक कई घरों में करंट फैल गया। इसके बाद घरों में आग लग गई और देखते ही देखते लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के बांदा में बिजली की हाईटेंशन लाइन से घरों में करंट फैलने के बाद भीषण आग लगने का मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के गायत्री नगर चमरौड़ी चौराहे पर 11 हजार वोल्ट की लाइन के सपोर्टिंग पोल से अचानक कई घरों में करंट फैल गया। इसके बाद घरों में आग लग गई और देखते ही देखते लाखों रुपये का घरेलू सामान जलकर राख हो गया।

घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने किसी तरह घरों से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई और बिजली विभाग को घटना की सूचना दी। वहीं, मोहल्ले के लोगों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हाईटेंशन तारों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

11 हजार वोल्ट की लाइन से घरों में फैला करंट

जानकारी के मुताबिक, गायत्री नगर स्थित चमरौड़ी चौराहे के पास 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का सपोर्टिंग पोल लगा हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इसी पोल से जुड़े बिजली नेटवर्क में अचानक गड़बड़ी हुई और घरों में करंट फैल गया। करंट फैलते ही कई घरों में आग लग गई। अचानक आग लगने से लोगों में दहशत फैल गई। घरों में मौजूद लोगों ने आनन-फानन में बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने घरों में रखे सामान को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।

घर-गृहस्थी का लाखों का सामान जलकर राख

पीड़ित परिवारों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को सामान निकालने तक का मौका नहीं मिला। आग में सोना-चांदी, फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, पंखे, अलमारी, बेड, श्रृंगारदान और अन्य घरेलू सामान जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस हादसे में कई परिवारों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। आग की वजह से घरों में रखा जरूरी सामान भी बर्बाद हो गया, जिससे प्रभावित परिवारों के सामने बड़ी आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है।

बिजली विभाग को सूचना देने के बाद भी सप्लाई बंद होने में देरी का आरोप

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना दी। हालांकि, पीड़ित परिवारों और स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद बिजली आपूर्ति तत्काल बंद नहीं की गई।

लोगों के मुताबिक, करीब एक घंटे बाद बिजली सप्लाई बंद की गई, जिसके बाद आग पर काबू पाने की कार्रवाई शुरू हो सकी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि समय रहते बिजली सप्लाई बंद कर दी जाती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। हालांकि, बिजली सप्लाई बंद करने में देरी के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

फायर ब्रिगेड ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू

बिजली आपूर्ति बंद होने के बाद फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि आग पर समय रहते नियंत्रण पा लिया गया, वरना आग आसपास के अन्य घरों तक भी पहुंच सकती थी और हादसा और बड़ा रूप ले सकता था। घटना के बाद काफी देर तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

हाईटेंशन तारों को लेकर पहले भी शिकायतों का दावा

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में हाईटेंशन बिजली के तारों को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। मोहल्लेवासियों के मुताबिक, बिजली के तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं, जिससे हमेशा हादसे का खतरा बना रहता है। लोगों का दावा है कि उन्होंने बिजली विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ शासन और प्रशासन के संबंधित अधिकारियों से भी तारों को हटाने और समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है। इसके बावजूद, स्थानीय लोगों के अनुसार, अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

‘समय रहते तार हटाए जाते तो नहीं होता हादसा’

घटना के बाद स्थानीय लोगों में बिजली विभाग के खिलाफ नाराजगी देखने को मिली। एक स्थानीय निवासी ने कहा कि मोहल्ले के लोग लंबे समय से हाईटेंशन तारों को लेकर शिकायत कर रहे हैं। स्थानीय निवासी के मुताबिक, हाईटेंशन तार घरों के ऊपर से गुजर रहे हैं और इससे लगातार खतरा बना हुआ है। उनका कहना है कि समय रहते अगर तारों की समस्या का समाधान कर दिया जाता तो आज इतना बड़ा हादसा नहीं होता।

हादसे के बाद बिजली विभाग के खिलाफ आक्रोश

घटना के बाद मोहल्ले के लोगों ने बिजली विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अस्थायी रूप से बिजली की सप्लाई बंद करना समस्या का समाधान नहीं है। हाईटेंशन तारों और सपोर्टिंग पोल की स्थिति की जांच कर स्थायी व्यवस्था की जानी चाहिए। मोहल्लेवासियों ने चेतावनी दी है कि जब तक हाईटेंशन तारों की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे बिजली के तार दोबारा जोड़ने का विरोध करेंगे।

पीड़ित परिवारों ने की मुआवजे की मांग

आग में लाखों रुपये का सामान जलने के बाद प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नुकसान का आकलन कराने और उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हादसे में जिन परिवारों का घरेलू सामान जला है, उनके नुकसान का सर्वे कराया जाना चाहिए और नियमानुसार आर्थिक मदद उपलब्ध कराई जानी चाहिए।

स्थायी समाधान की मांग

स्थानीय लोगों की सबसे बड़ी मांग हाईटेंशन तारों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कराने की है। लोगों का कहना है कि जब तक तारों और बिजली के सपोर्टिंग सिस्टम की उचित जांच नहीं होगी, तब तक भविष्य में इस तरह की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। मोहल्लेवासियों ने बिजली विभाग और प्रशासन से मौके का निरीक्षण कराकर हाईटेंशन लाइन की स्थिति की जांच कराने, आवश्यक तकनीकी सुधार करने और घरों के ऊपर से गुजर रहे खतरनाक तारों की समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है।

अब जांच के बाद स्पष्ट होगी हादसे की वजह

फिलहाल घटना के बाद इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोग बिजली विभाग पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, जबकि हादसे की वास्तविक तकनीकी वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि हाईटेंशन लाइन को लेकर पहले से शिकायतें की जा रही थीं, तो उन पर क्या कार्रवाई हुई और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए बिजली विभाग क्या कदम उठाएगा। साथ ही, आग में हुए लाखों रुपये के नुकसान के बाद पीड़ित परिवारों को राहत और मुआवजा कब तक मिलेगा, यह भी देखने वाली बात होगी।

रिपोर्ट:- इकबाल खान,बांदा

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