ब्रिक्स में भारत ने खुलकर नहीं रखी बात : महबूबा मुफ्ती

- पीडीपी प्रमुख बोलीं- कुर्सी मिली, लेकिन मुंह बंद रहा
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
श्रीनगर। पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के पास इस मंच पर वैश्विक मानवाधिकार और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखने का मौका था लेकिन प्रधानमंत्री ने बेहद सावधानी से शब्दों का चयन किया। महबूबा ने कहा कि भारत लंबे समय से मानवाधिकार, लोकतंत्र और स्वतंत्र विदेश नीति का समर्थक रहा है। इसके बावजूद गाजा और पश्चिम एशिया में हुई घटनाओं को लेकर भारत की ओर से अपेक्षित मजबूती से आवाज नहीं उठाई गई। उन्होंने कहा, हमें अध्यक्षता तो मिली, लेकिन हमारी आवाज बंद रही। महबूबा ने ब्रिक्स के दिल्ली घोषणापत्र का स्वागत किया, जिसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा और पश्चिम एशिया की स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया गया है।
उन्होंने कहा कि भारत को इस घोषणा की पहल करते हुए सबसे आगे रहना चाहिए था। पीडीपी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में भारत की विदेश नीति में बदलाव आया है और आतंकवादी हमलों की निंदा में भी चयनात्मक रवैया अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि दुनिया बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है, जबकि भारत अभी भी महाशक्ति-केंद्रित सोच में फंसा हुआ है।
चीन ने पाकिस्तान का साथ दिया फिर भी रेड कार्पेट : गुलाम मीर
जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विधायक गुलाम अहमद मीर ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के घोषणापत्र में पहलगाम आतंकी हमले की निंदा किए जाने का स्वागत किया है। हालांकि, उन्होंने प्रधानमंत्री पर चीन के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए सवाल उठाए। मीर ने कहा कि बड़ा सवाल यह है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के साथ खड़े रहे देशों के प्रति भारत ने कैसा रुख अपनाया। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान का समर्थन किया था, इसके बावजूद ब्रिक्स सम्मेलन में चीन का स्वागत किया गया। उन्होंने कहा कि चीन ने गलवान में भारतीय सैनिकों को बलिदान किया और लद्दाख तथा अरुणाचल प्रदेश में भारतीय क्षेत्र में अतिक्रमण किया।मीर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ब्रिक्स के मंच पर चीन के साथ इन मुद्दों को मजबूती से उठाना चाहिए था और भारत का स्पष्ट रुख रखना चाहिए था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में केंद्र सरकार विफल रही है।



