इसुदान गढ़वी का बड़ा ऐलान, कहा- किसानों के हक में सरकार से फिर टकराएंगे

किसानों के मुद्दे पर इसुदान गढ़वी ने बड़ा बयान देते हुए सरकार के खिलाफ फिर मजबूती से आवाज उठाने का ऐलान किया...

4पीएम न्यूज नेटवर्कः आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने किसानों के मुद्दे को लेकर बड़ा बयान दिया है.. उन्होंने कहा कि गुजरात में पहले भी ऐसे कई नेता रहे हैं.. जिन्होंने हमेशा जनता के हित में काम किया है.. उनके मुताबिक असल मायने में नेता वही कहलाता है.. जो सिर्फ राजनीति करने तक सीमित न रहे.. बल्कि जनता के बीच जाकर उनकी समस्याओं को समझे.. और उनके समाधान के लिए लगातार संघर्ष करे.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि राजनीति का असली उद्देश्य जनता की सेवा करना.. और उनके अधिकारों की आवाज़ को मजबूती से उठाना होना चाहिए.. उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के मुद्दे पर उनका संघर्ष कोई नया नहीं है.. वह पहले भी पत्रकार के तौर पर किसानों की समस्याओं को उठाते रहे हैं.. और सरकार से उनके हक के लिए सवाल करते रहे हैं..

इसुदान गढ़वी ने कहा कि जब वह पत्रकार थे.. तब भी उन्होंने किसानों की आवाज को सरकार तक पहुंचाने का काम किया था.. किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर उन्होंने कई बार सरकार के सामने सवाल उठाए.. और उनकी परेशानियों को जनता के सामने रखा.. और उन्होंने कहा कि पत्रकारिता के दौरान भी उनका उद्देश्य किसानों.. और आम लोगों की समस्याओं को सामने लाना था.. आज राजनीति में आने के बाद भी उनकी प्राथमिकता में कोई बदलाव नहीं आया है.. उन्होंने कहा कि आज भी वह किसानों के हक के लिए सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं.. और आगे भी इसी तरह किसानों के अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे.. उनके मुताबिक पद या राजनीतिक जिम्मेदारी बदल सकती है.. लेकिन जनता के लिए काम करने का संकल्प नहीं बदलना चाहिए..

आपको बता दें कि उन्होंने कहा कि गुजरात के किसानों ने लंबे समय से कई तरह की परेशानियों का सामना किया है.. खेती से जुड़े मुद्दे, किसानों की आर्थिक स्थिति.. और उनकी मेहनत का उचित सम्मान जैसे विषय लगातार चर्चा में रहे हैं.. ऐसे में जरूरत इस बात की है कि.. किसानों की समस्याओं को केवल चुनावी मुद्दा बनाकर न देखा जाए.. बल्कि उनके स्थायी समाधान के लिए गंभीर प्रयास किए जाए.. इसुदान गढ़वी ने कहा कि किसानों के हित में सरकार से सवाल करना.. और उनकी मांगों को मजबूती से उठाना जरूरी है.. उन्होंने यह भी कहा कि जो नेता जनता की समस्याओं के बीच खड़ा रहता है.. और उनके अधिकारों के लिए संघर्ष करता है.. वही वास्तविक अर्थों में जनता का नेता होता है..

 

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