गर्मी में स्वस्थ रहना है तो बदलें ये रोजमर्रा की आदतें

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
गर्मी केमौसम में लोगों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, थकान और पेट से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। तेज धूप और बढ़ते तापमान का असर सीधे शरीर पर पड़ता है, जिससे कई बार छोटी लापरवाही भी बड़ी परेशानी बन सकती है। गर्मियों में खानपान और रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें शरीर को जल्दी बीमार बना सकती हैं। अगर आप चाहते हैं कि गर्मी के मौसम में आपकी तबीयत खराब न हो और शरीर फिट व एनर्जेटिक बना रहे, तो कुछ आदतों को समय रहते बदलना जरूरी है। सही डाइट, पर्याप्त पानी और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाकर गर्मी से होने वाली कई बीमारियों से बचा जा सकता है। इसलिए लंबे समय तक धूप में रहने से शरीर में पानी की कमी, थकान, चक्कर और हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्या हो सकती है। ऐसे में जरूरी है कि आप पहले से तैयारी करें और कुछ आसान लेकिन असरदार उपाय अपनाएं। सही जानकारी और थोड़ी सावधानी के साथ आप न सिर्फ धूप के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं, बल्कि पूरे दिन खुद को एक्टिव और सुरक्षित भी रख सकते हैं।
कम पानी पीने की आदत
गर्मी में शरीर से ज्यादा पसीना निकलता है, जिससे पानी की कमी हो सकती है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है। नारियल पानी, नींबू पानी और फलों का सेवन भी फायदेमंद माना जाता है। गर्मी में शरीर से पसीने के रूप में पानी और जरूरी मिनरल्स निकल जाते हैं। सिर्फ पानी नहीं, बल्कि इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी हैं, पानी की कमी होने पर डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे चक्कर और कमजोरी बढ़ती है।
नींद पूरी न लेने की आदत
कम नींद लेने से शरीर जल्दी थकता है और इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। गर्मियों में कम से कम 7-8 घंटे की नींद जरूरी मानी जाती है।
धूप में ज्यादा देर रहने की आदत
दोपहर की तेज धूप में ज्यादा देर रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। जरूरी न हो तो दोपहर 12 से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें। गर्मी में सूरज की किरणें दोपहर के समय सबसे ज्यादा तेज और नुकसानदायक होती हैं। सुबह 6-10 बजे के बीच लेवल कम होता है, इसलिए यह समय बाहर जाने के लिए बेहतर है। शाम 5 बजे के बाद तापमान गिरने लगता है। 12-3 बजे के बीच बाहर निकलने से हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। अगर मजबूरी में निकलना पड़े तो सिर और शरीर को कवर जरूर करें।
सही कपड़ों का चयन न करना
बहुत टाइट और गहरे रंग के कपड़े पहनने से शरीर में गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है। हल्के रंग और ढीले कपड़े पहनना बेहतर माना जाता है। इसलिए आपके कपड़े भी गर्मी से बचाव में बड़ी भूमिका निभाते हैं। हल्के रंग सूरज की किरणों को रिफ्लेक्ट करते हैं, ढीले कपड़े हवा को पास होने देते हैं, जिससे शरीर ठंडा रहता है, कॉटन फैब्रिक पसीना सोखता है और स्किन को आराम देता है, सिंथेटिक कपड़े गर्मी को फंसा लेते हैं, जिससे परेशानी बढ़ती है।
जंक फूड ज्यादा खाना
गर्मी में तला-भुना और मसालेदार खाना पेट खराब कर सकता है। हल्का, ताजा और घर का बना खाना खाने की सलाह देते हैं। गर्मी में आपका डाइट सीधा आपकी बॉडी पर असर डालता है। इसलिए तरबूज, खीरा, ककड़ी जैसे फल शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखते हैं, हल्का और जल्दी पचने वाला खाना बेहतर होता है, तला-भुना और मसालेदार खाना शरीर में गर्मी बढ़ाता है, सही डाइट से हीट एग्जॉशन का खतरा कम होता है।



