पीठ की चर्बी घटाने के लिए करें ये योगासन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
पीठ पर जमी चर्बी सिर्फ दिखने में खराब नहीं लगती है, बल्कि यह आपकी बिगड़ी जीवनशैली का सीधा संकेत है। घंटों कुर्सी पर बैठकर काम करना, झुकी हुई गर्दन, मोबाइल-लैपटॉप से चिपकी आंखें और शारीरिक गतिविधि की कमी, इन सबका बोझ सबसे पहले पीठ उठाती है। दवाइयों और मशीनों से इसका समाधान संभव नहीं है बल्कि पारंपरिक और प्राकृतिक तरीके से पीठ की चर्बी को घटाया जा सकता है। हालांकि जल्दी असर देखने के लिए योग के साथ देर रात खाने पर नियंत्रण, मीठा और जंक से दूरी भी बनाएं। योग सुबह खाली पेट करें, सांसों पर ध्यान रखें और धैर्य बनाए रखें। योग तुरंत चमत्कार नहीं करता, लेकिन जो करता है, वह स्थायी करता है। योग केवल वजन घटाने का उपाय नहीं, यह शरीर को सही आकार देने की कला है। नियमित अभ्यास से पीठ की मांसपेशियां सक्रिय होती हैं, फैट बर्न होता है और पोश्चर सुधरता है।
मर्कटासन
रीढ़ को मरोडऩे वाला यह आसन जमी हुई चर्बी को ढीला करता है। इससे साइड बैक फैट पर असर होता है। पाचन में सुधार और कमर पतली दिखती हैं। सबसे पहले पैरों को सीधा करके पीठ के बल लेट जाएं। अब घुटनों को ऊपर उठाते हुए अपने पैरों को मोड़ लें। अब दोनों हाथों को कंधों के साथ सीधी रेखा में फैलाते हुए फर्श पर लगें। अब गहरी सांस लेते हुए सिर को दाईं ओर और घुटनों को बाईं ओर मोडि़ए। इस दौरान बाएं पैर को पंजे से छूने की कोशिश करें। इस दौरान दाई ओर देखने की कोशिश करें। इस स्थिति में कम से कम 7 से 8 सेकंड तक रहें। सामान्य स्थिति में आने के लिए सांस छोड़ते हुए वापस अपनी स्थिति में वापस आ जाएं।
सेतुबंधासन
यह आसन उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो ज्यादा कठिन योग नहीं कर सकते। इससे ऊपरी और निचली पीठ की चर्बी कम होती है। कमर दर्द में राहत और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर रहता है। अभ्यास के लिए पीठ के बल लेट जाएं, घुटनों को मोडक़र पैरों को हिप्स के पास लाएं। श्वास लेते हुए हिप्स को ऊपर उठाएं। 30 सेकंड तक रुकें और धीरे-धीरे नीचे आएं। यह आसन पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां ब्लैडर कंट्रोल करने, मल त्याग करने और सेक्सुअल परफॉर्मेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस योगासन को करने से शारीरिक गतिविधियों और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पुरुषों को अक्सर काम और अन्य जिम्मेदारियों के कारण बहुत ज्यादा तनाव का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस मुद्रा का नियमित अभ्यास उनके पैरासिम्पेथेटिक नर्व सिस्टम को बढ़ावा देता है, जिससे तनाव कम होता है और ध्यान में सुधार होता है। सेतु बंधासन करने से छाती और फेफड़ों को खोलने में मदद मिलती है, जिससे सांस लेने की क्षमता और ऑक्सीजन का लेवल बेहतर होता है।
धनुरासन
यह आसन पीठ, कमर और पेट तीनों पर एक साथ काम करता है। इसके अभ्यास से पीठ और कमर की चर्बी घटती है, मेटाबॉलिज्म तेज होता है और शरीर को टोंड लुक मिलता है। धनुरासन को करने के लिए पेट के बल लेट जाएं, अपने घुटनों को मोड़ें और एडिय़ों को पकड़ें। अपनी छाती और जांघों को फर्श से ऊपर उठाएं और पीठ को आर्क करें। इस स्थिति में 15-30 सेकंड तक रुकें और फिर दोहराएं।
भुजंगासन
यह आसन रीढ़ को लचीला बनाता है और पीठ के निचले हिस्से में जमी चर्बी पर सीधा असर डालता है। इसका अभ्यास पीठ की चर्बी कम करने में सहायक है। रीढ़ को मजबूत बनाने के साथ ही बैठने की गलत आदतें सुधरती हैं। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेटें, हथेलियां कंधों के नीचे रखें और सांस लेते हुए छाती ऊपर उठाएं। पीठ के दर्द की समस्या को दूर करने के लिए भुजंगासन का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है। कुछ दिनों तक पर रोजाना भुजंगासन का अभ्यास करने से आपको कमर दर्द की समस्या और पीठ दर्द में फायदा मिलता है।



