‘जल है तो कल है’… लखीमपुर खीरी में डीएम ने दिया बड़ा संदेश, पानी बचाने का किया आह्वान

लखीमपुर खीरी में भूजल सप्ताह का समापन हुआ। डीएम अंजनी कुमार सिंह ने जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को जन आंदोलन बनाने की अपील की। कार्यक्रम में नाटक, क्विज प्रतियोगिता और विजेता विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जल है तो कल है” के संदेश के साथ लखीमपुर खीरी में बुधवार को भूजल सप्ताह का समापन हुआ। कलेक्ट्रेट स्थित अटल सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में जल संरक्षण, जल संचयन और भूजल पुनर्भरण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

डीएम बोले- पानी की हर बूंद बचाना समय की जरूरत

जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि जीवन का आधार है। यदि समय रहते जल संरक्षण पर गंभीरता से काम नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट और गहरा सकता है। उन्होंने किसानों, युवाओं और आम नागरिकों से वर्षा जल संचयन और भूजल रिचार्ज को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की।

नाटक के जरिए दिया जल बचाने का संदेश

कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण जल संरक्षण पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति रही। कलाकार उमेश तिवारी और उनकी टीम ने शिक्षाप्रद नाटक के माध्यम से पानी की बढ़ती कमी, जल संचयन और भविष्य के लिए जल बचाने की आवश्यकता को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ने के साथ जल संरक्षण के प्रति जागरूक भी किया।

क्विज प्रतियोगिता में विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन

जल संरक्षण विषय पर आयोजित क्विज प्रतियोगिता में कृषक समाज इंटर कॉलेज गोला की हृदयाशी सक्सेना ने प्रथम, दीपांशु जोशी ने द्वितीय और वैष्णवी सिंह चौहान ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा अरईश खान और अमन कुमार को सांत्वना पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं में पर्यावरण संरक्षण के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करते हैं।

रिपोर्ट – प्रभाकर श्रीवास्तव, लखीमपुर खीरी

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