राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस में जांच तेज, तीन प्रमुख लोगों से दोबारा पूछताछ
एसआईटी ने चंपत राय से भी पूछताछ की है. हालांकि चंपत राय से पूछताछ का मकसद अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयानों का मिलान करना था.

4पीएम न्यूज नेटवर्क: एसआईटी ने चंपत राय से भी पूछताछ की है. हालांकि चंपत राय से पूछताछ का मकसद अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयानों का मिलान करना था. SIT यह जानना चाहती है कि क्या आपस में कोई कोऑर्डिनेशन था? कौन क्या छुपा रहा है और क्या सही बता रहा है?
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही SIT ने गुरुवार को अयोध्या पहुंचकर मंदिर परिसर में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य अनिल मिश्रा और मंदिर के सहायक प्रशासक गोपाल राव से एक साथ पूछताछ की. सूत्रों ने बताया कि 13 जून को गठित एसआईटी के सदस्य छह दिन तक जांच करके प्रारम्भिक जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने के बाद दूसरी बार मंदिर परिसर में पहुंचे, तब जांच दल ने चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से अलग—अलग पूछताछ की थी.
इस बार एसआईटी ने पूछताछ का दायरा बढ़ाया है. इसमें आपराधिक षड्यंत्र नहीं बल्कि जमीनों की खरीद फरोख्त, कमीशन बाजी और गणना की पूरी प्रक्रिया में लापरवाही की जांच करना है. SIT की टीम ने अयोध्या पहुंच कर सबसे पहले अनिल मिश्रा से पूछताछ की.
एसआईटी ने अनिल मिश्रा से क्या पूछा?
दान गणना कैसे होती है?
काउंटिंग के बाद कैश को बैंक कैसे पहुंच जाता था?
काउंटिंग में कौन-कौन लोग शामिल थे?
काउंटिंग के बाद बैंक तक पहुंचाने के प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल होते थे?
प्राइवेट सेक्युरिटी गॉर्ड उस दौरान क्या करते थे?
दान पात्र में जो सोने, चांदी के ज्वैलरी मिलती थी, उसका क्या होता था?
उसे बैंक तक कैसे पहुंचाया जाता था?
ज्वैलरी मिलती थी, उसका क्या होता था?
एसआईटी ने अनिल मिश्रा से काउंटिंग से लेकर बैंक के चेस्ट तक पैसे पहुंचाने की पूरे प्रक्रिया को जाना.
गोपाल राव से भी पूछताछ
इसके बाद एसआईटी ने गोपाल राव से पूछताछ शुरू की. गोपाल राव की जिम्मेदारी महंगे आभूषण और चढ़ावों को संभालने की थी. लिहाजा एसआईटी ने गोपाल राव से चढ़ने मिले महंगे आभूषण और सोने चांदी के बारे में सवाल पूछे. इसके इसके अलावा मंदिर बनाने के वक्त जब ट्रस्ट तमाम जमीन खरीद रहा था, तब भी गोपाल राव की भूमिका सबसे अहम थी. क्योंकि सभी जमीनों की जांच, सत्यापन और खरीद में उनकी भूमिका अहम थी.
कमीशनबाजी का आरोप
जमीनों की खरीद-फरोख्त में भी कमीशनबाजी का आरोप लगा है. लिहाजा SIT ने गोपाल राव से जमीनों के खरीद फरोख्त के बारे में पूछताछ की. इसके अलावा काउंटिंग प्रक्रिया में जितने भी गार्ड, सिक्योरिटी पर्सनल्स और ट्रस्ट के दुबारा रखे गए मेंबर शामिल है. उन सब से भी एसआईटी ने अलग-अलग पूछताछ की है.
चंपत राय से भी पूछताछ
एसआईटी ने इसके बाद चंपत राय से भी पूछताछ की है. हालांकि चंपत राय से पूछताछ का मकसद अनिल मिश्रा और गोपाल राव के बयानों का मिलान करना था. SIT जानना चाह रही थी कि गोपाल राव और अनिल मिश्रा ने जो बयान दिए हैं, उन पर चंपत राय का क्या कहना है. SIT यह जानना चाहती है कि क्या आपस में कोई कोऑर्डिनेशन था? कौन क्या छुपा रहा है और क्या सही बता रहा है?
चंपत राय पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने का दावा
जांच के बीच अयोध्या में राम मंदिर परिसर के निकट स्थित प्राचीन राम निवास मंदिर को लेकर गुरुवार को नया विवाद सामने आया. खुद को रामकोट स्थित राम निवास मंदिर का पंच प्रमुख बताने वाले हरिशंकर सफारीवाला ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव और उनके सहयोगियों पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए मंदिर पर कब्जा करने की साजिश रचने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की.
हरिशंकर सफारीवाला ने दावा किया कि राम निवास मंदिर राम जन्मभूमि परिसर के ठीक बगल में स्थित एक पंचायती मंदिर है, जिसका संचालन पंच समिति करती है. समिति ने मंदिर के धार्मिक कार्यों के लिए एक पुजारी नियुक्त किया है और किसी भी व्यक्ति को मंदिर की संपत्ति बेचने का अधिकार नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया कि चंपत राय और उनके सहयोगियों ने मंदिर को बिक्री योग्य संपत्ति दिखाते हुए करीब 5.80 करोड़ रुपये का फर्जी सौदा तैयार कराया. उनके अनुसार, उनकी ओर से नियुक्त पुजारी और उसके रिश्तेदारों के बैंक खातों में लगभग 60 लाख रुपये भेजे गए और इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर मंदिर पर कब्जा करने की कोशिश की गई.



