लखीमपुर खीरी में शारदा नदी का रौद्र रूप, 20 सेकेंड में बह गया पूरा मकान

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बहने वाली शारदा नदी एक बार फिर अपने रौद्र रूप में दिखाई दे रही है। लगातार हो रहे कटान ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में बहने वाली शारदा नदी एक बार फिर अपने रौद्र रूप में दिखाई दे रही है। लगातार हो रहे कटान ने नदी किनारे बसे गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

ग्रंट नंबर-12 गांव में शनिवार को ऐसा भयावह मंजर देखने को मिला, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। देखते ही देखते महज 20 सेकेंड के भीतर एक पूरा मकान शारदा नदी की तेज धारा में समा गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है।

20 सेकेंड में उजड़ गया आशियाना

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पिछले कई दिनों से शारदा नदी का जलस्तर और बहाव लगातार बढ़ रहा था। नदी धीरे-धीरे गांव की ओर कटान करती हुई आगे बढ़ रही थी। शनिवार को अचानक कटान इतना तेज हुआ कि नदी किनारे बना एक मकान देखते ही देखते भरभराकर नदी में गिर गया।

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि मकान गिरने से पहले जमीन में लगातार दरारें पड़ रही थीं। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले पूरा मकान नदी की तेज धारा में समा गया। राहत की बात यह रही कि घटना के समय मकान के अंदर कोई मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। हालांकि परिवार का काफी सामान और वर्षों की मेहनत से बना आशियाना नदी में बह गया।

कटान की जद में कई और मकान

ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी का कटान लगातार बढ़ता जा रहा है और अब नदी गांव के बेहद करीब पहुंच चुकी है। कई मकानों के नीचे की जमीन खिसक चुकी है, जिससे वे कभी भी नदी में समा सकते हैं। इस खतरे को देखते हुए लोग अपने घरों का सामान सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुट गए हैं।

गांव के कई परिवारों ने एहतियात के तौर पर अपने बच्चों और बुजुर्गों को रिश्तेदारों के यहां भेजना शुरू कर दिया है। वहीं पशुओं को भी सुरक्षित स्थानों पर ले जाया जा रहा है। पूरे गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।

रातों की नींद उड़ी, हर पल बना रहता है डर

ग्रामीणों का कहना है कि अब दिन से ज्यादा रात का समय डरावना हो गया है। तेज बहाव के कारण कटान कब और कितना बढ़ जाएगा, इसका कोई अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। कई परिवार पूरी रात जागकर नदी की स्थिति पर नजर रख रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के कारण नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में गांव के कई और मकान भी नदी में समा सकते हैं।

प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि शारदा नदी के कटान को रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा कार्य नहीं कराया गया तो भारी नुकसान हो सकता है।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं,नदी किनारे तत्काल कटान रोकने के लिए मजबूत सुरक्षा कार्य कराया जाए।खतरे की जद में आए परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर बसाया जाए।

प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाए।
प्रशासन की ओर से लगातार निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत राहत पहुंचाई जा सके।

प्रशासन की नजर हालात पर

स्थानीय प्रशासन द्वारा इलाके की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, प्रभावित क्षेत्र का निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यकतानुसार राहत एवं बचाव के इंतजाम किए जाएंगे। यदि कटान की स्थिति और गंभीर होती है तो प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई भी की जाएगी।

बारिश के मौसम में बढ़ जाती है परेशानी

हर वर्ष मानसून के दौरान शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे बसे गांवों में कटान की समस्या गंभीर रूप ले लेती है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन, घर और सड़कें तक नदी की भेंट चढ़ जाती हैं। इस बार भी लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का बहाव तेज हो गया है, जिससे ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है।

वीडियो ने बढ़ाई चिंता

20 सेकेंड में मकान नदी में समाने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह तेज कटान के चलते जमीन धंसती है और पूरा मकान कुछ ही पलों में नदी की धारा में समा जाता है। इस दृश्य ने इलाके के लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया पर भी चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल राहत का इंतजार

ग्रंट नंबर-12 गांव के लोग फिलहाल प्रशासन से राहत और सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते स्थायी समाधान नहीं निकाला गया तो आने वाले दिनों में कई और परिवार बेघर हो सकते हैं। शारदा नदी का लगातार बढ़ता कटान गांव के लिए गंभीर खतरा बन चुका है और लोग हर पल अनहोनी की आशंका के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।

रिपोर्ट:- प्रभाकर श्रीवास्तव,लखीमपुर खीरी

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