बिना युद्ध के आतंक पर प्रहार: ऑपरेशन सिंदूर की ड्रामेटाइज्ड फिल्म भारतीय सेना ने की साझा

भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक ड्रामेटाइज्ड शॉर्ट फिल्म साझा की है। यह वीडियो वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को दर्शाता है।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर पर आधारित एक ड्रामेटाइज्ड शॉर्ट फिल्म साझा की है। यह वीडियो वर्ष 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई को दर्शाता है।

वीडियो के अनुसार, भारतीय सेना ने पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों और प्रशिक्षण कैंपों पर सटीक और प्रभावी हमले किए। इसके साथ ही, कुछ एयरफील्ड्स को भी निशाना बनाया गया ताकि भविष्य के खतरों को पूरी तरह खत्म किया जा सके। सेना का दावा है कि यह पूरी कार्रवाई बिना किसी पूर्ण युद्ध की स्थिति उत्पन्न किए की गई और इसका उद्देश्य केवल आतंकवादी ढांचे को निष्क्रिय करना था। यह शॉर्ट फिल्म भारतीय सेना की रणनीतिक क्षमता और सटीक सैन्य कार्रवाई को रेखांकित करती है।

पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन सिंदूर की शॉर्ट फिल्म जारी की गई है. इसके साथ ही गणतंत्र दिवस के दिन परेड में भी कर्तव्य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झांकी प्रदर्शित की जाएगी. रिपब्लिक डे परेड में Victory Through Jointness के नाम से ये झांकी दिखाई जाएगी.

सेना की यह फिल्म गणतंत्र दिवस 2026 से दो दिन पहले जारी की गई है. इसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के
बीच त्रि-सेवा समन्वय को प्रमुखता से दिखाया गया है. वीडियो में स्वदेशी सैन्य क्षमता और आधुनिक प्लेटफॉर्म्स
का भी जिक्र है, इनमें S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और राफेल फाइटर जेट्स शामिल हैं. इस साल रिपब्लिक डे परेड
में Victory Through Jointness नाम से एक झांकी भी दिखाई जाएगी, जिसमें संयुक्त सैन्य ताकत और ऑपरेशन की सफलता का संदेश दिया जाएगा.

झांकी का मकसद क्या है?
ऑपरेशन सिंदूर तरफ से दिखाई गई झांसी का मकसद एकजुटता से जीत होगा. यह झांकी पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकी ढांचे के खिलाफ सैन्य अभियान में भारत की सफलता और तीनों सेनाओं के तालमेल को दिखाएगी. एयर कमोडोर मनीष सभरवाल ने झांकी के डिज़ाइन के बारे में बताया, जिसमें पाकिस्तान के आतंकी
ठिकानों को खत्म करने और ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल किए गए हथियारों को दिखाया गया है. एयर कमोडोर मनीष सभरवाल ने बताया कि हमने बीच में एक बॉर्डर बनाया है और दाईं ओर भारत को दिखाया गया है और पश्चिम में पाकिस्तान को दिखाया गया है.

उन्होंने कहा कि जैसा कि आप जानते हैं, पहली ही रात हमने नौ आतंकवादी कैंपों को नष्ट कर दिया था, जिसमें सेना और वायु सेना ने मिलकर ऑपरेशन किया था, जिसमें सात सेना ने और दो वायु सेना ने नष्ट किए थे और विनाश के लिए जिन हथियारों का इस्तेमाल किया गया था, उन्हें यहां दिखाया गया है.

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