देश के 4 बड़े मंदिर कितने अमीर? पैसा, सोना और जमीन का पूरा हिसाब

पुरी के जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने संपत्ति का ब्योरा जारी किया है. मंदिर के बैंक खातों में 1,911.80 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसमें 1,811 करोड़ की FD है. मंदिर के नाम 60,821 एकड़ जमीन है.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: पुरी के जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने संपत्ति का ब्योरा जारी किया है. मंदिर के बैंक खातों में 1,911.80 करोड़ रुपये जमा हैं, जिसमें 1,811 करोड़ की FD है. मंदिर के नाम 60,821 एकड़ जमीन है.

भारत में मंदिर सिर्फ आस्था के बड़े केंद्र नहीं हैं, बल्कि कई मंदिरों के पास करोड़ों रुपये की जमा राशि, जमीन, सोना और दूसरी संपत्तियां भी हैं. अब पुरी के जगन्नाथ मंदिर की संपत्ति का आंकड़ा सामने आने के बाद एक बार फिर यह सवाल चर्चा में है कि देश के बड़े मंदिरों के पास आखिर कितनी संपत्ति है? श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुताबिक पुरी के जगन्नाथ मंदिर के बैंक खातों में करीब 1,911.80 करोड़ रुपये जमा हैं.

इसमें बड़ी रकम फिक्स्ड डिपॉजिट में रखी गई है. इसके अलावा मंदिर के नाम पर देशभर में 60,821 एकड़ जमीन है. इसमें से 60,426 एकड़ जमीन ओडिशा के 24 जिलों में है, जबकि करीब 395 एकड़ जमीन दूसरे छह राज्यों में है. मंदिर के रत्न भंडार में सोने, हीरे और दूसरी कीमती चीजें भी रखी हैं, जिनकी गिनती 48 साल बाद की जा रही है.

पुरी के आंकड़े सामने आने के बाद इसकी तुलना अयोध्या के राम मंदिर, केरल के गुरुवायूर मंदिर और आंध्र प्रदेश के तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी TTD से भी की जा रही है. अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास 31 मार्च 2026 को 1,882 करोड़ रुपये की कुल उपलब्ध राशि थी. वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट की आय 237 करोड़ रुपये रही, जबकि 91 करोड़ रुपये खर्च हुए. इसके अलावा निर्माण और दूसरे कामों पर 425 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च हुआ.

वहीं तिरुपति मंदिर से जुड़े TTD के पास उपलब्ध पुराने आंकड़ों के अनुसार करीब 16,000 करोड़ रुपये बैंक जमा थे. गुरुवायूर मंदिर के बारे में RTI से सामने आए आंकड़ों के मुताबिक विभिन्न बैंकों में करीब 1,737.04 करोड़ रुपये जमा थे और मंदिर के पास 271.05 एकड़ जमीन थी. हालांकि इन आंकड़ों की तारीख अलग-अलग है, इसलिए इनसे आज की संपत्ति की सटीक रैंकिंग करना सही नहीं होगा.

चार बड़े मंदिरों की संपत्ति पर एक नजर-

पुरी जगन्नाथ मंदिर: करीब 1,911.80 करोड़ रुपये बैंक जमा

अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट: 1,882 करोड़ रुपये उपलब्ध राशि

गुरुवायूर मंदिर: करीब 1,737.04 करोड़ रुपये बैंक जमा

तिरुपति TTD: पुराने आंकड़े में करीब 16,000 करोड़ रुपये बैंक जमा

पुरी जगन्नाथ मंदिर के पास कितना पैसा?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर के बैंक खातों में 31 अगस्त 2026 तक करीब 1,911.80 करोड़ रुपये जमा थे. इसमें 1,811.10 करोड़ रुपये फिक्स्ड डिपॉजिट में थे. मंदिर की आय भक्तों के दान के अलावा खदानों और पत्थरों से कमाई, बैंक ब्याज, जमीन से जुड़े लेन-देन और सरकारी अनुदान से भी होती है.

मंदिर की हुंडी में आए चढ़ावे की रोज गिनती होती है. मंदिर के पास 60,821 एकड़ जमीन है, जिसमें 60,426 एकड़ ओडिशा में और बाकी छह राज्यों में है. इसके अलावा रत्न भंडार में सोना, हीरे और अन्य कीमती वस्तुएं हैं, जिनका आकलन अभी जारी है.

