JDU नेता ने Samrat Chaudhary पर साधा निशाना, कर दी इस्तीफे की मांग।
बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज है…वजह है बढ़ता अपराध और उस पर सीएम नीतीश कुमार की ही पार्टी जदयू के नेता का अपनी ही सरकार पर सीधा हमला....लेकिन, यहां मामला सिर्फ अपराध का नहीं है

4पीएम न्यूज नेटवर्क: बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज है…वजह है बढ़ता अपराध और उस पर सीएम नीतीश कुमार की ही पार्टी जदयू के नेता का अपनी ही सरकार पर सीधा हमला….लेकिन, यहां मामला सिर्फ अपराध का नहीं है….बल्कि, मामला सत्ता के भीतर चल रही खींचतान का है…
गठबंधन की दरारों का है और उस सच्चाई का है….जिसे पर्दे में ढकने की कोशिश तो हो रही है….लेकिन अब वो खुलकर सामने आने लगी है…जदयू के युवा नेता और प्रदेश उपाध्यक्ष गौरव सिंह राणा ने जो कहा है….उसने अब बिहार NDA के सबकुछ ठीक है वाले दावे को झकझोर कर रख दिया है….गौरव सिंह राणा ने खुलेआम कह दिया है कि गृह मंत्री सम्राट चौधरी से गृह मंत्रालय संभल नहीं रहा है….यही नहीं….उन्होंने ये भी कहा कि जब से गृह मंत्रालय सम्राट चौधरी के हाथ में गया है…तब से अपराधी बेलगाम हो गए हैं….बिहार में हत्याएं, लूट, अपहरण और गोलीबारी की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं….यही नहीं JDU नेता का साफ कहना है कि अगर गृह मंत्रालय संभालना नहीं आता, तो इस्तीफा दे देना चाहिए….
अब यहां सवाल सिर्फ एक बयान का नहीं है…सवाल ये है कि अपनी ही गठबंधन सरकार के मंत्री से इस्तीफे की मांग आखिर क्यों?…बिना किसी निजी विवाद के…बिना किसी सार्वजनिक मनमुटाव के….जदयू का एक युवा नेता बीजेपी के ताकतवर मंत्री सम्राट चौधरी से इस्तीफा मांग रहा है…..ये कोई छोटी बात नहीं है….कथिततौर पर ये संकेत है कि बिहार NDA के भीतर सबकुछ ठीक नहीं चल रहा…गौरव सिंह राणा ने जो बात कही….उसमें एक अहम तुलना भी है….उन्होंने साफ कहा कि जब तक गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के हाथ में था, तब तक बिहार में इतनी हत्याएं नहीं होती थीं….ये बयान सिर्फ सम्राट चौधरी की आलोचना नहीं है…बल्कि ये नीतीश कुमार के प्रशासनिक मॉडल की तारीफ भी है…ये याद दिलाने की कोशिश है कि नीतीश कुमार के दौर में कानून-व्यवस्था बिहार की पहचान बनी थी…
करीब 20 साल तक बिहार का गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के पास रहा….चाहे जदयू अकेले सत्ता में रही हो या बीजेपी के साथ गठबंधन में…कानून-व्यवस्था नीतीश कुमार की सबसे बड़ी राजनीतिक पूंजी रही….20 साल तक बिहार का गृह मंत्रालय सीएम नीतीश कुमार के पास से कहीं नही गया……लेकिन जब बीजेपी ने सरकार बनते ही नीतीश कुमार से गृह मंत्रालय छीन लिया….तभी से सवाल उठने लगे थे….बीजेपी के पास गृह विभाग जाने पर चर्चा थी कि…गृह मंत्रालय का जाना सिर्फ विभागीय बदलाव नहीं है….बल्कि नीतीश कुमार की ताकत को कमजोर करने की कोशिश है…
अब वही बात JDU नेता के बयान के जरिए खुलकर सामने आ रही है….गौरव सिंह राणा का ये कहना कि अपराधियों का पूरे बिहार में नंगा नाच चल रहा है….कोई राजनीतिक मुहावरा भर नहीं है….ये उस हताशा की अभिव्यक्ति है…जो जदयू के भीतर गहराती जा रही है….क्योंकि, अगर सबकुछ ठीक होता…अगर सम्राट चौधरी गृह मंत्रालय को मजबूती से संभाल रहे होते….तो क्या JDU का नेता इस तरह सार्वजनिक मंच से इस्तीफे की मांग करता?…
इसे लेकर राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस बयान से एनडीए के अंदरूनी मतभेद सार्वजनिक हो गए हैं…हालांकि, बीजेपी की ओर से इसे पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है…लेकिन, राजनीति में कुछ भी यूं ही नहीं होता…खासकर तब, जब बयान देने वाला जदयू का प्रदेश उपाध्यक्ष हो और वो भी युवा जदयू का….ये साफ संकेत है कि सीएम नीतीश कुमार के खेमे में नाराजगी है…ऐसे में सवाल उठता है कि अगर गठबंधन में सबकुछ ठीक है…तो जदयू अपने मंच पर यs मुद्दा क्यों नहीं उठाती?….मुख्यमंत्री से बात क्यों नहीं करती?….सीधे मीडिया के सामने आकर इस्तीफे की मांग क्यों?….इसका सीधा सा मतलब है कि शायद अंदरखाने बात नहीं बन रही है….इसलिए दबाव बनाने के लिए सार्वजनिक बयान दिया गया है….
