Jaya Bachchan के भाई दुनिया को गए छोड़, नहीं आये Amitabh Bachchan। ख़ामोशी से हुआ अंतिम संस्कार!
नए साल का आगाज हो गया है। 2025 को विदाई देकर 2026 का वेलकम हर किसी ने धूम-धाम से किया।

4पीएम न्यूज नेटवर्क: नए साल का आगाज हो गया है। 2025 को विदाई देकर 2026 का वेलकम हर किसी ने धूम-धाम से किया।
दुनिया भर में तरह-तरह के जश्न देखने को मिले। हालांकि, हमारी बॉलीवुड इंडस्ट्री में मौजूद एक परिवार के लिए न्यू ईयर ख़ुशी नहीं बल्कि दुःख भरी यादें लेकर ही आया। आखिर, साल तो बदल गया..लेकिन, इस परिवार को खुशियां नहीं नसीब हो पाईं। इस परिवार का सदस्य हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़कर जो चला गया।
इस रिपोर्ट में हम बात कर रहे हैं..एक्ट्रेस और सांसद जया बच्चन की। वही जया बच्चन..जो बीते कुछ समय से अपने विवादित बयानों की वजह से मीडिया हेडलाइन्स का हिस्सा बनी हुई थीं। मीडिया पैपराजी को लेकर उन्होंने एक विवादित स्टेटमेंट देकर अपने लिए ही आलोचना खड़ी कर ली थी।
तो वहीं, जया ने कुछ समय पहले ही अपने ‘भाई’ को भी हमेशा के लिए खो दिया। जी हां, इस साल के आने की खुशियां जया के लिए खास नहीं साबित हुईं..आखिर, 2025 के आखिर में जया बच्चन के ‘भाई’ इस दुनिया को छोड़कर जो चले गए। लेकिन, हैरानी की बात तो ये रही कि, जया के भाई के निधन के दुखी और मुश्किल समय में उन्हीं के पति अमिताभ बच्चन मौजूद नहीं रहे।
अब, सबसे पहले तो हम आपको यहां ये बता दें कि, जया के जिस भाई की बात हम हमारी इस रिपोर्ट में कर रहे हैं..वो कोई और नहीं, बल्कि दिग्गज एक्टर असरानी उर्फ़ गोवर्धन असरानी हैं। जी हां, वही असरानी..जो हिंदी सिनेमा की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ के ‘जेलर साहब’ के तौर पर पहचाने जाते थे। एक दिन पहले नए साल के मौके पर असरानी की आखिरी फिल्म ‘इक्कीस’ बड़े पर्दे पर रिलीज़ हुई थी। तो वो, जया बच्चन के भाई भी थे।
दरअसल, जैसा कि, जगजाहिर है कि, असरानी ने 84 साल की उम्र में 2025 की दिवाली की शाम अपनी अंतिम सांस ली थी। वो भी तब, जब त्योहार के दिन असरानी ने हर किसी को बधाई दी थी। अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर ‘हैप्पी दिवाली’ का एक पोस्ट साझा कर उन्होंने सभी को शुभकामनाएं भेजी थीं।लेकिन, तब शायद किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि, ये असरानी का आख़िरी पोस्ट होगा। आख़िर दिवाली की बधाई देने के चंद घंटों बाद ही असरानी ने अपनी आख़िरी सांस जो ली।
तो, नए साल यानि कि 1 जनवरी के दिन ही असरानी की निधन के बाद पहली बर्थ एनिवर्सरी भी थी। अगर वो ज़िंदा होते तो हम सबके बीच अपना 85वां जन्मदिन मना रहे होते। लेकिन, वो बीते ही साल एक ऐसी दुनिया में चले गए, जहां से किसी का वापस आना मुमकिन नहीं होता। असरानी का निधन फैन्स के लिए बेहद ग़मगीन था। हालांकि, उस वक़्त शॉकिंग बात ये भी रही कि, असरानी के निधन की खबर तब सामने आई, जब उनका अंतिम संस्कार का काम पूरा हो गया। असरानी की बहन जया बच्चन और अमिताभ तक उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे।
असरानी और जया के भाई-बहन होने की बात सबको थोड़ी चौंकाने वाली लग सकती है, लेकिन ये बात झूठ नहीं बल्कि सच है। ऐसे में, कैसे इनका रिश्ता बना है..? आइए आपको बताते हैं।
दरअसल, जया बच्चन की शादी में असरानी ने भाई का फर्ज निभाया था। साल 1973 में हुई अमिताभ-जया की इस शादी में शामिल हुए चंद मेहमानों में से एक थे। उन्होंने इस शादी में जया के भाई का फर्ज भी निभाया। परिवार की ओर से असरानी ने आगे आकर भाई की रस्में अदा की थीं। एक सगे भाई के जैसे उन्होंने सारी जिम्मेदारियां उठाई थीं।
FTII से दोनों का रिश्ता जुड़ा था। असरानी जया के गुरु रहे थे। असरानी ने कुछ समय के लिए FTII में ही प्रोफेसर के रूप में पढ़ाना शुरू किया, जहां उनकी स्टूडेंट जया बच्चन थीं। वहीं, उनकी अमिताभ से भी मुलाकात जया की वजह से ही हुई थी। जया उन्हें सर कहकर बुलाती थीं।
तो, जब असरानी इस दुनिया से रुखसत हुए, तो जया उन्हें आखिरी बार देख भी नहीं पाईं। क्योंकि, उनका अंतिम संस्कार बेहद शांत तरीके से किया गया था। सिर्फ 20 लोग अंतिम विदाई देने पहुंचे थे। ऐसा असरानी की इच्छा की वजह से ही किया गया था। तो, इसी वजह से, जया को अपने भाई को देखने का अंतिम मौका नहीं मिला था।
असरानी की बात करें तो, बताया जाता है कि, असरानी जी हमेशा शांत और सम्मानजनक विदाई चाहते थे। मशहूर होने के बावजूद, वो एक आम इंसान की तरह याद किए जाना चाहते थे। एक बार, उन्होंने अपनी पत्नी मंजू असरानी से कहा था कि उनके निधन के बाद कोई शोर-शराबा या मीडिया ध्यान न हो। इसलिए अंतिम संस्कार शांतिपूर्ण रूप से किया गया और उनकी मौत की खबर बाद में साझा की गई।



