कमल ने तमिलनाडु के कल्याण के लिए एक बड़ा बलिदान दिया: स्टालिन

- डीएमके को एमएनएम का बिना किसी शर्त के समर्थन
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की राजनीति में एक बड़ा मोड़ आया है। अभिनेता से राजनेता बने कमल हासन की पार्टी एमएनएम ने इस बार चुनाव न लडऩे का साहसिक निर्णय लिया है। सीटों के बंटवारे और चुनाव चिह्न (उगता सूरज) पर असहमति के बावजूद, कमल हासन ने व्यक्तिगत हितों को किनारे रखकर डीएमकेके नेतृत्व वाले गठबंधन को बिना किसी शर्त के समर्थन देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने हासन के इस कदम को तमिलनाडु के कल्याण के लिए एक बड़ा बलिदान बताया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य राज्य में द्रविड़ मॉडल 2.0 सरकार की वापसी सुनिश्चित करना है। यह घोषणा तब हुई जब डीएमके और उसके सहयोगियों ने सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप दे दिया था, जिसमें गठबंधन के सहयोगियों के बीच निर्वाचन क्षेत्रों के बंटवारे की रूपरेखा तय की गई थी।
कमल ने कहा कि पार्टी को दी गई सीटों की संख्या और डीएमके के उगता सूरज चुनाव चिह्न के तहत चुनाव लडऩे के प्रस्ताव से पार्टी संतुष्ट नहीं थी। हासन ने कहा, मौजूदा चुनौतीपूर्ण राजनीतिक माहौल में, हमें दी गई सीटों की संख्या और उगता सूरज चुनाव चिह्न के तहत चुनाव लडऩे का सुझाव न तो मुझे और न ही मक्कल निधि मय्यम के सदस्यों को मंज़ूर है। हासन ने कहा, इसलिए, हम खुले तौर पर और साफ़-साफ़ घोषणा करते हैं कि मक्कल निधि मय्यम 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सीधे तौर पर चुनाव नहीं लड़ेगी, और डीएमकेके नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवारों को बिना किसी शर्त के समर्थन देगी। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने कहा कि कमल हासन ने व्यक्तिगत रूप से अन्ना अरिवलयम में उनसे मुलाक़ात की और उन्हें बताया कि एमएनएम आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन के उम्मीदवारों को बिना किसी शर्त के समर्थन देगी। स्टालिन ने एक पोस्ट में कहा हमने सिर्फ़ दो राजनीतिक आंदोलनों के नेताओं के तौर पर ही नहीं, बल्कि अच्छे दोस्तों के तौर पर बातचीत की और अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा, ‘यह कोई बलिदान नहीं, बल्कि एक फर्ज़़ है’ — लेकिन असल में, उन्होंने जो किया है, वह सचमुच एक बलिदान है।
डीएमके की सत्ता में वापसी होगी : कमल हासन
पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए, हासन ने कहा कि यह फ़ैसला उनकी भावनाओं और विश्वास को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा, आपमें से हर कोई निस्वार्थ राजनीति का एक जीता-जागता उदाहरण है। यह फ़ैसला आपकी भावनाओं और आपके विश्वास के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंन डीएमके की सत्ता में वापसी पर भी भरोसा जताया और कहा कि उन्हें विश्वास है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन से मिलेंगे और उनके शपथ ग्रहण समारोह में उन्हें बधाई देंगे।
पलानीस्वामी ने जारी किया एआईडीएमके का घोषणापत्र
चेन्नई। एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी किया। इसमें विपक्षी पार्टी द्वारा राज्य में सत्ता पुन: प्राप्त करने के प्रयास में प्रमुख वादों और नीतिगत प्राथमिकताओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। अपने चुनावी वादों को आगे बढ़ाते हुए, ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कजग़म ने कहा कि वह चावल राशन कार्ड धारक महिला परिवार प्रमुखों को मुफ्त रेफ्रिजरेटर प्रदान करेगी, जो राज्य भर के परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी उपाय है। पलानीस्वामी ने सत्तारूढ़ द्रविड़ मुन्नेत्र कजग़म पर तीखा हमला करते हुए सरकार पर चेन्नई में कमीशन, वसूली और भ्रष्टाचार का शासन चलाने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि डीएमके के शासनकाल में भ्रष्टाचार एक व्यवस्थित समस्या बन गया था। घोषणापत्र में बैंकों से लिए गए शिक्षा ऋ णों को माफ करने का भी वादा किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य भर के छात्रों और युवा स्नातकों पर वित्तीय बोझ को कम करना है। इसके अलावा, पार्टी ने आश्वासन दिया कि बुजुर्गों और अन्य लाभार्थियों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दी जाएगी। अन्नाद्रमुक ने अपने चुनावी घोषणापत्र में, चावल राशन कार्ड रखने वाले परिवार की महिला प्रमुखों को मुफ्त रेफ्रि जरेटर देने का वादा किया। ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) महासचिव ई. के. पलानीस्वामी 25 मार्च से तीन दिनों तक चेन्नई और उसके आसपास के इलाकों में चुनाव प्रचार करेंगे। पार्टी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। अन्नाद्रमुक ने बताया कि पलानीस्वामी बुधवार को चेन्नई के मायलापुर में भी चुनाव प्रचार करेंगे।