यहां ये समझना जरूरी है कि नीतीश कुमार की राजनीति का आधार ही कानून-व्यवस्था रही है…अगर बिहार में अपराध बढ़ता है…तो उसका सीधा नुकसान नीतीश कुमार की छवि को होता है….न कि सिर्फ बीजेपी को…शायद यही वजह है कि जदयू अब चुप नहीं रहना चाहती…जदयू नेता का बयान ये भी बताता है कि पार्टी ये मानने को तैयार नहीं है कि मौजूदा हालात के लिए नीतीश कुमार जिम्मेदार हैं….उल्टा साफ साफ कह दिया है कि जब तक गृह मंत्रालय नीतीश कुमार के पास था…तब तक हालात काबू में थे…यानी जिम्मेदारी सीधे-सीधे सम्राट चौधरी और बीजेपी के खाते में डाली जा रही है…….
हालांकि, यहां पर गौर करने वाली बात ये भी है कि सम्राट चौधरी बीजेपी के उन नेताओं में हैं…जिन्हें दिल्ली का खास समर्थन माना जाता है….ऐसे नेता से इस्तीफे की मांग करना…सीधे-सीधे बीजेपी नेतृत्व को चुनौती देने जैसा है….जदयू ये संकेत दे रही है कि वो हर बात पर समझौता नहीं करेगी…राजनीति में गठबंधन तभी टिकता है…जब ताकत का संतुलन बना रहे…लेकिन बिहार NDA में ये संतुलन बिगड़ता दिख रहा है…बीजेपी बड़े भाई की भूमिका में आ चुकी है और जदयू को ये भूमिका शायद अब रास नहीं आ रही…
यही वजह है कि पर्दे के पीछे चाहे जितनी कोशिश हो रही हो…लेकिन सच्चाई सामने आ रही है…अगर सबकुछ ठीक होता…तो नीतीश कुमार की पार्टी किसी बीजेपी मंत्री से इस्तीफा नहीं मांगती…ये सीधा-सीधा संदेश है कि गृह मंत्रालय को सीएम नीतीश कुमार से जबरदस्ती लिया गया और अब उसके नतीजे सामने आ रहे हैं…ये विवाद सिर्फ अपराध या गृह मंत्रालय तक सीमित नहीं रहेगा…ये आने वाले समय में बिहार NDA की राजनीति को नई दिशा दे सकता है…अगर हालात ऐसे ही रहे, तो जदयू की असहजता और बढ़ेगी और बीजेपी के साथ टकराव और खुलकर सामने आएगा…कुल मिलाकर…जदयू नेता की इस्तीफे की मांग ये साबित करती है कि बिहार NDA में सबकुछ ठीक नहीं है…नीतीश कुमार की तारीफ करते हुए…उनके पुराने शासनकाल की याद दिलाते हुए…बीजेपी और उसके गृह मंत्री पर सीधा हमला किया जा रहा है….
अब सवाल ये है कि क्या ये सिर्फ एक बयान है या आने वाले बड़े राजनीतिक टकराव का संकेत?….क्या जदयू अब अपने अस्तित्व और साख को बचाने के लिए खुलकर बोलेगी?…और क्या बीजेपी ये समझेगी कि बिहार में सीएम नीतीश कुमार को कमजोर करना…..खुद NDA के लिए खतरा बन सकता है?….इस पूरे मामले ने एक बात तो साफ कर दी है कि बिहार NDA के भीतर सबकुछ ठीक नहीं है और बढ़ते अपराध ने इस सियासी दरार को सबके सामने ला दिया है… ऐसे में अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि जदयू नेता के इस बयान पर भाजपा और गृह मंत्री सम्राट चौधरी की ओर से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है और क्या सच में गृह मंत्रालय को लेकर BJP और JDU में तकरार छिड़ गई है?.



