विदेश में रोजगार के लिए बड़ा कदम, भारत ने शुरू किया eMigrate 2.0

विदेश मंत्रालय ने Human Resource Mobility Forum का आयोजन किया है ताकि भारतीयों को विदेश में सुरक्षित और कानूनी रोजगार मिल सके.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: विदेश मंत्रालय ने Human Resource Mobility Forum का आयोजन किया है ताकि भारतीयों को विदेश में सुरक्षित और कानूनी रोजगार मिल सके.

इस पहल का उद्देश्य फर्जी एजेंट्स से बचाना और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया सुनिश्चित करना है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कानूनी गतिशीलता को मजबूत करने और शोषणकारी प्रथाओं को खत्म करने पर जोर दिया.

विदेश में नौकरी के लिए जाने वाले भारतीयों को अब सुरक्षित और कानूनी रास्ता उपलब्ध कराने पर केंद्र सरकार ने बड़ा फोकस किया है. इसी दिशा में विदेश मंत्रालय (MEA) ने पहली बार Human Resource Mobility Forum का आयोजन किया. दो दिवसीय यह फोरम 30 जून और 1 जुलाई को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित हुआ, जहां भारत सरकार, विदेशी सरकारों, विदेशी नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों ने एक मंच पर बैठकर वैश्विक रोजगार और कानूनी मानव संसाधन गतिशीलता (Legal Mobility) पर चर्चा की.

इस पहल का मकसद सिर्फ विदेशों में रोजगार के अवसर बढ़ाना नहीं, बल्कि उन भारतीयों को भी सुरक्षा देना है जो अक्सर फर्जी एजेंटों और अवैध भर्ती नेटवर्क का शिकार हो जाते हैं. फोरम में इस बात पर जोर दिया गया कि विदेश जाने वाले भारतीयों के लिए भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और कानूनी हो.

शोषणकारी भर्ती प्रथाओं को खत्म करने की तैयारी
फोरम का उद्घाटन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया. उन्होंने कहा कि दुनिया के देशों की साझा जिम्मेदारी है कि कानूनी मानव संसाधन गतिशीलता को मजबूत किया जाए और शोषणकारी भर्ती प्रथाओं को खत्म किया जाए. उन्होंने कहा कि ऐसे मंच भविष्य की वैश्विक प्रतिभा (Global Talent) की जरूरतों के अनुरूप नई साझेदारियां बनाने में मदद करेंगे.

विदेश मंत्री ने eMigrate 2.0 पोर्टल का भी उल्लेख किया और कहा कि यह भारतीय कामगारों के लिए सुरक्षित, कानूनी और व्यवस्थित विदेश रोजगार सुनिश्चित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है. फोरम की सबसे अहम बात यह रही कि भारत ने उन पांच देशों—डेनमार्क, जर्मनी, इटली, जापान और रूस—के साथ अलग-अलग सत्र आयोजित किए, जिनके साथ पहले से श्रम एवं मानव संसाधन गतिशीलता को लेकर समझौते या साझेदारी मौजूद हैं. इन बैठकों में भारतीय स्किल्ड वर्कफोर्स की बढ़ती वैश्विक मांग, सुरक्षित भर्ती व्यवस्था और रोजगार के नए अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई.

कुशल पेशेवर तक मौके पहुंचाने की कोशिश
दरअसल, दुनिया के कई विकसित देशों में स्वास्थ्य सेवा, विनिर्माण, आईटी, इंजीनियरिंग और तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित कर्मचारियों की मांग लगातार बढ़ रही है. ऐसे में भारत की कोशिश है कि उसके कुशल पेशेवर और कामगार सुरक्षित और कानूनी माध्यम से इन अवसरों तक पहुंच सकें.

ये पहला अवसर है जब विदेश मंत्रालय ने मानव संसाधन गतिशीलता से जुड़े सभी प्रमुख पक्षों सरकारी मंत्रालयों, विदेशी सरकारों, नियोक्ताओं और भर्ती एजेंसियों को एक साझा मंच पर लाकर इस विषय पर व्यापक चर्चा कराई. इससे संकेत मिलता है कि आने वाले समय में विदेशों में रोजगार के लिए भारतीयों के लिए ज्यादा व्यवस्थित, सुरक्षित और संस्थागत व्यवस्था विकसित करने पर सरकार का जोर रहेगा.

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