मिर्जापुर में बिजली बनी मौत, होमगार्ड जवान की गई जान, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मिर्जापुर के हलिया क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से होमगार्ड जवान की मौत हो गई, जबकि पत्नी समेत कई लोग झुलस गए। जिले के कई गांवों में वज्रपात की घटनाओं के बाद घायलों का अस्पताल में इलाज जारी है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: जिले में रविवार रात हुई तेज बारिश और आकाशीय बिजली ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। हलिया थाना क्षेत्र के मगरदा गांव में बिजली गिरने से एक होमगार्ड जवान की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी सहित कई लोग झुलस गए। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है।

बरामदे में बैठे थे दंपती, अचानक गिरी बिजली

जानकारी के अनुसार, हलिया थाना क्षेत्र के मगरदा गांव निवासी रामदुलार (57) रविवार शाम अपनी पत्नी मानवती (55) के साथ घर के बरामदे में बैठे थे। इसी दौरान तेज गरज और बारिश के बीच उनके घर के पास आकाशीय बिजली गिर गई। वज्रपात की चपेट में आने से रामदुलार की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसे के समय आसपास मौजूद पड़ोसी पुष्पा (18) और प्रमिला (16) भी इसकी चपेट में आकर घायल हो गईं।

जिले के कई गांवों में बिजली गिरने की घटनाएं

रविवार रात सिर्फ मगरदा गांव ही नहीं, बल्कि सोनगढ़ा, हर्रा, मटिहरा और राजपुर गांवों में भी आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं सामने आईं। सोनगढ़ा गांव में अमित कुमार (22), मटिहरा गांव में प्रीति यादव (15) और राजपुर गांव में प्रेमा (65) झुलस गईं। सभी घायलों को 108 एम्बुलेंस की सहायता से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।

बिजली गिरने से बैल की भी मौत

हादसे में केवल इंसान ही नहीं, बल्कि पशुधन को भी नुकसान पहुंचा। जानकारी के अनुसार, रामनारायण कोल का एक बैल नीम के पेड़ के नीचे बंधा था। उसी स्थान पर बिजली गिरने से उसकी भी मौत हो गई।

पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने संभाला मोर्चा

घटना की सूचना मिलते ही हलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. अवधेश कुमार ने बताया कि सभी झुलसे लोगों का उपचार जारी है और उनकी हालत फिलहाल सामान्य बनी हुई है। वहीं, थानाध्यक्ष राजीव कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि रामदुलार की मौत आकाशीय बिजली गिरने से हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

मौसम विभाग की चेतावनी को गंभीरता से लें

मानसून के दौरान आकाशीय बिजली की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे मौसम में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या खुले बरामदों में रुकने से बचना चाहिए। मौसम खराब होने पर सुरक्षित भवन के अंदर रहना और प्रशासन की ओर से जारी एडवाइजरी का पालन करना बेहद जरूरी है।

रिपोर्ट – संतोष देव गिरी

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