सदन में दूसरे दिन भी जबरदस्त हंगामा, सदन से निकलकर राहुल का बड़ा बयान, सपोर्ट में फिर आए अखिलेश
जब से राहुल गांधी ने संसद में चीन का मुद्दा उठाया है बीजेपी सरकार में कोहराम मच गया है। कल पूरे देश ने देखा कि कैसे जब भी चीन का नाम ले रहे थे अमित शाह और राजनाथ सिंह बीच बीच में खड़े होकर बोलने नहीं दे रहे थे।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जब से राहुल गांधी ने संसद में चीन का मुद्दा उठाया है बीजेपी सरकार में कोहराम मच गया है। कल पूरे देश ने देखा कि कैसे जब भी चीन का नाम ले रहे थे अमित शाह और राजनाथ सिंह बीच बीच में खड़े होकर बोलने नहीं दे रहे थे।
राहुल जैसे पूर्व आर्मी चीफ जनरल नरवणे का नाम भर बस ले रहे थे पूरी बीजेपी तिलमिलाई जा रही थी। आज दूसरे दिन भी ठीक कुछ वैसा ही नजारा देखने को मिला। संसद में राहुल गांधी बोलने के लिए खड़े हुए तो उनके बोलते बवाल होने लगा। फिर देखते देखते संसद में इतना जोरदार हंगामा हुआ कि स्थिति को कंट्रोल करना स्पीकर के हाथ से बाहर हो गया। हालात इतने बिगड़े कि स्पीकर के मुंह पर पेपर उछाले जाने लगे। कैसे संसद में स्थिति इतनी बिगड़ गई और कैसे नेताप्रतिपक्ष को संसद में बोलने से रोका गया।राहुल गांधी ने संसद से निकलकर क्या बयान दिया जो की सबसे बड़ी हेडलाइन बन गई और फिर कैसे राहुल गाँधी के सपोर्ट में उतर आए अखिलेश यादव।
कुछ अंधभक्तों के मुताबिक भारत में अमृतकाल चल रहा है। लेकिन ये कैसा अमृतकाल है जहां रोजाना लोकतंत्र की हत्या का जा रही हो जहां। जहां संसद में चीन की बात करना नेताप्रतिपक्ष के लिए नामुमकिन कर दिया गया हो। आज दूसरे दिन भी जब नेताप्रतिपक्ष राहुल गांधी संसद में बोलने के लिए खड़े हुए तो बीजेपी नेता चीन का नाम सुनकर तिलमिला उठे। अब देखिए मोदी जी की जी हुजूरी करने वाले मंत्रियों को लगा था कि कल के बाद राहुल गांधी डर गए होंगे और आज चीन का नाम लेने से डरेंगे। लेकिन राहुल गांधी कहां सरकार की दुखती नब्ज को छोड़ने वाले थे। इसलिए जब आज वो संसद में बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत वहीं से की जहां से कल वो अधूरा छोड़ गए थे। उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए फिर चीन सा नाम ले लिया। फिर क्या था जैसे ही भाजपाई सांसदों ने चीन का जिक्र सुना तो वो बौखला उठे और राहुल गांधी को बोलने से रोकने की कोशिश करने लगे। इधर से विपक्षी सांसद भी अपनी कुर्सी से उठकर हंगामा करने लगे। जब ये सब हंगामा हो रहा था तब उस समय कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी आसन पर बैठे हुए थे। हंगामे को रोकते हुए उन्होंने राहुल से कहा कि मैं आपको परमिशन दे रहा हूँ। इस पर राहुल गांधी भड़क गए और उन्होंने क्या कहा कि मैं नेताप्रतिपक्ष हूं। मुझे आपकी परमिशन की जरूरत नहीं है।
जैसे ही राहुल गांधी बोल रहे थे सत्ता पक्ष और स्पीकर द्वारा उन्हें बार बार बोलने से रोका रहा था। इसके बाद स्पीकर राहुल की बात पूरे हुए बिना उन्हें रुकने को कहते हैं और दूसरे सांसदों को बोलने को कहने लगते हैं। ये सब देखकर विपक्षी सांसद अपना आपा खो देते हैं और जमकर हंगामा करने लगते हैं। बात यहां तक पहुंच जाती है कि स्पीकर के मुंह पर्चियां उड़ाई जाने लगती है। स्थिति को बिगड़ता देख स्पीकर साहब घबरा जाते हैं और संसदीय कार्यवाही को स्थगित करने करने का आदेश दे देते हैं।
लोकसभा में भारी हंगामे के दौरान कुछ सांसदों ने स्पीकर की कुर्सी की ओर कागज फेंके, जिसके बाद उन्हें सत्र की बाकी अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया है। वहीं जब राहुल गांधी संसद से बाहर निकले तो उन्होंने प्रेस से बात करते हुए बम फोड़ दिया। उनसे जब पूछा गया कि आपको संसद के अंदर बोलने से क्यों रोका जा रहा रहा।
कल जब संसद में राहुल गांधी पर स्पीकर समेत मोदी बड़े- बड़े कैबिनेट मंत्री हावी होने की कोशिश कर रहे थे तो उस वक्त सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने खड़े होकर तुरंत राहुल गांधी का सपोर्ट किया था। आज भी कुछ वैसा ही हुआ। लेकिन संसद के अंदर नहीं बल्कि संसद से बाहर आकर राहुल का समर्थन में बयान दिया।
कुल मिलाकर आज संसद में जो कुछ हुआ उसने एक बार फिर ये सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर सरकार किस बात से इतनी डरी हुई है। अगर सब कुछ ठीक है, अगर सीमा सुरक्षित है, अगर चीन को लेकर सरकार की नीति मजबूत है, तो फिर नेताप्रतिपक्ष को बोलने से रोकने की जरूरत क्यों पड़ रही है? हंगामा किसने किया और क्यों किया, ये पूरा देश देख रहा है। लोकतंत्र में सवाल पूछना गुनाह नहीं होता, लेकिन आज सवाल पूछने वालों को ही निशाना बनाया जा रहा है। राहुल गांधी लगातार राष्ट्रीय सुरक्षा और चीन के मुद्दे पर जवाब मांग रहे हैं, और यही बात सत्ता पक्ष को चुभ रही है। संसद बहस की जगह है, लेकिन उसे शोर से दबाने की कोशिश साफ दिख रही है ।