अयोध्या के राम मंदिर ट्रस्ट के पास कितनी रकम?

अयोध्या के राम मंदिर की देखरेख करने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास 21 मार्च 2026 तक करीब 1,882 करोड़ रुपये थे. ट्रस्ट के वित्तीय वर्ष 2025-26 के हिसाब से उसे करीब 237 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि 91 करोड़ रुपये खर्च हुए.

निर्माण समेत अलग-अलग कामों पर करीब 425 करोड़ रुपये खर्च किए गए. इसी बीच ट्रस्ट ने रिटायर्ड एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को पहला CEO नियुक्त किया है. उनकी जिम्मेदारी मंदिर के प्रशासन, चढ़ावे की निगरानी, कर्मचारियों के प्रबंधन, श्रद्धालुओं की सुविधाओं और निर्माण कार्यों की मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाओं को संभालना होगी.

गुरुवायूर मंदिर के पास कितने पैसे?

केरल के प्रसिद्ध गुरुवायूर श्रीकृष्ण मंदिर की संपत्ति से जुड़ा आंकड़ा RTI के जरिए सामने आया था. इसके मुताबिक मंदिर के विभिन्न बैंक खातों में 1,737.04 करोड़ रुपये जमा थे. मंदिर के पास करीब 271.05 एकड़ जमीन भी थी. मंदिर के सोने, चांदी और कीमती पत्थरों की पूरी कीमत का खुलासा सुरक्षा कारणों से नहीं किया गया था. यह आंकड़ा 2022 में सामने आया था, इसलिए इसे 2026 की ताजा बैंक राशि नहीं माना जाना चाहिए.

तिरुपति के पास कितने पैसे?

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम यानी TTD देश के सबसे बड़े और संपन्न मंदिर संस्थानों में गिना जाता है. उपलब्ध एक प्रमुख रिपोर्ट के मुताबिक TTD के पास करीब 16,000 करोड़ रुपये की बैंक जमा राशि थी. इसके अलावा उसके पास सोने की बड़ी मात्रा और देशभर में सैकड़ों संपत्तियां भी दर्ज हैं.

16,000 करोड़ वाला आंकड़ा 2022 में सामने आया था. 2026 में TTD का वार्षिक बजट ही 5,456.26 करोड़ रुपये मंजूर किया गया है, जो बताता है कि यह संस्थान कितने बड़े स्तर पर काम करता है. बजट और बैंक जमा एक ही चीज नहीं हैं, इसलिए दोनों को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए.

मंदिरों के पास इतना पैसा आता कहां से है?

इन मंदिरों की आय के कई रास्ते हैं. सबसे बड़ा स्रोत आमतौर पर भक्तों का दान और चढ़ावा होता है. इसके अलावा बैंक में जमा पैसे पर ब्याज, जमीन से होने वाली आय, संपत्तियों से कमाई, सरकारी सहायता और कुछ मंदिरों में दूसरे व्यावसायिक स्रोत भी होते हैं. पुरी मंदिर प्रशासन ने भी दान, खदानों, बैंक ब्याज, जमीन और सरकारी अनुदान को अपनी आय के प्रमुख स्रोतों में बताया है.

करोड़ों की कमाई, पैसा जाता कहां है?

बड़े मंदिरों के पास जमा रकम का इस्तेमाल सिर्फ धार्मिक गतिविधियों में नहीं होता, बल्कि मंदिरों की रोजमर्रा की व्यवस्था और विकास पर भी खर्च किया जाता है. इसमें मंदिर और भवनों का रखरखाव, कर्मचारियों का वेतन, श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं और सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं.

प्रसाद, भोजन और धार्मिक आयोजनों पर भी बड़ी रकम खर्च होती है. इसके अलावा मंदिर परिसरों के विस्तार, नए निर्माण और दूसरी विकास योजनाओं पर पैसा लगाया जाता है. कई मंदिर शिक्षा, स्वास्थ्य, अन्नदान और सामाजिक सेवा से जुड़े काम भी करते हैं. यानी मंदिरों की आय का बड़ा हिस्सा धार्मिक व्यवस्था के साथ श्रद्धालुओं और समाज से जुड़ी सेवाओं पर खर्च होता है.

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